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Lucknow: कोऑपरेटिव बैंक हेराफेरी में लोक भवन के सेक्शन अफसर समेत पांच गिरफ्तार, 146 करोड़ रुपये का लगाया चूना
Wed, 02 Nov 2022 09:39 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: शाहरुख खान
Updated Wed, 02 Nov 2022 09:39 AM IST
सार
एसएसपी एसटीएफ विशाल विक्रम सिंह के मुताबिक पकड़े अन्य आरोपियों में सीतापुर महमूदाबाद में कोआपरेटिव बैंक का सहायक प्रबंधक कर्मवीर सिंह (निवासी आशियाना लखनऊ), लखनऊ के बालागंज का आकाश कुमार श्रीवास्तव, रायबरेली रोड का भूपेंद्र और शाहजहांपुर का ध्रुव कुमार श्रीवास्तव शामिल हैं।
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हेराफेरी करने वाले पांच गिरफ्तार
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
उप्र. कोऑपरेटिव बैंक के हजरतगंज शाखा से 146 करोड़ रुपये की हेराफेरी में एसटीएफ ने लोक भवन में तैनात सेक्शन अफसर रामराज समेत पांच लोगों को सोमवार देर रात गिरफ्तार कर लिया गया। इन सभी की इस हेराफेरी में शामिल होने की बात उजागर हुई है।
एसएसपी एसटीएफ विशाल विक्रम सिंह के मुताबिक पकड़े अन्य आरोपियों में सीतापुर महमूदाबाद में कोआपरेटिव बैंक का सहायक प्रबंधक कर्मवीर सिंह (निवासी आशियाना लखनऊ), लखनऊ के बालागंज का आकाश कुमार श्रीवास्तव, रायबरेली रोड का भूपेंद्र और शाहजहांपुर का ध्रुव कुमार श्रीवास्तव शामिल हैं।
पांचों को पूर्व बैंक प्रबंधक आरएस दुबे ने अपने गिरोह में जोड़ा था। इस गिरोह ने हेराफेरी के लिए कई जगहों पर मीटिंग भी की थी। एसटीएफ का कहना है कि योजनाबद्ध तरीके से दुबे साइबर एक्सपर्ट व अन्य दो-तीन युवकों के साथ बैंक में घंटों बैठते थे। ये लोग बैंक में अपने लैपटॉप लगाकर काम भी करते थे।
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इसी दौरान दुबे और गिरोह से जुड़े साइबर एक्सपर्ट ने बैंक के दो कर्मचारियों की यूजर आईडी और पासवर्ड ले ली। इसी के माध्यम से 146 करोड़ रुपये बिल्डर और ठेकेदार समेत आठ लोगों के बैंक खातों में ट्रांसफर किए गए।
मामले में साइबर क्राइम की पुलिस टीम ने आरएस दुबे, सोलर कंपनी के मालिक सुखसागर सिंह चौहान को वारदात के दो दिन बाद गिरफ्तार किया था। इसके बाद एक साइबर हैकर सतीश को दबोचा गया। इसने पूछताछ के आधार पर नई गिरफ्तारियां हुईं हैं।
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एसएसपी एसटीएफ विशाल विक्रम सिंह के मुताबिक पकड़े अन्य आरोपियों में सीतापुर महमूदाबाद में कोआपरेटिव बैंक का सहायक प्रबंधक कर्मवीर सिंह (निवासी आशियाना लखनऊ), लखनऊ के बालागंज का आकाश कुमार श्रीवास्तव, रायबरेली रोड का भूपेंद्र और शाहजहांपुर का ध्रुव कुमार श्रीवास्तव शामिल हैं।
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पांचों को पूर्व बैंक प्रबंधक आरएस दुबे ने अपने गिरोह में जोड़ा था। इस गिरोह ने हेराफेरी के लिए कई जगहों पर मीटिंग भी की थी। एसटीएफ का कहना है कि योजनाबद्ध तरीके से दुबे साइबर एक्सपर्ट व अन्य दो-तीन युवकों के साथ बैंक में घंटों बैठते थे। ये लोग बैंक में अपने लैपटॉप लगाकर काम भी करते थे।
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इसी दौरान दुबे और गिरोह से जुड़े साइबर एक्सपर्ट ने बैंक के दो कर्मचारियों की यूजर आईडी और पासवर्ड ले ली। इसी के माध्यम से 146 करोड़ रुपये बिल्डर और ठेकेदार समेत आठ लोगों के बैंक खातों में ट्रांसफर किए गए।
मामले में साइबर क्राइम की पुलिस टीम ने आरएस दुबे, सोलर कंपनी के मालिक सुखसागर सिंह चौहान को वारदात के दो दिन बाद गिरफ्तार किया था। इसके बाद एक साइबर हैकर सतीश को दबोचा गया। इसने पूछताछ के आधार पर नई गिरफ्तारियां हुईं हैं।