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UP: बात सुन लेता अब्दुल्ला, तो चारों जिंदा होते, इकलौते बेटे की मौत पर मां के मुंह से निकला, या खुदा मेरे...
Mon, 04 Sep 2023 11:39 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: शाहरुख खान
Updated Mon, 04 Sep 2023 11:39 AM IST
सार
लखनऊ के मदेयगंज के कुम्हारन टोला निवासी अब्दुल्ला, उसकी पत्नी सायमा, चचेरी बहनें मरियम और बुतुल की पीलीभीत में हुए सड़क हादसे में मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलने के बाद से चचेरा भाई फैज एक ही रट लगाए था कि रात में जाने से मना किया था। अगर अब्दुल्ला हमारी बात सुन लेता तो सभी की जान बच गई होती।
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road accident
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पीलीभीत के पूरनपुर में असम हाईवे के किनारे खड़े मिनी ट्रक (डीसीएम) से टकराने पर कार सवार लखनऊ के मोहल्ला खदरा निवासी अब्दुल्ला, उनकी पत्नी साइमा और दो चचेरी बहनों की मौत हो गई। सेहारामऊ उत्तरी थाना क्षेत्र में कजरी निरंजनपुर के पास रविवार तड़के तीन बजे हुए हादसे में अब्दुल्ला की बेटी और चचेरा भाई घायल हो गए।
ये लोग नैनीताल घूमने जा रहे थे। अब्दुल्ला लखनऊ के एक प्राइवेट अस्पताल में अकाउंटेंट थे। तीन साल पहले उनकी शादी उन्नाव की साइमा राहत उर्फ अमरीन से हुई थी। अब्दुल्ला पत्नी, आठ माह की बेटी अभीया, चाचा नसीम की बेटी बुतुल और दूसरे चाचा इजहार की बेटी मरियम और बेटे आमीन के साथ नैनीताल जाने के लिए शनिवार रात 11 बजे लखनऊ से ऑल्टो कार से निकले थे।
रविवार की छुट्टी में घूमने के लिए परिवार को पहले पीलीभीत में चूका बीच जाना था। शाहजहांपुर जिले की सीमा से तीन किलोमीटर आगे निकलने के बाद गांव कजरी निरंजनपुर के पास कार हाईवे किनारे खराब खड़े मिनी ट्रक से टकरा गई। सूचना पर पहुंची पुलिस को कार में अब्दुल्ला की बेटी अभीया और आमीन (18) ही जिंदा मिले।
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कार चला रहे अब्दुल्ला (26), पत्नी साइमा (23), बुतुल (21) और मरियम (22) की मौत हो चुकी थी। पुलिस ने घायल अभीया और आमीन को पहले सीएचसी और वहां से जिला अस्पताल भिजवाया। बाद में उन्हें लखनऊ ले जाया गया। पीलीभीत पहुंचे चाचा नसीम ने बताया कि सुबह आठ बजे अब्दुल्ला के फोन से की गई कॉल से ही उन्हें हादसे की सूचना मिली।
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ये लोग नैनीताल घूमने जा रहे थे। अब्दुल्ला लखनऊ के एक प्राइवेट अस्पताल में अकाउंटेंट थे। तीन साल पहले उनकी शादी उन्नाव की साइमा राहत उर्फ अमरीन से हुई थी। अब्दुल्ला पत्नी, आठ माह की बेटी अभीया, चाचा नसीम की बेटी बुतुल और दूसरे चाचा इजहार की बेटी मरियम और बेटे आमीन के साथ नैनीताल जाने के लिए शनिवार रात 11 बजे लखनऊ से ऑल्टो कार से निकले थे।
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रविवार की छुट्टी में घूमने के लिए परिवार को पहले पीलीभीत में चूका बीच जाना था। शाहजहांपुर जिले की सीमा से तीन किलोमीटर आगे निकलने के बाद गांव कजरी निरंजनपुर के पास कार हाईवे किनारे खराब खड़े मिनी ट्रक से टकरा गई। सूचना पर पहुंची पुलिस को कार में अब्दुल्ला की बेटी अभीया और आमीन (18) ही जिंदा मिले।
