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जमीन के नाम पर 17.75 करोड़ रुपये ठगने का केस

Sat, 17 Aug 2019 01:33 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 17 Aug 2019 01:33 AM IST
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Fraud on behalf of selling plot
जमीन के नाम पर 1.77 करोड़ रुपये ठगने की आरोपी रीयल एस्टेट कंपनियों पर केस
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गोमतीनगर थाने में रीयल एस्टेट कंपनी ग्रीन लाइफ इन्फ्रास्ट्रक्चर डवलपमेंट कारपोरेशन के निदेशक शिवेंद्र सिंह और देवेंद्र प्रताप सिंह व उनके एजेंट के खिलाफ जमीन का झांसा देकर 97.50 लाख रुपये ठगने का केस दर्ज कराया गया है।
इंस्पेक्टर राम सूरत सोनकर ने बताया कि सुल्तानपुर निवासी योगेंद्र सिंह और वास्तुखंड के राजेंद्र निषाद ने जमीन के लिए कंपनी संचालकों को रुपये दिए थे। केस दर्ज कर जांच की जा रही है।
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इसके अलावा अलीगंज में घरौंदा ग्रुप के एमडी मो. कलीम पर 25 लाख रुपये और वजीरगंज में एक निजी कंपनी के संचालक विनय व उनकी पत्नी वर्षा पर प्लॉट का झांसा दे 55 लाख रुपये डकारने की एफआईआर दर्ज कराई गई है। चारों मामलों में कुल 1.77 करोड़ रुपये ठगे गए हैं।
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योगेंद्र के मुताबिक वह अपने पड़ोसी गांव के जेपी निषाद के माध्यम से ग्रीन लाइफ कंपनी के निदेशकों से उनके गोमतीनगर के विकासखंड स्थित कार्यालय में मिला था।
जेपी ने उसे जमीन दिखाई जहां ग्रीन लाइफ का बोर्ड लगा हुआ था। उसका कहना था कि कंपनी छह महीने में जमीन पर कब्जा दे देगी।
उसकी बातों पर भरोसा करके योगेंद्र ने रुपया दे दिया। हालांकि, जमीन नहीं मिली। रुपया वापस मांगने का दबाव डालने पर कंपनी के संचालक लखनऊ छोड़कर भाग गए।
योगेंद्र ने बताया कि ठग शिवेंद्र व देवेंद्र मूलत अमेठी के सरवनपुर मुहल्ले के रहने वाले हैं और इस वक्त गाजियाबाद के इंदिरापुरम स्थित अभयखंड में रह रहे हैं।
इसी तरह वास्तुखंड निवासी व मूलरूप से आजमगढ़ के रहने वाले राजेंद्र निषाद ने ग्रीन लाइफ कंपनी के निदेशक अमेठी निवासी शिवेंद्र प्रताप सिंह, उसके भाई देवेंद्र, शिवेंद्र के बेटे अभिषेक सिंह, मोहनलालगंज के नूरपुर बेहटा निवासी काश्तकार माता प्रसाद व राम विलास यादव, अमेठी निवासी आनंद तिवारी के खिलाफ जमीन के नाम पर 69.50 लाख रुपये ठगने का केस दर्ज कराया है।
राजेंद्र ने बताया कि जेपी निषाद ने कंपनी के संचालकों से मुलाकात कराई थी। उसने कहा था कि कंपनी 80 एकड़ में कॉलोनी बनाने जा रही है।
वर्ष 2016 में राजेंद्र ने कंपनी संचालकों से अनुबंध कर उन्हें कई किस्त में रुपया दिया। रुपया देने के बाद रजिस्ट्री के लिए कहा तो संचालक टालमटोल करते रहे।
दबाव डालने पर कुछ प्लाट की रजिस्ट्री की तो पता चला कि उक्त प्लाट की रजिस्ट्री दूसरों के नाम पर भी की गई थी।
राजेंद्र का आरोप है कि वह शिकायत करने कंपनी के कार्यालय पहुंचे तो देवेंद्र ने लाइसेंसी रिवाल्वर तानकर जान से मारने की धमकी दी।
उधर, जमीन के नाम पर ठगी के एक अन्य मामले में अलीगंज निवासी लालता प्रसाद ने घरौंदा ग्रुप ऑफ कंपनी के संचालकों पर 25 लाख रुपये डकारने के आरोप में केस दर्ज कराया है।
पीड़ित का कहना है कि इंजीनियरिंग कॉलेज चौराहा के एक प्लाजा पर स्थित कंपनी के कार्यालय में एमडी मो. कलीम से मुलाकात कर 70 लाख रुपये में भूखंड खरीदने का सौदा तय किया था।
उन्होंने 25 लाख रुपये दिए लेकिन मो. कलीम ने रजिस्ट्री नहीं की। बाद में धोखाधड़ी के बारे में पता चला तो उन्होंने केस दर्ज कराया।
इसी तरह वजीरगंज थाना में इंदिरानगर निवासी शिशिर चंद्रा ने जमीन के नाम पर 55 लाख रुपये हड़पने का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज कराया गया है।
शिशिर चंद्रा का कहना है कि विभूतिखंड स्थित ओमेक्स हाइट्स निवासी विनय कुमार व उनकी पत्नी वर्षा विनय कुमार मेसर्स स्टेलर पॉलीप्लास्ट नाम से कंपनी चलाते हैं जिसमें प्लास्टिक उत्पादन व आपूर्ति की जाती है।

ठग दंपती ने करीब आठ साल पहले चिनहट के कंचनपुर मटियारी में अपनी 1645 वर्ग मीटर जमीन बेचने की बात कहकर उनसे रुपया लिया था। बाद में पता चला कि उन्होंने उक्त जमीन को विनोद सिंह को डेढ़ करोड़ रुपये में बेच दिया है।
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