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बांग्लादेशी अपराधी के साथ मिलकर जाली नोट सप्लाई मामले में आरोपी को चार साल की सजा

Wed, 24 Mar 2021 01:37 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 24 Mar 2021 01:37 AM IST
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four years prison in case of fake curency
लखनऊ। बांग्लादेशी अपराधी के साथ मिलकर चार लाख 60 हजार के जाली नोट खपाने के प्रयास के आरोपी विवेक राजपूत उर्फ गुरुदेव और रजनीश यादव को दोषी ठहराकर एनआईए के विशेष न्यायाधीश ने चार साल की कैद और 5 हजार के जुर्माने से दंडित किया है। मामले की रिपोर्ट 24 अगस्त 2018 को हसनगंज थाने में दर्ज कराई गई थी।
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कोर्ट में सरकारी वकील ने बताया कि एसटीएफ ने आरोपी शिवभजन गुप्ता, विवेक राजपूत, कुलदीप गुप्ता और रजनीश यादव को 4 लाख 60 हजार के जाली नोट के साथ गिरफ्तार किया था। इसके बाद एनआईए ने 18 सितम्बर 2019 को मामला दर्ज कर विवेचना अपने हाथ में ले ली थी जिसमें पता चला कि आरोपियों को जाली नोट अब्दुल सलाम से मिले थे जिसे जियाउल हक ने दिया था।
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विवेचना में पता चला कि जियाउल हक को बांग्लादेशी गजलू मियां ने जाली नोट भारत में चलाने के लिए दिया था। एनआईए ने मामले की विवेचना के बाद 6 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दायर की जबकि बांग्लादेशी गजलू हत्थे नहीं चढ़ा। वहीं एनआईए अभी भी गजलू के खिलाफ विवेचना कर रही है। कोर्ट में अभी भी जियाउल हक, शिवभजन, कुलदीप गुप्ता और अब्दुल सलाम का केस चल रहा है जबकि कोर्ट ने रजनीश यादव और विवेक राजपूत के मामले में सजा सुनाई है।
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