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जालसाज दंपती ने बेरोजगारों से लाखों रुपये हड़पे, मुकदमा दर्ज
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जालसाज दंपती ने नौकरी पर रखकर वेतन हड़पा, महिला कर्मचारियों से बदसुलूकी
बेरोजगारों की शिकायत पर एसएसपी के आदेश पर हुसैनगंज थाने की पुलिस ने हरदोई निवासी जालसाज दंपती डॉ. राज्यवर्धन सिंह व सुचेता राज के खिलाफ केस दर्ज किया है।
जालसाज ने हुसैनगंज इलाके में एपेक्स चैंबर में कमला मिल्क जैविक खाद के नाम से कार्यालय खोला था। युवक-युवतियों को नौकरी पर रखा और काम कराने के बाद वेतन हड़प लिया।
वेतन मांगने पर महिला कर्मचारियों से बदसुलूकी की। इसके बाद पीड़ितों ने एसएसपी कलानिधि नैथानी से गुहार लगाई थी।
चौक की कहकशां के मुताबिक, आरोपी ने अपनी फर्म को अर्ध सरकारी बताते हुए विभिन्न पदों के लिए आवेदन मांगे थे। पीड़िता के अलावा मोना सिंह, विनीत मिश्रा, चांदनी, अमित कश्यप व विनोद मणि त्रिपाठी ने आवेदन किया था।
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राज्यवर्धन सिंह ने इंटरव्यू लेकर जॉइनिंग लेटर थमाए थे। मार्च महीने में आरोपी ने युवक-युवतियों से 35 हजार रुपये सिक्योरिटी मनी के तौर पर जमा करने को कहा।
जबकि कुछेक से एक लाख रुपये की सिक्योरिटी जमा कराई। जालसाज ने 50 हजार से 15 हजार रुपये के बीच सैलरी देने का वादा किया था।
तीन साल पहले बनारस से जा चुका है जेल
राज्यवर्धन सिंह बनारस से तीन साल पहले जेल जा चुका है। उसने बनारस के सिगरा थानाक्षेत्र के रथयात्रा कॉम्प्लेक्स में दफ्तर खोला था और पत्नी के साथ मिलकर बेरोजगारों से 50 लाख रुपये की ठगी की थी। नवंबर 2016 में शिकायत मिलने पर सिगरा पुलिस ने जालसाज दंपती को जेल भेजा था।
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बेरोजगारों की शिकायत पर एसएसपी के आदेश पर हुसैनगंज थाने की पुलिस ने हरदोई निवासी जालसाज दंपती डॉ. राज्यवर्धन सिंह व सुचेता राज के खिलाफ केस दर्ज किया है।
जालसाज ने हुसैनगंज इलाके में एपेक्स चैंबर में कमला मिल्क जैविक खाद के नाम से कार्यालय खोला था। युवक-युवतियों को नौकरी पर रखा और काम कराने के बाद वेतन हड़प लिया।
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वेतन मांगने पर महिला कर्मचारियों से बदसुलूकी की। इसके बाद पीड़ितों ने एसएसपी कलानिधि नैथानी से गुहार लगाई थी।
चौक की कहकशां के मुताबिक, आरोपी ने अपनी फर्म को अर्ध सरकारी बताते हुए विभिन्न पदों के लिए आवेदन मांगे थे। पीड़िता के अलावा मोना सिंह, विनीत मिश्रा, चांदनी, अमित कश्यप व विनोद मणि त्रिपाठी ने आवेदन किया था।
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राज्यवर्धन सिंह ने इंटरव्यू लेकर जॉइनिंग लेटर थमाए थे। मार्च महीने में आरोपी ने युवक-युवतियों से 35 हजार रुपये सिक्योरिटी मनी के तौर पर जमा करने को कहा।
जबकि कुछेक से एक लाख रुपये की सिक्योरिटी जमा कराई। जालसाज ने 50 हजार से 15 हजार रुपये के बीच सैलरी देने का वादा किया था।
तीन साल पहले बनारस से जा चुका है जेल
राज्यवर्धन सिंह बनारस से तीन साल पहले जेल जा चुका है। उसने बनारस के सिगरा थानाक्षेत्र के रथयात्रा कॉम्प्लेक्स में दफ्तर खोला था और पत्नी के साथ मिलकर बेरोजगारों से 50 लाख रुपये की ठगी की थी। नवंबर 2016 में शिकायत मिलने पर सिगरा पुलिस ने जालसाज दंपती को जेल भेजा था।