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ग्रेटर नोएडा में प्रदेश के पहले डाटा सेंटर पार्क का शिलान्यास
Mon, 30 Nov 2020 01:26 AM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Mon, 30 Nov 2020 01:26 AM IST
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
- फोटो : amar ujala
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ग्रेटर नोएडा में स्थापित होने वाले प्रदेश के पहले डाटा सेंटर पार्क का शिलान्यास किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि सरकार ने डाटा सेंटर पार्क की स्थापना का प्रस्ताव मिलते ही महज 15 दिन में 20 एकड़ जमीन उपलब्ध कराई है। इसके लिए नई नीति 31 दिसंबर 2020 तक लागू की जाएगी, जिसके बाद तीन डाटा सेंटर पार्क स्थापित किए जाएंगे।
हीरानंदानी समूह की ओर से स्थापित किए जा रहे 250 मेगावाट क्षमता के डाटा सेंटर पार्क में करीब छह हजार करोड़ रुपये का निवेश होगा। पहले चरण में एक हजार करोड़ के निवेश से 40 मेगावाट क्षमता की पहली यूनिट जून 2022 तक शुरू हो जाएगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह पार्क जल्द बनकर तैयार होगा। आगामी समय में प्रदेश में अन्य डाटा सेंटर भी स्थापित होंगे और इनके आसपास बड़ी संख्या में सूचना प्रौद्योगिकी तथा इससे समर्थित इकाइयां लगेंगी। इससे प्रदेश में बड़े पैमाने पर रोजगार का सृजन होगा। इस दौरान उप मुख्यमंत्री डॉ.दिनेश शर्मा, औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना, हीरानंदानी समूह के संस्थापक एवं अध्यक्ष डॉ. निरंजन हीरानंदानी व सीईओ दर्शन हीरानंदानी ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में आईटी राज्यमंत्री अजीत सिंह पाल और कई अधिकारी मौजूद रहे।
10 देशों से 45 हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना काल में अब तक प्रदेश की 6 लाख 48 हजार नई एमएसएमई इकाइयों को बैंकों से 19,772 करोड़ रुपये का ऋण उपलब्ध कराया गया है। पूर्व स्थापित 4 लाख 37 हजार एमएसएमई इकाइयों को बैंकों से 11 हजार 061 करोड़ रुपये के ऋण दिए गए हैं। प्रदेश में निवेश के प्रस्ताव लगातार मिल रहे हैं। सरकार को करीब 10 देशों से 45 हजार करोड़ रुपये निवेश के 56 से अधिक प्रस्ताव मिले हैं।
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हीरानंदानी समूह की ओर से स्थापित किए जा रहे 250 मेगावाट क्षमता के डाटा सेंटर पार्क में करीब छह हजार करोड़ रुपये का निवेश होगा। पहले चरण में एक हजार करोड़ के निवेश से 40 मेगावाट क्षमता की पहली यूनिट जून 2022 तक शुरू हो जाएगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह पार्क जल्द बनकर तैयार होगा। आगामी समय में प्रदेश में अन्य डाटा सेंटर भी स्थापित होंगे और इनके आसपास बड़ी संख्या में सूचना प्रौद्योगिकी तथा इससे समर्थित इकाइयां लगेंगी। इससे प्रदेश में बड़े पैमाने पर रोजगार का सृजन होगा। इस दौरान उप मुख्यमंत्री डॉ.दिनेश शर्मा, औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना, हीरानंदानी समूह के संस्थापक एवं अध्यक्ष डॉ. निरंजन हीरानंदानी व सीईओ दर्शन हीरानंदानी ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में आईटी राज्यमंत्री अजीत सिंह पाल और कई अधिकारी मौजूद रहे।
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10 देशों से 45 हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना काल में अब तक प्रदेश की 6 लाख 48 हजार नई एमएसएमई इकाइयों को बैंकों से 19,772 करोड़ रुपये का ऋण उपलब्ध कराया गया है। पूर्व स्थापित 4 लाख 37 हजार एमएसएमई इकाइयों को बैंकों से 11 हजार 061 करोड़ रुपये के ऋण दिए गए हैं। प्रदेश में निवेश के प्रस्ताव लगातार मिल रहे हैं। सरकार को करीब 10 देशों से 45 हजार करोड़ रुपये निवेश के 56 से अधिक प्रस्ताव मिले हैं।
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