पेटीएम की कैशबैक स्कीम में हो रही धांधली का पर्दाफाश, एसटीएफ ने चार को दबोचा
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पेटीएम की कैश बैक स्कीम में सेंधमारी कर ग्राहकों को जो पैसा वापस मिलना था जालसाज कर्मियों ने साठगांठ से उसमें सेंधमारी कर लाखों रुपये अपने व रिश्तेदारों के खाते में पहुंचा दिया। अब तक 28 लाख रुपये इस तरह पहुंचाने की पुष्टि हुई है।
यूपी एसटीएफ ने ऐसे चार लोगों को लखनऊ में गिरफ्तार किया है। इसमें पेटीएम का फील्ड सेल्स एग्जीक्यूटिव विक्की अस्थाना के साथ ही वैल्यू प्लस स्टोर विकास नगर का सेल्स एग्जीक्यूटिव मो. फिरोज और सैमसंग कंपनी में काम करने वाले विनोद और अखिलेश कुमार शामिल है। वैल्यू प्लस से ही पेटीएम का कैशबैक को लेकर करार किया है। सैमसंग को भी करार के तहत ग्राहकों को दो फीसदी कैश बैक देना था।
एसटीएफ के एसएसपी अभिषेक सिंह के पेटीएम की ओर से अपने ग्राहकों को प्रोत्साहित करने के लिए कैश बैक स्कीम शुरू की गई थी। इसके लिए राजधानी के वैल्यू प्लस स्टोर से पेटीएम ने करार किया जिसके तहत पेटीएम के माध्यम से भुगतान करने वाले को ग्राहक को 10 प्रतिशत वापस किया जाएगा।
करार के तहत छह प्रतिशत वैल्यू प्लस स्टोर और चार फीसदी पेटीएम की ओर से दिया जाना था। अनुबंध के तहत वैल्यू प्लस को पेटीएम को कैश बैक के लिए अग्रिम भुगतान करना होता था।
बड़े सामानों पर 10 प्रतिशत का कैश बैक लिया
शातिर कर्मचारियों ने साठगांठ कर अपने रिश्तेदारों, पान वाले व रिक्शेवालों के मोबाइल नंबर पर ओटीपी हासिल करते। बिना पेटीएम के खरीदारी करने वालों का आर्डर एप के जरिए बुक कर बड़े सामानों पर 10 प्रतिशत का कैश बैक हासिल कर लेते। यही नहीं एमआरपी से ज्यादा की कीमत दिखा ज्यादा कैशबैक ले लिया गया। एसटीएफ ने उन पेटीएम वॉलेट का ब्यौरा मांगा है जिनमें पैसा ट्रांसफर किया गया। एमआरपी से अधिक पर बेचे गए सामानों के बारे में भी जवाब तलब किया है।