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यूपी: इलेक्ट्रॉनिक तराजू में रिमोट व चिप से घटतौली, एसटीएफ ने पांच को दबोचा
Sun, 23 Aug 2020 10:02 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: शाहरुख खान
Updated Sun, 23 Aug 2020 10:02 AM IST
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एसटीएफ ने पांच को दबोचा
- फोटो : अमर उजाला
प्रदेश के पेट्रोल पंपों पर चिप लगाकर घटतौली के बाद यूपी एसटीएफ ने एक बार फिर ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है जो चिप व रिमोट के जरिये इलेक्ट्रॉनिक तराजू (इलेक्ट्राॅनिक वेइंग मशीनों) में छेड़खानी कर लोगों को चूना लगा रहे थे।
मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से इलेक्ट्रॉनिक तराजू, चिप, रिमोट व अन्य उपकरण बरामद किए गए हैं। एसटीएफ के आईजी अमिताभ यश ने बताया कि रिमोट से घटतौली की सूचना के आधार पर गल्ला दुकानदार लालबहादुर, हरमीत सिंह उर्फ प्रीत और राम विलास साहू को नगराम के ग्राम अमवामुर्तजापुर, लखनऊ और दिनेश उपाध्याय को बाराबंकी के ग्राम गौरवा उस्मानपुर से गिरफ्तार किया गया।
आरोपियों ने बताया कि इन मशीनों के अंदर डबल सेटिंग की क्षमता होती है और इनमें एक गोपनीय बटन दबाने से इच्छानुसार तौल को सेट किया जा सकता है। आईजी ने बताया कि धर्मकाटों, लोहा व गल्ला मंडियों व किराना की दुकानों में बड़े पैमाने पर ऐसी मशीनों के इस्तेमाल की जानकारी सामने आई है। इनका पता लगाया जा रहा है।
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दो अलग-अलग प्रोग्रामिंग से खेल
आरोपियों ने बताया कि इलेक्ट्रॉनिक तराजुओं के प्रिंटेड सर्किट बोर्ड में ही ऐसी प्रोग्रामिंग की जाती है जिससे कि उसे दो अलग-अलग मानक पर सेट किया जा सके। इसे गोपनीय बटन या रिमोट से पलक झपकते एक मानक से दूसरे मानक पर परिवर्तित किया जा सकता है।
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मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से इलेक्ट्रॉनिक तराजू, चिप, रिमोट व अन्य उपकरण बरामद किए गए हैं। एसटीएफ के आईजी अमिताभ यश ने बताया कि रिमोट से घटतौली की सूचना के आधार पर गल्ला दुकानदार लालबहादुर, हरमीत सिंह उर्फ प्रीत और राम विलास साहू को नगराम के ग्राम अमवामुर्तजापुर, लखनऊ और दिनेश उपाध्याय को बाराबंकी के ग्राम गौरवा उस्मानपुर से गिरफ्तार किया गया।
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आरोपियों ने बताया कि इन मशीनों के अंदर डबल सेटिंग की क्षमता होती है और इनमें एक गोपनीय बटन दबाने से इच्छानुसार तौल को सेट किया जा सकता है। आईजी ने बताया कि धर्मकाटों, लोहा व गल्ला मंडियों व किराना की दुकानों में बड़े पैमाने पर ऐसी मशीनों के इस्तेमाल की जानकारी सामने आई है। इनका पता लगाया जा रहा है।
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दो अलग-अलग प्रोग्रामिंग से खेल
आरोपियों ने बताया कि इलेक्ट्रॉनिक तराजुओं के प्रिंटेड सर्किट बोर्ड में ही ऐसी प्रोग्रामिंग की जाती है जिससे कि उसे दो अलग-अलग मानक पर सेट किया जा सके। इसे गोपनीय बटन या रिमोट से पलक झपकते एक मानक से दूसरे मानक पर परिवर्तित किया जा सकता है।
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पलभर में बदल देते हैं सेटिंग
तौल के दौरान शंका होने पर जब ग्राहक लोहे की बाट से इलेक्ट्रॉनिक तराजू का सत्यापन करने को कहता है तो दुकानदार रिमोट से पलभर में तराजू को सही मानक पर सेट कर देता है। ग्राहक के संतुष्ट होने पर वह फिर रिमोट या इलेक्ट्रॉनिक तराजू में लगे गोपनीय बटन से इसे घटतौली के मानक पर सेट कर देता है।