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एक लाख का इनामी बदमाश देवेंद्र उर्फ गब्बर गिरफ्तार
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लखनऊ। एक लाख रुपये के इनामी व बहराइच से जिला पंचायत सदस्य देवेंद्र प्रताप सिंह उर्फ गब्बर को एसटीएफ ने पीजीआई के सामने से गिरफ्तार किया है। देवेंद्र के साथ उसके साथी व 25 हजार के इनामी मनीष जायसवाल को भी एसटीएफ ने दबोचा है।
एसटीएफ के सीओ अवनीश्वर चंद्र श्रीवास्तव के मुताबिक बहराइच के पयागपुर थाना क्षेत्र के मोहनापुर माखी निवासी देवेंद्र प्रताप सिंह उर्फ गब्बर पर 14 मुकदमे दर्ज हैं। वह पयागपुर से जिला पंचायत सदस्य है। विवादित जमीनों पर कब्जा करने के साथ ही ऐसे मामलों में हस्तक्षेप करके वह रंगदारी वसूलता है। देवेंद्र के खिलाफ लूट व डकैती के पांच मुकदमे न्यायालय में विचाराधीन हैं। अवैध कब्जे, रंगदारी वसूलने व अपहरण के आठ मामलों में देवेंद्र फरार चल रहा था। अयोध्या में भी एक व्यक्ति ने उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
सीओ के मुताबिक, देवेंद्र और उसके साथी मनीष के लखनऊ आने की सूचना मिली थी। पीजीआई के पास लोकेशन मिलने पर एसटीएफ ने घेराबंदी करके दोनों को दबोच लिया गया। देवेंद्र ने पूछताछ में बताया कि निर्दलीय चुनाव लड़कर जिला पंचायत सदस्य निर्वाचित हुआ था। देवेंद्र से पूछताछ में पता चला कि वो अपने साथी मनीष के साथ मिलकर जाली दस्तावेज तैयार करके मकानों पर कब्जा करता था। फिर कब्जा छोड़ने के लिए मोटी रकम वसूलता था। ऐसे ही एक मामले में बहराइच पुलिस ने पिछले साल नगर कोतवाली में देवेंद्र व मनीष के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। फरार चल रहे देवेंद्र पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
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एसटीएफ के सीओ अवनीश्वर चंद्र श्रीवास्तव के मुताबिक बहराइच के पयागपुर थाना क्षेत्र के मोहनापुर माखी निवासी देवेंद्र प्रताप सिंह उर्फ गब्बर पर 14 मुकदमे दर्ज हैं। वह पयागपुर से जिला पंचायत सदस्य है। विवादित जमीनों पर कब्जा करने के साथ ही ऐसे मामलों में हस्तक्षेप करके वह रंगदारी वसूलता है। देवेंद्र के खिलाफ लूट व डकैती के पांच मुकदमे न्यायालय में विचाराधीन हैं। अवैध कब्जे, रंगदारी वसूलने व अपहरण के आठ मामलों में देवेंद्र फरार चल रहा था। अयोध्या में भी एक व्यक्ति ने उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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सीओ के मुताबिक, देवेंद्र और उसके साथी मनीष के लखनऊ आने की सूचना मिली थी। पीजीआई के पास लोकेशन मिलने पर एसटीएफ ने घेराबंदी करके दोनों को दबोच लिया गया। देवेंद्र ने पूछताछ में बताया कि निर्दलीय चुनाव लड़कर जिला पंचायत सदस्य निर्वाचित हुआ था। देवेंद्र से पूछताछ में पता चला कि वो अपने साथी मनीष के साथ मिलकर जाली दस्तावेज तैयार करके मकानों पर कब्जा करता था। फिर कब्जा छोड़ने के लिए मोटी रकम वसूलता था। ऐसे ही एक मामले में बहराइच पुलिस ने पिछले साल नगर कोतवाली में देवेंद्र व मनीष के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। फरार चल रहे देवेंद्र पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
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