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सरकारी अस्पतालों में भर्ती मरीजों को अब बिना शुल्क मिलेगा खून, बस लाना होगा ब्लड डोनर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Thu, 18 Oct 2018 11:32 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
उत्तर प्रदेश के सभी सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में भर्ती मरीजों को ब्लड बैंक से मुफ्त में खून मिलेगा। मरीजों को सिर्फ खून के लिए रक्तदाता की व्यवस्था करनी होगी। प्रोसेसिंग फीस उससे नहीं ली जाएगी। मरीजों के पक्ष में प्रोसेसिंग फीस की प्रतिपूर्ति के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) ने सभी मेडिकल कॉलेजों और सरकारी अस्पतालों को धनराशि का भुगतान कर दिया है।
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प्रदेश के सरकारी अस्पतालों व मेडिकल कॉलेजों में कुल 93 ब्लड बैंक हैं। अभी यहां से भर्ती मरीजों को होल ब्लड और पैक्ड रेड सेल्स के लिए 400-400 रुपये, फ्रेश फ्रोजन प्लाज्मा और प्लेटलेट्स के लिए 200-200 रुपये, क्रायोप्रेसिपिटेट के लिए 100 रुपये शुल्क देना होता है। जबकि न्यूक्लिक एसिड टेस्ट के लिए 1200 रुपये का भुगतान करना होता है।
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राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के निदेशक पंकज कुमार ने सभी मेडिकल कॉलेजों, चिकित्सा संस्थानों, सरकारी अस्पतालों को शुल्क न लेने के निर्देश जारी कर दिए हैं। इस फैसले से मरीजों को राहत मिलेगी।
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इसी तरह जननी शिशु सुरक्षा योजना की लाभार्थी, हीमोफीलिया, थैलेसीमिया और सिकल सेल के मरीजों को भी राहत दी गई है। इन मरीजों को न तो शुल्क देना होगा और न ही खून लेने के लिए रक्तदाता की व्यवस्था करनी होगी। इन्हें जरूरत के अनुसार खून ब्लड बैंक से दिया जाएगा। यदि ये मरीज किसी निजी अस्पताल में भर्ती हैं और उन्हें खून की जरूरत है तो उनका सरकारी अस्पताल में पंजीकृत होना जरूरी होगा।
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अस्पतालों व मेडिकल कॉलेजों को दिए जा चुके हैं निर्देश
एनएचएम निदेशक के अनुसार सभी अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों को इसके निर्देश दिए जा चुके हैं। इस सुविधा की जानकारी उन्हें सूचना पट के माध्यम से देनी होगी। जिससे मरीजों को इसकी जानकारी हो सके।