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लखनऊ: सॉल्वर गिरोह के सरगना सहित पांच गिरफ्तार, एसयूवी-नकदी बरामद, प्रयागराज में चला रहा था कोचिंग

Mon, 25 Oct 2021 08:47 PM IST
सुशील कुमार कुमार माई सिटी रिपोर्टर, लखनऊ
माई सिटी रिपोर्टर, लखनऊ Published by: सुशील कुमार कुमार Updated Mon, 25 Oct 2021 08:47 PM IST
सार

प्रभारी निरीक्षक के मुताबिक देवकीनंदन और गिरजेश पटेल फोटो मिक्सिंग करने का काम करते थे। पुलिस के मुताबिक आरोपियों के पास से एक एसयूवी, 4 मोबाइल, एक कीपैड मोबाइल, 43 हजार रुपये नकदी, 4 आधार कार्ड व कई कूटरचित दस्तावेज बरामद हुए।
 

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Five arrested including kingpin of solver gang SUV cash recovered was running coaching in Prayagraj
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : social media

विस्तार

लखनऊ में आशियाना पुलिस ने एसएससी स्टेनोग्राफर स्किल टेस्ट अभ्यर्थी की जगह सॉल्वर बैठाने वाले गिरोह के सरगना सुनील कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। इसके अलावा चार अन्य साथी भी दबोचे गये हैं। गिरोह का सरगना प्रयागराज के तेलियरगंज में कोचिंग सेंटर संचालित करता था। पुलिस ने इस मामले में 13 लोगों को शनिवार को गिरफ्तार किया था। जिनको रविवार को जेल भेजा गया था।

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प्रभारी निरीक्षक आशियाना धीरज शुक्ल के मुताबिक 23 अक्तूबर को आठ सॉल्वर समेत 13 लोगों को एसएससी स्टेनोग्राफर परीक्षा से पकड़ा गया था। पूछताछ में तेलियरगंज निवासी सुनील कुमार के बारे में जानकारी मिली। सुनील तेलियरगंज में शारदा इंस्टीट्यूट के नाम से कोचिंग चलाता है। सुनील के साथ उसके गिरोह में अवधेश यादव, राजेंद्र पटेल, गिरजेश पटेल और देवकीनंदन भी शामिल थे। पूछताछ में सुनील ने बताया कि प्रयागराज में प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने के लिए बड़ी संख्या में छात्र आते हैं। सभी की इच्छा होती है कि प्रतियोगी परीक्षा पास कर सरकारी नौकरी हासिल करें। इसी का फायदा उठाने के लिए सुनील ने सॉल्वर गिरोह बनाया।
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तेलियरगंज में कई सालों से कोचिंग चला रहा सुनील काफी शातिर है। कोचिंग में आने वाले लोगों को सरकारी नौकरी लगवाने का भरोसा देता था। इसके लिए प्रतियोगी परीक्षा का फॉर्म भरवाते समय ही वह परीक्षार्थी की फोटो को सॉल्वर की फोटो से मैच करा कर फार्म में लगवाता था। जिसके कारण पकड़े जाने का डर कम होता है। प्रभारी निरीक्षक के मुताबिक देवकीनंदन और गिरजेश पटेल फोटो मिक्सिंग करने का काम करते थे। पुलिस के मुताबिक आरोपियों के पास से एक एसयूवी, 4 मोबाइल, एक कीपैड मोबाइल, 43 हजार रुपये नकदी, 4 आधार कार्ड व कई कूटरचित दस्तावेज बरामद हुए।
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एक परीक्षार्थी के जगह सॉल्वर बैठाने की कीमत पांच लाख
प्रभारी निरीक्षक धीरज कुमार शुक्ला के मुताबिक पूछताछ में सुनील कुमार ने कई राज उगले। सुनील ने पूछताछ में बताया कि एक परीक्षार्थी की जगह सॉल्वर बैठाकर परीक्षा पास कराने के लिए वह पांच लाख रुपये 7 लाख रुपये तक की वसूली करता था। इसमें 40 प्रतिशत रुपये अपने रखता था। जबकि 60 प्रतिशत गिरोह के सभी सदस्यों में बांट देता था। सुनील ने बताया कि डेढ़ से दो लाख रुपये सॉल्वर को दिये जाते थे। पुलिस के सामने कुबूल किया कि एसएससी स्टेनोग्राफर परीक्षा के अलावा भी कई अन्य परीक्षाओं में सॉल्वर बैठा चुका है। लेकिन परीक्षार्थी और सॉल्वर की फोटो मैच कर फार्म में लगाए जाने के कारण अभी तक पकड़ा नहीं गया था। यह पहली बार है जब वह पुलिस की गिरफ्त में आया है।

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