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बदायूं के उप कोषागार घपले में पांच पीसीएस अफसर निलंबित, पांच करोड़ का हुआ था घोटाला

Fri, 28 Feb 2020 11:46 AM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Fri, 28 Feb 2020 11:46 AM IST
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five pcs officers suspended in stamp bikri scam.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। - फोटो : amar ujala

बदायूं के दातागंज उप कोषागार में पांच करोड़ रुपये के स्टांप घोटाले में पांच पीसीएस अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने पिछले दिनों स्टांप मैनुअल का पालन न करने व कार्य में शिथिलता के आरोप में इनके खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए थे।

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शासन ने पिछले दिनों 27 जिलों के 46 उप कोषागारों को बंद करने का फैसला किया था। इसके बाद उप कोषागारों के रिकॉर्ड का  मिलान हुआ। दातागंज के रिकॉर्ड और स्टांप के मिलान में 5 करोड़ का गबन सामने आया। इसमें बदायूं के तीन वरिष्ठ कोषाधिकारी व 10 तहसीलदारों की भूमिका सामने आई थी। मुख्यमंत्री ने 24 जनवरी को इन्हें निलंबित करने का आदेश दिया था। शासन के नियुक्ति विभाग ने बृहस्पतिवार को घपले के दौरान तहसीलदार रहे मौजूदा चार उपजिलाधिकारियों व एक सहायक नगर आयुक्त को निलंबित कर राजस्व परिषद से संबंद्ध कर दिया है।
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तीन तहसीलदार पहले की हो चुके हैं निलंबित
बदायूं के दातागंज उप कोषागार में पांच करोड़ रुपये के स्टांप घोटाले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिन 10 तहसीलदारों को निलंबित करने का आदेश दिया था उनमें वर्तमान में पांच उपजिलाधिकारी थे। इन्हें नियुक्ति विभाग ने निलंबित किया। वहीं तीन तहसीलदार रणवीर सिंह, जितेश वर्मा व रवींद्र प्रताप सिंह को राजस्व परिषद पहले ही निलंबित कर चुका है। जबकि सोहनलाल कार्रवाई के पहले ही रिटायर हो चुके हैं। सोहनलाल के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन से अनुमति मांगी गई है। नितिन तनेजा तहसीलदार की सेवा में रहते हुए प्रांतीय पुलिस सेवा (पीपीएस) में चयनित हुए थे। नितिन वर्तमान में डिप्टी एसपी हैं। राजस्व परिषद ने अपर मुख्य सचिव गृह को नितिन के खिलाफ कार्रवाई के लिए पत्र लिखा है।

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नोएडा-ग्रेनो के घपलेबाजों पर कसेगा शिकंजा

नोएडा व ग्रेटर नोएडा (ग्रेनो) के घपलों की सीएजी की रिपोर्ट पर प्रदेश सरकार जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने जा रही है। विधानमंडल सत्र खत्म होते ही औद्योगिक विकास विभाग इसके लिए बैठक करेगा।

मुख्यमंत्री ने बुधवार को विधानसभा में नोएडा अथाॅरिटी की जांच रिपोर्ट मिलने व उसमें 30 हजार करोड़ के घपले का खुलासा किया था। सरकार को सीएजी की नोएडा के साथ ग्रेटर नोएडा की जांच रिपोर्ट भी मिली है। भाजपा ने पिछले विधानसभा चुनाव में नोएडा, ग्रेटर नोएडा व यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) में बड़े पैमाने पर घपलों का आरोप लगाते हुए मुद्दा बनाया था। इसके लिए सपा-बसपा सरकारों को जिम्मेदार ठहराया था।

सपा सरकार ने सीएजी के आग्रह के बावजूद प्राधिकरणों की जांच की अनुमति नहीं दी थी। लेकिन योगी सरकार ने सत्ता में आने के बाद 2005 से 2017 तक के तीनों प्राधिकरणों के कामकाज की जांच कराने की मंजूरी दे दी थी। इस दौरान मुलायम सिंह यादव, मायावती व अखिलेश यादव मुख्यमंत्री थे।

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