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लखनऊ : सहायक प्रोफेसर व बैंककर्मी समेत चार पर ठगी का केस, ओमेक्स मेट्रो सिटी में प्लॉट के फर्जी दस्तावेज बना करा लिया 70 लाख का लोन
Fri, 03 Dec 2021 02:55 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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Published by: लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 03 Dec 2021 02:55 PM IST
सार
जमीन दिलाने के नाम पर शकुंतला मिश्रा विश्वविद्यालय के विभागाध्यक्ष से उनके ही विश्वविद्यालय के सहायक प्रोफेसर व बैंककर्मी समेत चार लोगों ने मिलकर कई लाख की ठगी की। उसी जमीन के फर्जी दस्तावेज तैयार कराकर बैंक से लोन भी करा लिया।
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ठगी (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
जमीन दिलाने के नाम पर शकुंतला मिश्रा विश्वविद्यालय के विभागाध्यक्ष से उनके ही विश्वविद्यालय के सहायक प्रोफेसर व बैंककर्मी समेत चार लोगों ने मिलकर कई लाख की ठगी की। उसी जमीन के फर्जी दस्तावेज तैयार कराकर बैंक से लोन भी करा लिया। पीड़ित प्रोफेसर ने आशियाना थाने में केस दर्ज कराया है।
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प्रभारी निरीक्षक आशियाना धीरज कुमार शुक्ला के मुताबिक, तालकटोरा के राजाजीपुरम निवासी शशिभूषण यादव शकुंतला मिश्रा पुनर्वास विश्वविद्यालय में विभागाध्यक्ष हैं। शशि भूषण के मुताबिक, उनके साथी व विश्वविद्यालय में सहायक प्रोफेसर प्रवीण कुमार मिश्रा ने उनको कन्नौज के सकरहनी स्थित गढ़िया निवासी अजय कुमार सिंह से मुलाकात कराई। अजय प्रॉपर्टी का काम करते हैं। उनका कार्यालय 115 ओमेक्स एवेन्यू में है। आरोप है कि प्रवीण उनको लेकर अजय के कार्यालय गए जहां जमीन के बारे में बातचीत हुई।
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अजय ने नोएडा निवासी नितिन मिश्रा का एक प्लॉट ओमेक्स मेट्रो सिटी में होने की बात कही, उसे दिखाया। पसंद आने पर सौदा 86 लाख रुपये में तय हुआ। शशिभूषण के मुताबिक, परिजनों से सलाह में तय हुआ कि प्लॉट बैंक से लोन लेकर खरीदा जाएगा। लेकिन अजय सिंह ने सौदे के दौरान एक शर्त रखी कि दस प्रतिशत नकद मिलने के बाद ही एग्रीमेंट किया जाएगा। इसके बाद अक्तूबर में शशि भूषण ने 8,60,000 रुपये बैंक ऑफ बड़ौदा के खाते में जमा करा दिया। इसके बाद 5.40 लाख रुपये का चेक अजय कुमार सिंह के खाते में भुगतान के लिए दिया।
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फर्जीवाड़ा कर करा लिया 70 लाख का लोन
आरोप है कि अजय व प्रवीण ने शशि भूषण का परिचय पीएनबीएचएफएल के कर्मचारी कामाद शुक्ला से कराया। इसके पहले अजय सिंह व आशुतोष सिंह ने कामाद शुक्ला से मिलकर पेपर तैयार कराए। इन लोगों ने मेरे दस्तखत कराए हुए 10 सादे कागज भी उसमें शामिल कर लिए जिसे बैंककर्मी कामाद शुक्ला को दिया। इन पेपरों से 70 लाख रुपये का लोन करा लिया गया। अजय से कई बार एग्रीमेंट मांगा लेकिन वह टालमटोल करने लगा। संदेह होने पर नितिन मिश्रा के मोबाइल पर बात की तो उसने बताया कि वह प्लॉट बेच ही नहीं रहा है। इसके बाद शशिभूषण ने बैंक जाकर चेक का भुगतान रुकवा दिया। लेकिन तब तक करीब 14 लाख रुपये जालसाजों ने हड़प लिए। प्रभारी निरीक्षक धीरज कुमार शुक्ला के मुताबिक, पीड़ित की तहरीर पर सहायक प्रोफेसर प्रवीण मिश्रा, बैंककर्मी कामाद शुक्ला, प्रॉपर्टी डीलर अजय कुमार सिंह और आशुतोष कुमार सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले की जांच की जा रही है।