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रिटायर रेलकर्मी से एसबीआई बीमा अधिकारी बन 14 लाख ठगे
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रेलवे से रिटायर मास्टर क्राफ्टमैन से साइबर जालसाजों ने 14 लाख रुपये ठग लिए। इस ठगी को जालसाज ने एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस कंपनी का अधिकारी बन अंजाम दिया। पीड़ित ने आलमबाग थाने में शिकायत की, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। पीड़ित ने कोर्ट में याचिका दायर की जिस पर मुकदमा दर्ज करने का आदेश हुआ। पुलिस केस दर्ज कर जांच कर रही है।
आलमबाग के गढ़ी कनौरा के आरतीनगर निवासी जगन्नाथ प्रसाद विश्वकर्मा लोको वर्कशॉप में मिल राइटशॉप में मास्टर क्राफ्टमैन थे। 31 जनवरी 2019 को वह सेवानिवृत्त हुए। रिटायर होने के बाद जगन्नाथ के एसबीआई पेंशन खाते में 45.17 लाख रुपये मिले। बैंक में ही एक व्यक्ति से मुलाकात हुई। उसने खुद को एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस कंपनी लि. शाहनजफरोड का बिजनेस मैनेजर नागेंद्र मिश्रा बताया। जगन्नाथ के मुताबिक, जालसाज नागेंद्र ने एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस की योजनाएं समझाईं और मोबाइल नंबर व पता लेने के साथ एक फोटो भी खींची। फरवरी में ही नागेंद्र एक अन्य साथी को लेकर जगन्नाथ के घर पहुंचा।
बातों में उलझाकर 5 मार्च 2019 को एक लाख रुपये का चेक लिया। चेक एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस में लगाया। इसके बाद फिर नागेंद्र ने 10 लाख रुपये का चेक हासिल किया। जगन्नाथ ने चेक एसबीआई भरा तो गलती से चेक वापस हो गया। इसके बाद फिर आरोपियों ने 10 व 4 लाख रुपये के दो चेक रिटायर रेलकर्मी से लिए। झांसा दिया कि चेक जमा कर रसीद दे देंगे। जालसाजों ने फर्जीवाड़ा कर अपने खाते में चेक का भुगतान करा लिया। चेक भुगतान होने का मेसेज आने पर पीड़ित को पता चला कि नागेंद्र ने एसबीआई की जगह एसबीआईपीएल नाम की कंपनी में निवेश किया है। इसी बीच नागेंद्र कुमार मिश्रा की गिरफ्तारी की सूचना मिली तो 14 लाख रुपये ठगे जाने का अहसास हुआ। पीड़ित ने आलमबाग व पुलिस आयुक्त कार्यालय में शिकायत की। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उसने कोर्ट में याचिका दायर की। जिस पर कोर्ट ने मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया। प्रभारी निरीक्षक आलमबाग प्रदीप सिंह के मुताबिक मामले की जांच की जा रही है।
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आलमबाग के गढ़ी कनौरा के आरतीनगर निवासी जगन्नाथ प्रसाद विश्वकर्मा लोको वर्कशॉप में मिल राइटशॉप में मास्टर क्राफ्टमैन थे। 31 जनवरी 2019 को वह सेवानिवृत्त हुए। रिटायर होने के बाद जगन्नाथ के एसबीआई पेंशन खाते में 45.17 लाख रुपये मिले। बैंक में ही एक व्यक्ति से मुलाकात हुई। उसने खुद को एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस कंपनी लि. शाहनजफरोड का बिजनेस मैनेजर नागेंद्र मिश्रा बताया। जगन्नाथ के मुताबिक, जालसाज नागेंद्र ने एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस की योजनाएं समझाईं और मोबाइल नंबर व पता लेने के साथ एक फोटो भी खींची। फरवरी में ही नागेंद्र एक अन्य साथी को लेकर जगन्नाथ के घर पहुंचा।
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बातों में उलझाकर 5 मार्च 2019 को एक लाख रुपये का चेक लिया। चेक एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस में लगाया। इसके बाद फिर नागेंद्र ने 10 लाख रुपये का चेक हासिल किया। जगन्नाथ ने चेक एसबीआई भरा तो गलती से चेक वापस हो गया। इसके बाद फिर आरोपियों ने 10 व 4 लाख रुपये के दो चेक रिटायर रेलकर्मी से लिए। झांसा दिया कि चेक जमा कर रसीद दे देंगे। जालसाजों ने फर्जीवाड़ा कर अपने खाते में चेक का भुगतान करा लिया। चेक भुगतान होने का मेसेज आने पर पीड़ित को पता चला कि नागेंद्र ने एसबीआई की जगह एसबीआईपीएल नाम की कंपनी में निवेश किया है। इसी बीच नागेंद्र कुमार मिश्रा की गिरफ्तारी की सूचना मिली तो 14 लाख रुपये ठगे जाने का अहसास हुआ। पीड़ित ने आलमबाग व पुलिस आयुक्त कार्यालय में शिकायत की। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उसने कोर्ट में याचिका दायर की। जिस पर कोर्ट ने मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया। प्रभारी निरीक्षक आलमबाग प्रदीप सिंह के मुताबिक मामले की जांच की जा रही है।
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