Lucknow: सस्ते हैं, अच्छे हैं...फिर भी क्यों नहीं बिक रहे फ्लैट, नगर निगम ने लिया नाम बदलने के टोटके का सहारा
अहाना एंक्लेव के अभी तक 684 में से 80 फ्लैट ही बिके हैं। बाकी को बेचने के लिए नगर निगम ने नाम बदलने के टोटके का सहारा लिया है। आवास विकास और निजी बिल्डरों से सस्ते हैं नगर निगम के फ्लैट।
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हरियाली के बीच पांच बीघे में खुला एरिया, 15 मीटर तक चौड़ी सड़कें, 800 गाड़ियों की क्षमता वाली भूमिगत पार्किंग...। ये तमाम खूबियां रायबरेली रोड पर ओमेक्स सिटी के अंदर नगर निगम की पहली मल्टीस्टोरी आवास योजना अहाना एंक्लेव की हैं। यह पास की एलडीए, आवास विकास और निजी बिल्डरों की योजना से सस्ती भी है। हालांकि, इसके बावजूद योजना के 684 फ्लैटों में से 80 ही बिक सके हैं। इसे लेकर कई सवाल हैं। बहरहाल, नगर निगम इन्हें बेचने के लिए अब साइकोलॉजिकल गेम खेल रहा है। वह योजना का नाम अहाना ग्रीन्स करने जा रहा है, ताकि हरियाली का एहसास कराकर ग्राहकों को लुभाया जा सके। अब देखना है कि बेचने की अच्छी योजना बनाने में नाकाम रहे नगर निगम का यह टोटका काम करेगा?
अहाना एंक्लेव से आधा किमी की दूरी पर निजी बिल्डर का अपार्टमेंट है। पांच साल पुराने करीब 300 फ्लैटों के इस अपार्टमेंट में 50 फ्लैट खाली हैं। अहाना एंक्लेव के फ्लैट का रेट अभी 3920 रुपये प्रति वर्गफीट है, जबकि निजी मल्टीस्टोरी योजना में रेट 4400 रुपये प्रति वर्गफीट है। नगर निगम की पहली मल्टीस्टोरी योजना हरियाली और पार्किंग क्षमता में दूसरी संस्थाओं से बेहतर है। अभी यहां बिना लॉटरी ही ‘पहले आओ पहले पाओ’ की तर्ज पर मनचाहा फ्लैट पा सकते हैं।
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न बिकने के ये हो सकते हैं कारण
नगर निगम अहाना एंक्लेव के फ्लैट न बिक पाने का कारण मंदी को मानता है। हालांकि, यह सवाल भी उठता है कि जब मंदी थी तो फ्लैट बनाए क्यों गए, वह भी बॉन्ड की रकम से। यह सब तब हुआ जब नगर निगम के पास मल्टीस्टोरी योजना का कोई अनुभव नहीं था। वह फ्लैट बेचने के लिए एक अच्छी पॉलिसी बनाने में भी नाकाम रहा। इसके साथ ही ग्राहकों तक योजना की उन सुविधाओं का भी सही तरीके से नहीं पहुंचा सका, जो बाकी योजनाओं से बेहतर हैं। आवास विकास परिषद या एलडीए की तरह इस योजना में छूट नहीं मिल रही है, लेकिन अहाना एंक्लेव के फ्लैटों की कीमत औरों से काफी कम हैं। नगर निगम ग्राहकों के बीच इसका भी सही से प्रचार नहीं कर सका।
अहाना एंक्लेव के फ्लैटों की कीमत
फ्लैट का प्रकार एरिया अभी कीमत
एचआईजी ग्राउंड प्लस 3 167.73 वर्ग मीटर 69.50 लाख
एचआईजी ग्राउंड प्लस 8 167.73 वर्ग मीटर 69.50 लाख
एमआईजी ग्राउंड प्लस 6 92.09 वर्ग मीटर 39 लाख
एमआईजी ग्राउंड प्लस 6 74.07 वर्ग मीटर 31.50 लाख
ईडब्लूएस ग्राउंड प्लस 3 43.48 वर्ग मीटर 18.50 लाख
एलडीए और आवास विकास के फ्लैट महंगे
अहाना एंक्लेव से करीब दो किमी की दूरी पर आवास विकास परिषद की अवध विहार योजना है। यहां फ्लैट के रेट 5000 रुपये वर्गफीट से अधिक हैं। इसी तरह मानसरोवर योजना में एलडीए के फ्लैटों की कीमत करीब 4500 रुपये वर्गफीट पड़ रही है।
योजना का क्षेत्रफल : 5.7 एकड़
करीब पांच बीघा का खुला हरियाली वाला क्षेत्र है।
कुल फ्लैट : 684
800 गाड़ियों की भूमिगत पार्किंग
कम्यूनिटी सेंटर व शॉपिंग सेंटर
योजना में छह, नौ और 15 मीटर की सड़कें हैं
सीवर निस्तारण के लिए अलग से एसटीपी की व्यवस्था
योजना से प्रमुख स्थलों की दूरी
एयरपोर्ट : 3.50 किमी
चारबाग स्टेशन : 11 किमी
अम्बेडकर विश्वविद्यालय : 1.50 किमी
पीजीआई 2.50 किमी
‘पहले आओ पहले पाओ’ की तर्ज पर लें फ्लैट
नगर आयुक्त इंद्रजीत सिंह का कहना है कि योजना के फ्लैटों की गुणवत्ता उच्च स्तर की है। ये एलडीए, आवास विकास व निजी बिल्डरों के फ्लैटों से सस्ते भी हैं। नगर निगम की यह योजना लाभ कमाने के बजाय शहरवासियों को अच्छी और किफायती दाम पर आवास देने के मकसद से लाई गई है। इसे पूरे मानकों के साथ विकसित किया गया है। अभी ‘पहले आओ पहले पाओ’ की तर्ज पर फ्लैट आवंटित किए जा रहे हैं।