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Lucknow News: अंसल पर 53.30 लाख की ठगी के पांच और केस
Mon, 04 Aug 2025 12:17 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Mon, 04 Aug 2025 12:17 AM IST
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लखनऊ। सुशांत गोल्फ सिटी थाने में अंसल कंपनी पर 53.30 लाख की ठगी की पांच और एफआईआर दर्ज हुई हैं। कंपनी के अधिकारियों व कर्मचारियों पर पीड़ितों से विला, फ्लैट और जमीन के नाम पर ठगी करने का आरोप है। इसके साथ ही अब शहर भर के थानों में दर्ज मामलों की संख्या 251 हो गई है।
इटावा के बलराम सिंह चौराहा निवासी अजय कुमार यादव के मुताबिक 2014 में उन्होंने अंसल कंपनी में सुशांत गोल्फ सिटी स्थित पाइन वुड विला प्रोजेक्ट के तहत विला बुक कराया था। उसकी कीमत 59 लाख रुपये थी। 2015 तक उन्होंने 17 लाख रुपये का भुगतान कर दिया था। बची रकम विला के निर्माण के बाद देने को कही थी। मगर न अब तक निर्माण हुआ और न पीड़ित को अधिकारियों ने रकम लौटाई। उधर, फर्रुखाबाद के नुनहाई स्ट्रीट निवासी निमेष सिंघल के मुताबिक उनके पिता ने 2010 में प्लॉट बुक कराया था। पिता ने 16.78 लाख रुपये का भुगतान कंपनी को किया था। मगर उन्हें कब्जा नहीं मिला। वहीं, सुल्तानपुर के करौंदिया निवासी कंचन त्रिपाठी ने 2010 में 53 लाख का प्लाट बुक कराया था। इसमें से उन्होंने सात लाख रुपये का भुगतान एडवांस में किया था। उन्हें न तो प्लॉट आवंटित हुआ और न कंपनी ने रकम लौटाई। इसी तरह गाजियाबाद के वसुंधरा सेक्टर नौ के निवासी शरद जायसवाल से 2013 में फ्लैट के नाम पर 5.85 लाख व मानकनगर के आरडीएसओ में रहने वाले सुभाष चंद्र मौर्य से 2011 में दो दुकानों के नाम पर 6.67 लाख रुपये कंपनियों के अधिकारियों ने ऐंठ लिए। इंस्पेक्टर उपेंद्र सिंह के मुताबिक सभी मामलों की तफ्तीश की जा रही है। साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
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इटावा के बलराम सिंह चौराहा निवासी अजय कुमार यादव के मुताबिक 2014 में उन्होंने अंसल कंपनी में सुशांत गोल्फ सिटी स्थित पाइन वुड विला प्रोजेक्ट के तहत विला बुक कराया था। उसकी कीमत 59 लाख रुपये थी। 2015 तक उन्होंने 17 लाख रुपये का भुगतान कर दिया था। बची रकम विला के निर्माण के बाद देने को कही थी। मगर न अब तक निर्माण हुआ और न पीड़ित को अधिकारियों ने रकम लौटाई। उधर, फर्रुखाबाद के नुनहाई स्ट्रीट निवासी निमेष सिंघल के मुताबिक उनके पिता ने 2010 में प्लॉट बुक कराया था। पिता ने 16.78 लाख रुपये का भुगतान कंपनी को किया था। मगर उन्हें कब्जा नहीं मिला। वहीं, सुल्तानपुर के करौंदिया निवासी कंचन त्रिपाठी ने 2010 में 53 लाख का प्लाट बुक कराया था। इसमें से उन्होंने सात लाख रुपये का भुगतान एडवांस में किया था। उन्हें न तो प्लॉट आवंटित हुआ और न कंपनी ने रकम लौटाई। इसी तरह गाजियाबाद के वसुंधरा सेक्टर नौ के निवासी शरद जायसवाल से 2013 में फ्लैट के नाम पर 5.85 लाख व मानकनगर के आरडीएसओ में रहने वाले सुभाष चंद्र मौर्य से 2011 में दो दुकानों के नाम पर 6.67 लाख रुपये कंपनियों के अधिकारियों ने ऐंठ लिए। इंस्पेक्टर उपेंद्र सिंह के मुताबिक सभी मामलों की तफ्तीश की जा रही है। साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
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