सुल्तानपुर में सेप्टिक टैंक की जहरीली गैस से पांच की मौत, एक को बचाने में चार अन्य ने गंवाई जान
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सेप्टिक टैंक में गैस निकालने के लिए पाइप जोड़ते समय टैंक में गिरे गृहस्वामी के बेटे को बचाने के प्रयास में पांच लोगों की जहरीली गैस से मौत हो गई। वहीं एक युवक घायल हो गया। दोस्तपुर थाना क्षेत्र के कटघर चिराने पट्टी गांव निवासी रामतीरथ निषाद ने एक वर्ष पहले अपने खर्च से शौचालय का निर्माण कराया था। शौचालय की गैस निकालने के लिए राजगीर ने बाहर की तरफ पाइप नहीं लगाया था।
शुक्रवार की शाम करीब चार बजे रामतीरथ का राजगीर बेटा राजेश निषाद (32) गांव के ही मिस्त्री शरीफ (52), अशोक निषाद (40), रवींद्र निषाद (25) और राम किशन (40) निवासी सुरुवारपुर थाना महरुआ जनपद अंबेडकरनगर के साथ शौचालय के टैंक में पाइप लगा रहा था। अचानक राजेश निषाद का पैर फिसला और वह 10 फिट गहरे टैंक में गिर पड़ा। राजेश को बचाने के लिए शरीफ, अशोक, रवींद्र, राम किशन और विनोद टैंक में कूद पड़े। लेकिन टैंक में जहरीली गैस होने से सभी बेहोश हो गये। टैंक के पास मौजूद परिवारीजनों के शोर मचाने पर गांव के बहुत से लोग मौके पर पहुंचे और किसी तरह सभी लोगों को बाहर निकाला।
ग्रामीण उन्हें लेकर सीएचसी दोस्तपुर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने राजेश निषाद, मोहम्मद शरीफ, अशोक निषाद, रवींद्र निषाद और राम किशन को मृत घोषित कर दिया जबकि विनोद (22) का उपचार चल रहा है। एक साथ पांच लोगों की मौत की सूचना मिलते ही एएसपी ग्रामीण शिवराज, एसडीएम कादीपुर महेंद्र सिंह, सीओ कादीपुर सुरेंद्र कुमार, एसओ दोस्तपुर चंद्रशेखर सीएचसी पहुंच गये। एसओ दोस्तपुर चंद्रशेखर ने बताया कि सभी शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा जा रहा है।
किसी ने बेटा खोया, किसी ने दामाद
रामतीरथ निषाद ने एक वर्ष पहले अपने खर्च से शौचालय बनवाया था। शौचालय बनवाते समय राजगीर की एक छोटी सी गलती के कारण आज पांच लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी। गांव के निवासी राम तीरथ निषाद ने रोते हुए बताया कि उनका बेटा राजेश राजगीर था। शुक्रवार की सुबह वह किसी काम से बाहर गये थे। घर पर टैंक में पाइप जोड़ने का काम चल रहा था। उन्हें इस बात का कतई अंदेशा तक नहीं था कि इस तरह का हादसा हो सकता है।
राम तीरथ ने बताया कि एक वर्ष पूर्व टैंक बना था। टैंक में पानी भरा था। शौचालय का प्रयोग भी किया जा रहा था लेकिन टैंक में पाइप नहीं लगी होने की वजह से गैस बाहर नहीं निकल पा रही थी। इस वजह से टैंक का पानी ऊपर तक आ गया था और उसे निकालने के लिए बेटा खुद काम कर रहा था। मृतक राजेश के छोटे भाई गुड्डू ने बताया कि टैंक 10 फिट गहरा था। राजेश टैंक में गिर पड़ा, जिसे निकालने के लिए अन्य लोग टैंक में उतरे थे।
टैंक में जहरीली गैस होने से सभी की जान चली गई। टैंक में गिरने से मौत का शिकार हुए राम किशन की सास रोते हुए बोली कि उनका दामाद मिस्त्री था। शुक्रवार को उनका दामाद भी टैंक में पाइप जोड़ने के लिए पहुंचा था। तभी यह हादसा हो गया। सीएचसी पर मृतक के परिवारीजन शव का पोस्टमॉर्टम नहीं कराने पर अड़ गए और शव पुलिस को देने से इनकार कर दिया। बाद में पुलिस अधिकारियों के समझाने-बुझाने पर लोग शांत हुए।