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यूपी एटीएस में स्पॉट की पांच और टीमों का होगा गठन, अभी चार संवेदनशील जिलों में तैनात है स्पॉट
Sat, 03 Jul 2021 07:38 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Sat, 03 Jul 2021 07:38 PM IST
सार
एटीएस का गठन 2008 में हुआ था। मौजूदा सरकार में इसका विस्तार किया गया। 2018 में स्पॉट का गठन किया गया और तय किया गया कि 9 टीमें बनाई जाएंगी। हर टीम में 60 जवान हाेंगे।
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विस्तार
प्रदेश में एटीएस के अधीन पांच और स्पेशल पुलिस ऑपरेशन टीम (स्पॉट) का गठन किया जाएगा। इसका मकसद प्रदेश की आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करना है। अभी एटीएस की चार स्पॉट टीम हैं। ये गाजियाबाद, लखनऊ, अयोध्या और गोरखपुर में तैनात हैं।
एटीएस का गठन 2008 में हुआ था। मौजूदा सरकार में इसका विस्तार किया गया। 2018 में स्पॉट का गठन किया गया और तय किया गया कि 9 टीमें बनाई जाएंगी। हर टीम में 60 जवान हाेंगे। पहले चरण में चार टीमों का गठन भी कर दिया गया। इन टीमों को संवेदनशील जिलों में तैनात कर दिया गया। अब जरूरत को देखते हुए 5 और टीमों के गठन की कवायद शुरू हुई है। इसके लिए एटीएस मुख्यालय की ओर से एडीजी कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार की ओर से शासन को प्रस्ताव भेजा गया है।
मैन पावर बढ़ाने पर भी हो रहा है विचार
सूत्रों का कहना है कि एटीएस में मैन पावर बढ़ाए जाने को लेकर भी विचार किया जा रहा है। दरअसल पिछले कुछ दिनों में एटीएस ने अपना दायरा काफी बढ़ा दिया है। मौजूदा समय में ही तीन बड़े मामलों की जांच एटीएस कर रही है। इसमें सबसे बड़ा मामला धर्मांतरण का है, जिसकी यूपी के 32 जिलों के साथ-साथ कई राज्यों में जांच चल रही है। इसके लिए एटीएस को जिला पुलिस का सहारा लेना पड़ रहा है। वहीं चीनी नागरिकों द्वारा यूपी के मोबाइल नंबरों को एक्टिवेट कर चीन में व्हाट्सएप एक्टिवेट किए गए। इसकी जांच भी एटीएस कर रही है। वहीं बीते एक साल में अब तक लगभग डेढ़ दर्जन रोहिंग्या पकड़े जा चुके हैं। इसमें कई अब भी रिमांड पर हैं। ऐसे में एटीएस का दायरा काफी बढ़ गया है। इसमें मैनपावर की कमी दिख रही है।
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एटीएस का गठन 2008 में हुआ था। मौजूदा सरकार में इसका विस्तार किया गया। 2018 में स्पॉट का गठन किया गया और तय किया गया कि 9 टीमें बनाई जाएंगी। हर टीम में 60 जवान हाेंगे। पहले चरण में चार टीमों का गठन भी कर दिया गया। इन टीमों को संवेदनशील जिलों में तैनात कर दिया गया। अब जरूरत को देखते हुए 5 और टीमों के गठन की कवायद शुरू हुई है। इसके लिए एटीएस मुख्यालय की ओर से एडीजी कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार की ओर से शासन को प्रस्ताव भेजा गया है।
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मैन पावर बढ़ाने पर भी हो रहा है विचार
सूत्रों का कहना है कि एटीएस में मैन पावर बढ़ाए जाने को लेकर भी विचार किया जा रहा है। दरअसल पिछले कुछ दिनों में एटीएस ने अपना दायरा काफी बढ़ा दिया है। मौजूदा समय में ही तीन बड़े मामलों की जांच एटीएस कर रही है। इसमें सबसे बड़ा मामला धर्मांतरण का है, जिसकी यूपी के 32 जिलों के साथ-साथ कई राज्यों में जांच चल रही है। इसके लिए एटीएस को जिला पुलिस का सहारा लेना पड़ रहा है। वहीं चीनी नागरिकों द्वारा यूपी के मोबाइल नंबरों को एक्टिवेट कर चीन में व्हाट्सएप एक्टिवेट किए गए। इसकी जांच भी एटीएस कर रही है। वहीं बीते एक साल में अब तक लगभग डेढ़ दर्जन रोहिंग्या पकड़े जा चुके हैं। इसमें कई अब भी रिमांड पर हैं। ऐसे में एटीएस का दायरा काफी बढ़ गया है। इसमें मैनपावर की कमी दिख रही है।
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