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एफएसडीए कोर्ट की सख्ती, घटिया गुणवत्ता का दही बेचने पर लगाया पांच लाख का जुर्माना
Fri, 14 Jun 2019 04:47 PM IST
Amulya Rastogi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: Amulya Rastogi
Updated Fri, 14 Jun 2019 04:47 PM IST
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लखनऊ में घटिया गुणवत्ता का दही बेचने के आरोपी डेयरी संचालक पर एफएसडीए कोर्ट ने पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। ढाई साल पहले लैब जांच में फेल निकले दही के नमूने में मिल्क फैट की मात्रा मानक से 20 फीसदी तक कम मिली थी। न्याय दंडाधिकारी व एडीएम सिटी पूर्वी की कोर्ट ने जुर्माना राशि चुकाने को एक माह की मोहलत दी है।
तय मियाद में राशि सरकारी खजाने में जमा न कराने पर इसकी रिकवरी सक्षम कोर्ट से आरसी जारी कर होगी। एडीएम सिटी पूर्वी वैभव मिश्रा ने बताया कि दिसम्बर 2016 में एफएसडीए ने अलीगंज के सेक्टर-पी में न्यू राज डेयरी से बेचे जा रहे दही का नमूना सीज कर लैब भेजा था। जांच रिपोर्ट में इसमें मिल्क फैट की मात्रा मानक 50 फीसदी से 20 प्रतिशत तक कम पाए जाने पर नमूना अधोमानक (घटिया) श्रेणी में फेल आया था।
रिफरल लैब में जाने की एक माह की मियाद बाद एफएसडीए ने डेयरी संचालक शकील के खिलाफ जुर्माना लगाने को वाद किया। ढाई साल चली सुनवाई के दौरान वह अधिकतर समय पक्ष रखने को कोर्ट के समक्ष न तो प्रस्तुत हुआ, न ही उसने आरोपों पर आपत्ति जताई।
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तय मियाद में राशि सरकारी खजाने में जमा न कराने पर इसकी रिकवरी सक्षम कोर्ट से आरसी जारी कर होगी। एडीएम सिटी पूर्वी वैभव मिश्रा ने बताया कि दिसम्बर 2016 में एफएसडीए ने अलीगंज के सेक्टर-पी में न्यू राज डेयरी से बेचे जा रहे दही का नमूना सीज कर लैब भेजा था। जांच रिपोर्ट में इसमें मिल्क फैट की मात्रा मानक 50 फीसदी से 20 प्रतिशत तक कम पाए जाने पर नमूना अधोमानक (घटिया) श्रेणी में फेल आया था।
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रिफरल लैब में जाने की एक माह की मियाद बाद एफएसडीए ने डेयरी संचालक शकील के खिलाफ जुर्माना लगाने को वाद किया। ढाई साल चली सुनवाई के दौरान वह अधिकतर समय पक्ष रखने को कोर्ट के समक्ष न तो प्रस्तुत हुआ, न ही उसने आरोपों पर आपत्ति जताई।
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