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Lucknow News: हादसे में घायल लोगों के लिए 17 अस्पतालों में मिलेगा मुफ्त इलाज
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प्रतीकात्मक।
लखनऊ। सड़क दुर्घटना में घायल पीड़ितों को डेढ़ लाख रुपये तक का मुफ्त कैशलेस इलाज मिलेगा। केंद्र सरकार ने इस संबंध में 13 फरवरी 2026 को जारी शासनादेश को सभी जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को भेजा था। यह कार्रवाई एक शिकायत के बाद की गई है।
यह मामला 4 मई को लखनऊ में हुए एक सड़क हादसे से जुड़ा है। इसमें पडरौना की प्रीति जायसवाल गंभीर रूप से घायल हो गई थीं। उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। पडरौना निवासी अधिवक्ता सुमित जायसवाल ने अस्पताल से पीएम राहत योजना के तहत मुफ्त इलाज की मांग की। अस्पताल ने योजना की जानकारी न होने की बात कहकर मुफ्त इलाज करने से इन्कार कर दिया। लखनऊ के अधिकारियों ने भी अनभिज्ञता जताई। इसके बाद सुमित ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय से शिकायत की। मंत्रालय ने इसे गंभीरता से लिया।
केंद्र का निर्देश और योजना का विवरण
शिकायत पर सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के सचिव वी उमाशंकर ने सभी जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को पत्र जारी किया। उन्होंने 13 फरवरी 2026 के आदेश का पालन सुनिश्चित करने को कहा। इस आदेश के तहत सड़क हादसे में घायल व्यक्ति का डेढ़ लाख रुपये तक का इलाज मुफ्त और कैशलेस होगा। इसके लिए हादसे की रिपोर्ट संबंधित थाने में दर्ज होनी चाहिए। लखनऊ जिलाधिकारी के निर्देश पर प्रीति को अब निशुल्क इलाज मिल रहा है।
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जिले में अभी तक 17 अस्पतालाें से अनुबंध
स्वास्थ्य विभाग ने हादसे में जख्मी मरीजों को डेढ़ लाख रुपये तक मुफ्त इलाज मुहैया कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने 33 अस्पतालों से अनुबंध करने की तैयारी किया था। पूरी रिपोर्ट सांचीज को भेजी गई थी। सांचीज ने कटौती करते हुए महज 17 अस्पतालों से अनुबंध करने को कहा है। सीएमओ डॉ. एनबी सिंह का कहना है हाइवे से सटे बड़े अस्पतालों से अनुबंध किया गया है। जहां पर सभी विधा के विशेषज्ञ आसानी से मिल सके।
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यह मामला 4 मई को लखनऊ में हुए एक सड़क हादसे से जुड़ा है। इसमें पडरौना की प्रीति जायसवाल गंभीर रूप से घायल हो गई थीं। उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। पडरौना निवासी अधिवक्ता सुमित जायसवाल ने अस्पताल से पीएम राहत योजना के तहत मुफ्त इलाज की मांग की। अस्पताल ने योजना की जानकारी न होने की बात कहकर मुफ्त इलाज करने से इन्कार कर दिया। लखनऊ के अधिकारियों ने भी अनभिज्ञता जताई। इसके बाद सुमित ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय से शिकायत की। मंत्रालय ने इसे गंभीरता से लिया।
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केंद्र का निर्देश और योजना का विवरण
शिकायत पर सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के सचिव वी उमाशंकर ने सभी जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को पत्र जारी किया। उन्होंने 13 फरवरी 2026 के आदेश का पालन सुनिश्चित करने को कहा। इस आदेश के तहत सड़क हादसे में घायल व्यक्ति का डेढ़ लाख रुपये तक का इलाज मुफ्त और कैशलेस होगा। इसके लिए हादसे की रिपोर्ट संबंधित थाने में दर्ज होनी चाहिए। लखनऊ जिलाधिकारी के निर्देश पर प्रीति को अब निशुल्क इलाज मिल रहा है।
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जिले में अभी तक 17 अस्पतालाें से अनुबंध
स्वास्थ्य विभाग ने हादसे में जख्मी मरीजों को डेढ़ लाख रुपये तक मुफ्त इलाज मुहैया कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने 33 अस्पतालों से अनुबंध करने की तैयारी किया था। पूरी रिपोर्ट सांचीज को भेजी गई थी। सांचीज ने कटौती करते हुए महज 17 अस्पतालों से अनुबंध करने को कहा है। सीएमओ डॉ. एनबी सिंह का कहना है हाइवे से सटे बड़े अस्पतालों से अनुबंध किया गया है। जहां पर सभी विधा के विशेषज्ञ आसानी से मिल सके।