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दिल्ली की कंपनी को पानी की टंकी बनाने का ठेका देकर 1.86 करोड़ ठगे
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लखनऊ। पेयजल व स्वच्छता मंत्रालय और ग्रामीण विकास मंत्रालय का फर्जी टेंडर दिखाकर दिल्ली की कंपनी से जालसाजों ने 1.86 करोड़ रुपये ठग लिए। यह रकम कंपनी को प्रदेश के 75 जिलों में 1250 पानी की टंकी बनाने का ठेका देने के नाम पर हड़पी गई। पीड़ित ने जालसाज कंपनी आरएस एसोसिएट्स के मलिक सहित आठ पर केस दर्ज कराया है। पुलिस के मुताबिक, कंपनी के मालिक सहित तीन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
प्रभारी निरीक्षक गोमतीनगर धीरज कुमार के मुताबिक, घनश्याम दास अपने परिवार के साथ नई दिल्ली के उत्तमनगर में रहते हैं। घनश्याम के मुताबिक, अशोक विहार में सेम्स एचआर सर्विसेज प्रा. लि. नामक कंपनी में वह जीएम के पद पर तैनात हैं। कंपनी ने उत्तरप्रदेश के75 जिलों में 1250 सोलर पंप चलित 5000 लीटर की क्षमता वाली पानी की टंकी लगाने के प्रोजेक्ट के तहत ठेका मिला था। कंपनी को यह ठेका गोमतीनगर स्थित आरएस एसोसिएट्स एंड संस कंपनी के साथ अनुबंध के तहत मिला था। उनकी कंपनी ने आरएस एसोसिएट्स के मालिक सुरेश वर्मा को सिक्योरिटी मनी के रूप में 33.75 लाख रुपये का भुगतान किया था। इसके अलावा 52 लाख रुपये अलग से भुगतान किए। ठेका दिलाने के लिए कमीशन के रूप में सुरेश के सहयोगी जबलपुर निवासी जितेंद्र यादव को 5.40 लाख रुपये दिए थे।
2200 करोड़ रुपये का काम मिलने का दिया था भरोसा
घनश्याम दास का आरोप है कि कंपनी के मालिक सुरेश का बेटा घनश्याम वर्मा, बलवंत सिंह, अरविंद सिंह, पंकज सैनी, जितेंद्र यादव और अश्वनी कुमार ने बताया कि भारत सरकार के मंत्रालय से उनके प्रोजेक्ट को स्वीकृति मिल चुकी है। इस काम के लिए सरकार ने 2200 करोड़ रुपये आरएस फाउंडेशन को दिया है। फाउंडेशन के ट्रस्टी घनश्याम वर्मा, कलावती वर्मा यह काम आरएस एसोसिएट्स एंड संस के नाम से करते हैं। अनुबंध के बाद कंपनी ने एटा जिले में 1.86 करोड़ रुपये का काम किया। इसका भुगतान करने को कहा गया तो कंपनी के मालिक सुरेश वर्मा ने कंपनी को भुगतान करने की बात कही थी। इसके लिए उन्होंने चेक दिया जो भुगतान के लिए बैंक में लगाते ही बाउंस कर गया।
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प्रभारी निरीक्षक धीरज कुमार के मुताबिक, घनश्याम दास की तहरीर पर सुरेश वर्मा, घनश्याम वर्मा, कलावती वर्मा, अरविंद सिंह, बलवंत सिंह, पंकज सैनी, जितेंद्र कुमार यादव, अश्वनी कुमार के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया है। आरोपी सुरेश वर्मा, अरविंद सिंह और बलवंत सिंह को पुलिस ने पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।
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प्रभारी निरीक्षक गोमतीनगर धीरज कुमार के मुताबिक, घनश्याम दास अपने परिवार के साथ नई दिल्ली के उत्तमनगर में रहते हैं। घनश्याम के मुताबिक, अशोक विहार में सेम्स एचआर सर्विसेज प्रा. लि. नामक कंपनी में वह जीएम के पद पर तैनात हैं। कंपनी ने उत्तरप्रदेश के75 जिलों में 1250 सोलर पंप चलित 5000 लीटर की क्षमता वाली पानी की टंकी लगाने के प्रोजेक्ट के तहत ठेका मिला था। कंपनी को यह ठेका गोमतीनगर स्थित आरएस एसोसिएट्स एंड संस कंपनी के साथ अनुबंध के तहत मिला था। उनकी कंपनी ने आरएस एसोसिएट्स के मालिक सुरेश वर्मा को सिक्योरिटी मनी के रूप में 33.75 लाख रुपये का भुगतान किया था। इसके अलावा 52 लाख रुपये अलग से भुगतान किए। ठेका दिलाने के लिए कमीशन के रूप में सुरेश के सहयोगी जबलपुर निवासी जितेंद्र यादव को 5.40 लाख रुपये दिए थे।
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2200 करोड़ रुपये का काम मिलने का दिया था भरोसा
घनश्याम दास का आरोप है कि कंपनी के मालिक सुरेश का बेटा घनश्याम वर्मा, बलवंत सिंह, अरविंद सिंह, पंकज सैनी, जितेंद्र यादव और अश्वनी कुमार ने बताया कि भारत सरकार के मंत्रालय से उनके प्रोजेक्ट को स्वीकृति मिल चुकी है। इस काम के लिए सरकार ने 2200 करोड़ रुपये आरएस फाउंडेशन को दिया है। फाउंडेशन के ट्रस्टी घनश्याम वर्मा, कलावती वर्मा यह काम आरएस एसोसिएट्स एंड संस के नाम से करते हैं। अनुबंध के बाद कंपनी ने एटा जिले में 1.86 करोड़ रुपये का काम किया। इसका भुगतान करने को कहा गया तो कंपनी के मालिक सुरेश वर्मा ने कंपनी को भुगतान करने की बात कही थी। इसके लिए उन्होंने चेक दिया जो भुगतान के लिए बैंक में लगाते ही बाउंस कर गया।
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प्रभारी निरीक्षक धीरज कुमार के मुताबिक, घनश्याम दास की तहरीर पर सुरेश वर्मा, घनश्याम वर्मा, कलावती वर्मा, अरविंद सिंह, बलवंत सिंह, पंकज सैनी, जितेंद्र कुमार यादव, अश्वनी कुमार के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया है। आरोपी सुरेश वर्मा, अरविंद सिंह और बलवंत सिंह को पुलिस ने पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।