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Lucknow News: कोहरे ने रोकी वाहनों की रफ्तार, बफीर्ली हवाओं से ठिठुरे लोग
Tue, 21 Jan 2025 12:42 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Tue, 21 Jan 2025 12:42 AM IST
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ग्रामीण क्षेत्रों में कोहरे के बीच आते लोग।
श्रावस्ती। तराई में ठंड कम होने का नाम नहीं ले रही है। पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी व पछुआ हवाओं के कारण पारा लुढ़क रहा है। रविवार शाम को शुरू हुआ घने कोहरे का दौर सोमवार दोपहर बाद तक जारी रहा। इस बीच जहां रात में वाहनों की रफ्तार काफी धीमी रही। वहीं न्यूनतम पारा लुढ़ककर पांच डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। इससे लोगों को ठंड से बेहाल देखा गया।
मौसम का असर सिर्फ इंसान ही नहीं पशु-पक्षियों पर भी दिखाई दे रहा है। मवेशी भी कंपकपाती ठंड से बचने के लिए अलाव की राख में राहत तलाशते नजर आए। वहीं गांवों में लोग पूरे दिन अलाव तो नगर में लोग हीटर व ब्लोअर का सहारा लेने को विवश रहे।
किसानों की बढ़ी मुश्किल
जिले में छुट्टा गोवंशों का कहर व्याप्त है। यह गोवंश खेतों में लगी गेहूं आदि की फसल पर भी अपना कहर बरपा रहे हैं। फसल को बचाने के लिए किसान ठंड की कंपकपाती रात में खेतों की रखवाली करने को विवश हैं।
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जिले में शीतलहर के कारण पारा काफी नीचे आ चुका है। ऐसे में ठिठुरन काफी बढ़ गई है। जिन लोगों को सांस की समस्या है। वह ठंड से बचने का प्रयास करें। ठंड के कारण वायरल इंफेक्शन, हार्ट अटैक, फालिज, बच्चों में निमोनिया व जकड़न की समस्या हो सकती है। इसलिए लोग विशेषकर बच्चे, बीमार व बुजुर्ग अनावश्यक घर से बाहर निकलने से परहेज करें। गर्म पानी पिएं, कान को ढक कर रखें, ज्यादा से ज्यादा गर्म कपड़े पहनें।
डाॅ. श्याम मिश्रा, फिजिशियन, संयुक्त जिला चिकित्सालय
ठंड से दुधारू पशुओं में दूध कम होने की समस्या हो सकती है। ऐसे में पालतू पशुओं को ऐसे स्थान पर रखें जहां हवा का प्रवेश न हो। उन्हें जूट के बोरे आदि ओढाएं, उनके बैठने के स्थान पर पुआल आदि बिछाएं और समय-समय पर बदलते रहे। गौशाला में अलाव न जलाएं। पशुओं को ताजा व गुनगुना पानी दे। साथ ही पानी में खड़िया मिट्टी व कैल्शियम मिला कर दें। हरा चारा व सूखा भूसा ही खिलाएं।
डाॅ. मानव, सीवीओ
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मौसम का असर सिर्फ इंसान ही नहीं पशु-पक्षियों पर भी दिखाई दे रहा है। मवेशी भी कंपकपाती ठंड से बचने के लिए अलाव की राख में राहत तलाशते नजर आए। वहीं गांवों में लोग पूरे दिन अलाव तो नगर में लोग हीटर व ब्लोअर का सहारा लेने को विवश रहे।
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किसानों की बढ़ी मुश्किल
जिले में छुट्टा गोवंशों का कहर व्याप्त है। यह गोवंश खेतों में लगी गेहूं आदि की फसल पर भी अपना कहर बरपा रहे हैं। फसल को बचाने के लिए किसान ठंड की कंपकपाती रात में खेतों की रखवाली करने को विवश हैं।
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जिले में शीतलहर के कारण पारा काफी नीचे आ चुका है। ऐसे में ठिठुरन काफी बढ़ गई है। जिन लोगों को सांस की समस्या है। वह ठंड से बचने का प्रयास करें। ठंड के कारण वायरल इंफेक्शन, हार्ट अटैक, फालिज, बच्चों में निमोनिया व जकड़न की समस्या हो सकती है। इसलिए लोग विशेषकर बच्चे, बीमार व बुजुर्ग अनावश्यक घर से बाहर निकलने से परहेज करें। गर्म पानी पिएं, कान को ढक कर रखें, ज्यादा से ज्यादा गर्म कपड़े पहनें।
डाॅ. श्याम मिश्रा, फिजिशियन, संयुक्त जिला चिकित्सालय
ठंड से दुधारू पशुओं में दूध कम होने की समस्या हो सकती है। ऐसे में पालतू पशुओं को ऐसे स्थान पर रखें जहां हवा का प्रवेश न हो। उन्हें जूट के बोरे आदि ओढाएं, उनके बैठने के स्थान पर पुआल आदि बिछाएं और समय-समय पर बदलते रहे। गौशाला में अलाव न जलाएं। पशुओं को ताजा व गुनगुना पानी दे। साथ ही पानी में खड़िया मिट्टी व कैल्शियम मिला कर दें। हरा चारा व सूखा भूसा ही खिलाएं।
डाॅ. मानव, सीवीओ