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लखनऊ सहित चार जिलों में 345 करोड़ से बनेगी फ्लैटेड फैक्ट्री
Thu, 15 Oct 2020 08:30 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Thu, 15 Oct 2020 08:30 PM IST
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प्रमुख सचिव एमएसएमई नवनीत सहगल
- फोटो : amar ujala
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अपर मुख्य सचिव, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम डॉ. नवनीत सहगल की अध्यक्षता में बृहस्पतिवार को यूपी लघु उद्योग निगम बोर्ड की 247वीं बैठक हुई। इसमें लखनऊ, कानपुर, गाजियाबाद तथा आगरा में फ्लैटेड फैक्ट्री के निर्माण सहित चार प्रमुख प्रस्ताव स्वीकृत हुए।
डॉ. नवनीत सहगल ने बताया कि लघु उद्योग निगम के खाली पड़े भूखण्डों/शेडों पर फ्लैटेड फैक्ट्री विकसित करने की योजना बनाई गई है। बोर्ड ने प्रदेश के चार जिलों में 345 करोड़ रुपये की लागत से फ्लैटेड फैक्ट्री के निर्माण की मंजूरी दी है। उद्यमियों की सुविधा और निगम के व्यवसायिक हित को ध्यान में रखते हुए पहले चरण में चार जिलों लखनऊ, कानपुर, गाजियाबाद तथा आगरा में फ्लैटेड फैक्ट्री का निर्माण होगा। आगरा के फाउण्ड्री नगर में पांच मंजिला फ्लैटेड फैक्ट्री का निर्माण कराया जाएगा। इसमें कुल 245 फैक्ट्री हाल होंगे। इसकी लागत लगभग 185 करोड़ रुपये आएगी।
इसी तरह कानपुर नगर के दादा नगर, लखनऊ में स्कूटर इण्डिया एन्सिलरी एस्टेट नादरगंज तथा गाजियाबाद में फ्लैटेड फैक्ट्री का विकास किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि फ्लैटेड फैक्ट्री क्षेत्र में ड्रेनेज सिस्टम, पानी निकासी व बिजली की बेहतर व्यवस्था होनी चाहिए। फैक्ट्री में काम करने वाले श्रमिकों के लिए बहुमंजिला आवास बनाए जाएं, जिसमें कम से कम 250 मजदूरों के लिए आवास हों। उन्होंने कहा कि सभी फ्लैटेड फैक्ट्री के लिए फैसेलिटी मैनेजमेंट का गठन भी किया जाय। बैठक में बोर्ड के प्रबंध निदेशक राम यज्ञ मिश्र, निदेशक अजय जौहरी व उपाध्यक्ष राकेश गर्ग व अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
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कानपुर में बनेगा ओडीओपी का डिस्प्ले सेंटर
बोर्ड ने कानपुर में एक जिला-एक उत्पाद (ओडीओपी) डिस्प्ले सेंटर बनाने की भी मंजूरी दी है। अपर मुख्य सचिव ने बताया कि राजकीय औद्योगिक आस्थान फजलगंज कानपुर में आईयूसीडी की फैक्ट्री कई वर्षों से बंद थी। इस भूमि पर पुन: व्यवसायिक दृष्टिकोण से ओडीओपी डिस्प्ले सेंटर बनाने का निर्णय गया है। इस सेंटर के स्थापित होने से ओडीओपी उद्यमियों को अपने उत्पादों को प्रदर्शित करने के लिए शहर के बीच में एक व्यवसायिक स्थल प्राप्त होगा। वहीं ओडीओपी उत्पाद भी आसानी से ग्राहकों तक पहुंच सकेंगे।
पीपीपी मॉडल पर विकसित होंगे औद्योगिक क्षेत्र
बोर्ड ने 5 से 50 एकड़ क्षेत्र में पीपीपी माडल पर औद्योगिक क्षेत्र विकसित किये जाने संबंधी प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। सहगल ने बताया कि यूपीएसआईसी द्वारा प्रदेश में 5 से 50 एकड़ भूमि पर निजी क्षेत्र के सहयोग से पीपीपी माडल पर औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जाएगा।
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डॉ. नवनीत सहगल ने बताया कि लघु उद्योग निगम के खाली पड़े भूखण्डों/शेडों पर फ्लैटेड फैक्ट्री विकसित करने की योजना बनाई गई है। बोर्ड ने प्रदेश के चार जिलों में 345 करोड़ रुपये की लागत से फ्लैटेड फैक्ट्री के निर्माण की मंजूरी दी है। उद्यमियों की सुविधा और निगम के व्यवसायिक हित को ध्यान में रखते हुए पहले चरण में चार जिलों लखनऊ, कानपुर, गाजियाबाद तथा आगरा में फ्लैटेड फैक्ट्री का निर्माण होगा। आगरा के फाउण्ड्री नगर में पांच मंजिला फ्लैटेड फैक्ट्री का निर्माण कराया जाएगा। इसमें कुल 245 फैक्ट्री हाल होंगे। इसकी लागत लगभग 185 करोड़ रुपये आएगी।
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इसी तरह कानपुर नगर के दादा नगर, लखनऊ में स्कूटर इण्डिया एन्सिलरी एस्टेट नादरगंज तथा गाजियाबाद में फ्लैटेड फैक्ट्री का विकास किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि फ्लैटेड फैक्ट्री क्षेत्र में ड्रेनेज सिस्टम, पानी निकासी व बिजली की बेहतर व्यवस्था होनी चाहिए। फैक्ट्री में काम करने वाले श्रमिकों के लिए बहुमंजिला आवास बनाए जाएं, जिसमें कम से कम 250 मजदूरों के लिए आवास हों। उन्होंने कहा कि सभी फ्लैटेड फैक्ट्री के लिए फैसेलिटी मैनेजमेंट का गठन भी किया जाय। बैठक में बोर्ड के प्रबंध निदेशक राम यज्ञ मिश्र, निदेशक अजय जौहरी व उपाध्यक्ष राकेश गर्ग व अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
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कानपुर में बनेगा ओडीओपी का डिस्प्ले सेंटर
बोर्ड ने कानपुर में एक जिला-एक उत्पाद (ओडीओपी) डिस्प्ले सेंटर बनाने की भी मंजूरी दी है। अपर मुख्य सचिव ने बताया कि राजकीय औद्योगिक आस्थान फजलगंज कानपुर में आईयूसीडी की फैक्ट्री कई वर्षों से बंद थी। इस भूमि पर पुन: व्यवसायिक दृष्टिकोण से ओडीओपी डिस्प्ले सेंटर बनाने का निर्णय गया है। इस सेंटर के स्थापित होने से ओडीओपी उद्यमियों को अपने उत्पादों को प्रदर्शित करने के लिए शहर के बीच में एक व्यवसायिक स्थल प्राप्त होगा। वहीं ओडीओपी उत्पाद भी आसानी से ग्राहकों तक पहुंच सकेंगे।
पीपीपी मॉडल पर विकसित होंगे औद्योगिक क्षेत्र
बोर्ड ने 5 से 50 एकड़ क्षेत्र में पीपीपी माडल पर औद्योगिक क्षेत्र विकसित किये जाने संबंधी प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। सहगल ने बताया कि यूपीएसआईसी द्वारा प्रदेश में 5 से 50 एकड़ भूमि पर निजी क्षेत्र के सहयोग से पीपीपी माडल पर औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जाएगा।