देखें, क्या हुआ जब बेरोजगारों के हत्थे चढ़े नौकरी का झांसा देने वाले ठग पति-पत्नी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इसके बाद पैसा लेकर जालसाज दंपती चंपत हो गए। दोनों का मोबाइल भी बंद था। पीड़ितों ने रविवार दोपहर आरोपी पति-पत्नी को उनके किराए के घर से दबोच लिया। इसके बाद दोनों की जमकर धुनाई की और पुलिस के हवाले कर दिया।
पुलिस ने पीड़ित युवकों की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी दंपती को हिरासत में ले लिया है। पीड़ितों ने पुलिस को बताया कि आरोपियों ने प्रत्येक बेरोजगार से नौकरी दिलाने के नामा पर 26 हजार रुपये ऐंठे थे।
पुलिस के अनुसार, ठग दंपती ने क्लासिकल मैनेजमेंट मार्केटिंग प्राइवेट लिमिटेड के नाम से छह महीने पहले कंपनी खोली थी। कल्ली पश्चिम, हरदोई रोड, सिसेंडी, गंगागंज व समेसी में इसकी शाखाएं खोली गईं।
कंपनी की निदेशक बनारस की प्रतिभा भारती व उसके पति रीजनल मैनेजर हीरालाल भारती ने पहले तो बेरोजगार युवकों को 26 हजार रुपये में अच्छी नौकरी दिलाने का झांसा दिया। इसके बाद चेन बनाने पर मोटा कमीशन भी देने का लालच दिया।
धीरे-धीरे बेरोजगार युवकों की संख्या इस चेन में बढ़ने लगी। कुछ युवकों को कमीशन भी मिला लेकिन, अचानक उनके खातों में कंपनी से आने वाली रकम बंद हो गई। इसकी शिकायत डायरेक्टर और रीजनल मैनेजर से की। पहले टालमटोल चलता रहा फिर दोनों ने युवकों का फोन उठाना बंद कर दिया।
जब्त डायरी से मिले दर्जनों जालसाजों के नाम
इस पर दो दर्जन से अधिक युवक रविवार दोपहर ठग दंपती के किराए के घर पर पहुंच गए और धुनाई कर पुलिस के हवाले कर दिया। मोहनलालगंज थाने पहुंचे हरदोई के मोहित कुमार ने बताया कि उनसे कंपनी ने 85 हजार व अनिल कुमार का 26 हजार रुपये हड़प लिया।
वहीं, उन्नाव के तालिब अली से एक लाख, निहाल सिद्दीकी, सुमन, प्रीति वर्मा, अंशू रावत, बालेंद्र पाल, मनीष पाल, निशा, अमिता, प्रमोद, कंचन यादव सहित ढाई से तीन सौ युवकों से 26-26 हजार रुपये ऐंठ लिए।
जालसाजों के झांसे में आए बेरोजगार युवकों ने कंपनी की डायरेक्टर प्रतिभा भारती व उसके पति हीरालाल की डायरी भी पुलिस को सौंपी। इसमें कंपनी से जुड़े दो दर्जन से अधिक लोगों के पद और नाम की जानकारी हुई।
पीड़ितों ने आरोप लगाया कि कंपनी का बड़ा नेटवर्क प्रदेश के सभी जिलों में है। इनके निशाने पर ज्यादातर ग्रामीण इलाकों के ही युवक होते हैं। कंपनी के अधिकारियों ने मोहनलालगंज कस्बे और आसपास इलाकों में कई मकान किराए पर लिए है।
इनमें ज्यादातर मकान सामान बेचने के लिए गोदाम बनाने और कर्मचारियों के रहने के नाम पर लिए गए हैं। रविवार को जब कस्बे में युवकों ने हंगामा किया तो मकान मालिक ने बताया कि दोनों ने कंपनी का सामान रखने और खुद के रहने के लिए किराए पर मकान लिया था। इंस्पेक्टर शैलेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। अन्य आरोपियों की तलाश भी की जा रही है।