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कार चला रहे अब्दुल्ला (26), पत्नी साइमा (23), बुतुल (21) और मरियम (22) की मौत हो चुकी थी। पुलिस ने घायल अभीया और आमीन को पहले सीएचसी और वहां से जिला अस्पताल भिजवाया। बाद में उन्हें लखनऊ ले जाया गया। पीलीभीत पहुंचे चाचा नसीम ने बताया कि सुबह आठ बजे अब्दुल्ला के फोन से की गई कॉल से ही उन्हें हादसे की सूचना मिली।
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काश हमारी बात सुन लेता अब्दुल्ला, तो बच जाती चारों की जान
लखनऊ के मदेयगंज के कुम्हारन टोला निवासी अब्दुल्ला, उसकी पत्नी सायमा, चचेरी बहनें मरियम और बुतुल की पीलीभीत में हुए सड़क हादसे में मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलने के बाद से चचेरा भाई फैज एक ही रट लगाए था कि रात में जाने से मना किया था। अगर अब्दुल्ला हमारी बात सुन लेता तो सभी की जान बच गई होती।
हादसे में अब्दुल्ला की सात महीने की बेटी अबिहा और चचेरा भाई अमीन घायल है। सभी कार से नैनीताल के लिए निकले थे। चचेरे भाई फैज ने बताया कि शनिवार को अब्दुल्ला पत्नी सायमा, बेटी अबिहा, चचेरी बहनें मरियम, बुतुल और भाई अमीन के साथ नैनीताल घूमने जा रहे थे।
देर रात को सभी ने खाना खाया और करीब 11 बजे कार से नैनीताल के लिए निकल गए। इससे पहले उसे रात में जाने के लिए मना किया था। कहा, सुबह जल्दी निकल जाना। लेकिन अब्दुल्ला जिद पर था कि रात में चलेंगे सुबह पहुंच जाएंगे। घर से निकलने के तीन घंटे बाद ही पुलिस ने सूचना दी कि ढाई बजे रात को रूद्रपुर रोड पर पीलीभीत में मुर्गी लदी मिनी ट्रक से कार टकरा गई।
इकलौते बेटे की मौत की खबर सुनते ही बेहोश हुई मां
हादसे की जानकारी फैज ने परिवार को दी, लेकिन मौत की बात नहीं बताई थी। रविवार सुबह नौ बजे अब्दुल्ला की मां नजमुल निशां को इकलौते बेटे व बहू की मौत की खबर मिली। उनके मुंह से निकला, या खुदा मेरे बुढ़ापे का सहारा छीन लिया।
हादसे की जानकारी फैज ने परिवार को दी, लेकिन मौत की बात नहीं बताई थी। रविवार सुबह नौ बजे अब्दुल्ला की मां नजमुल निशां को इकलौते बेटे व बहू की मौत की खबर मिली। उनके मुंह से निकला, या खुदा मेरे बुढ़ापे का सहारा छीन लिया।
अब्दुल्ला के पिता नौशाद की मौत भी कुछ साल पहले हुई थी। एक ही परिवार में चार मौत की खबर सुनते ही मोहल्ले के लोग घर के बाहर जुट गए। सुबह चार बजे तक घर से अब्दुल्ला के चाचा अन्नू, शन्नू और चचेरा भाई फैज सहित कई लोग पीलीभीत के लिए रवाना हुए।
दो दिन पहले बनाई थी योजना
परिजनों के मुताबिक, अब्दुल्ला का निकाह नवंबर 2021 में सायमा से हुआ था। सायमा घूमने-फिरने की शौकीन थी। पीलीभीत में रिश्तेदारी होने के कारण दो दिन पहले वहां व फिर नैनीताल की योजना बनाई थी।
परिजनों के मुताबिक, अब्दुल्ला का निकाह नवंबर 2021 में सायमा से हुआ था। सायमा घूमने-फिरने की शौकीन थी। पीलीभीत में रिश्तेदारी होने के कारण दो दिन पहले वहां व फिर नैनीताल की योजना बनाई थी।
बेटी व भाई अस्पताल में भर्ती
परिजनों के मुताबिक अब्दुल्ला फातिमा अस्पताल में अकाउंट का काम देखता था। हादसे में घायल सात महीने की बेटी अबिहा और चचेरे भाई अमीन को पीलीभीत से रेफर कराकर महानगर स्थित फातिमा अस्पताल में भर्ती कराया गया।
परिजनों के मुताबिक अब्दुल्ला फातिमा अस्पताल में अकाउंट का काम देखता था। हादसे में घायल सात महीने की बेटी अबिहा और चचेरे भाई अमीन को पीलीभीत से रेफर कराकर महानगर स्थित फातिमा अस्पताल में भर्ती कराया गया।