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दिवंगत सीआरपीएफ कमांडेंट के परिवारीजनों को मदद का झांसा दे सवा लाख रुपये ठगे
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दिवंगत सीआरपीएफ कमांडेंट के परिवारीजनों को मदद का झांसा दे सवा लाख ठगे
विभूतिखंड में सीआरपीएफ के दिवंगत कोबरा कमांडेंट के परिवारीजनों को मदद का झांसा देकर सवा लाख रुपये ठगने का मामला सामने आया है।
इंस्पेक्टर राजीव द्विवेदी ने बताया कि आजमगढ़ के निजामाबाद स्थित गौसपुर घुरी गांव निवासी विनोद कुमार के भाई सीआरपीएफ में कोबरा कमांडेंट थे।
उनके निधन के बाद मिश्रीलाल मीणा नाम का व्यक्ति मिलने आया। वह सीआरपीएफ की वर्दी पहने था। उसने परिवार को आर्थिक मदद मिलने की जानकारी देते हुए लखनऊ स्थित मुख्यालय चलने को कहा।
उसने कहा कि आर्थिक मदद के रूप में जो रुपये मिलने वाले हैं, उनके टैक्स के रूप में सवा लाख रुपये जमा करने होंगे।
विनोद सवा लाख रुपये लेकर 13 जुलाई की सुबह विभूतिखंड स्थित सीआरपीएफ के मुख्यालय पहुंचे। यहां मिश्रीलाल मीणा ने उनसे माता-पिता की बैंक की पासबुक, आधार कार्ड, पैन कार्ड व रुपये ले लिए।
उसने विनोद को बाहर ही खड़ा कर दिया और खुद सीआरपीएफ कार्यालय जाने की बात कहकर लापता हो गया।
करीब दो-तीन घंटे बाद भी मिश्रीलाल नहीं आया तो विनोद सीआरपीएफ ऑफिस पहुंचे। वहां पूछताछ करने पर उन्हें ठगी का पता चला। विनोद की तरफ से केस दर्ज कर जांच की जा रही है।
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विभूतिखंड में सीआरपीएफ के दिवंगत कोबरा कमांडेंट के परिवारीजनों को मदद का झांसा देकर सवा लाख रुपये ठगने का मामला सामने आया है।
इंस्पेक्टर राजीव द्विवेदी ने बताया कि आजमगढ़ के निजामाबाद स्थित गौसपुर घुरी गांव निवासी विनोद कुमार के भाई सीआरपीएफ में कोबरा कमांडेंट थे।
उनके निधन के बाद मिश्रीलाल मीणा नाम का व्यक्ति मिलने आया। वह सीआरपीएफ की वर्दी पहने था। उसने परिवार को आर्थिक मदद मिलने की जानकारी देते हुए लखनऊ स्थित मुख्यालय चलने को कहा।
उसने कहा कि आर्थिक मदद के रूप में जो रुपये मिलने वाले हैं, उनके टैक्स के रूप में सवा लाख रुपये जमा करने होंगे।
विनोद सवा लाख रुपये लेकर 13 जुलाई की सुबह विभूतिखंड स्थित सीआरपीएफ के मुख्यालय पहुंचे। यहां मिश्रीलाल मीणा ने उनसे माता-पिता की बैंक की पासबुक, आधार कार्ड, पैन कार्ड व रुपये ले लिए।
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उसने विनोद को बाहर ही खड़ा कर दिया और खुद सीआरपीएफ कार्यालय जाने की बात कहकर लापता हो गया।
करीब दो-तीन घंटे बाद भी मिश्रीलाल नहीं आया तो विनोद सीआरपीएफ ऑफिस पहुंचे। वहां पूछताछ करने पर उन्हें ठगी का पता चला। विनोद की तरफ से केस दर्ज कर जांच की जा रही है।
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