इतिहास में पहली बार संघ पहुंचा मुख्यमंत्री आवास, जानें क्या हो सकता है मकसद
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इतिहास में पहली बार राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के शीर्ष नेतृत्व में शामिल लोगों ने मुख्यमंत्री आवास पहुंचकर बैठक की। अतीत में प्रदेश में जब कभी भाजपा सत्ता में रही तो आरएसएस के साथ मुख्यमंत्री या मंत्रियों की बैठकें संघ मुख्यालय भारती भवन, सरस्वती शिशु मंदिर निरालानगर या फिर संघ की ओर से तय किसी अन्य स्थान पर होती थीं।
मुख्यमंत्री कल्याण सिंह रहे हों या रामप्रकाश गुप्त या राजनाथ सिंह। ये सभी निश्चित अंतराल पर होने वाली समन्वय बैठकों में शामिल होने के लिए संघ की तरफ से तय स्थान पर ही जाते थे।
अतीत में कोई ऐसा मौका याद नहीं आता जब प्रांत प्रचारक स्तर का भी संघ का कोई पदाधिकारी भाजपा सरकार में मुख्यमंत्री आवास गया हो। लेकिन इस बार सह सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले और डॉ. कृष्णगोपाल ने मुख्यमंत्री आवास पर जाकर यह बैठक की। संघ परिवार में इसको तरह-तरह से देखा जा रहा है।
बदली परिस्थितियों का प्रमाण
संघ में प्रचारक रहे और फिर हिंदुत्व के सरोकारों से जुड़े संगठन में प्रदेश स्तर पर थार्मिक क्रियाकलापों को देख रहे सज्जन इसे बदली परिस्थिति का प्रमाण बताते हैं। वह मानते हैं कि इससे संदेश गलत गया है।
किसी दूसरे के घर में बैठकर अपनी बहुत बात नहीं मनवाई जा सकती। यह स्थापित सत्य है लेकिन जिस तरह से कल यह बैठक हुई है इससे और कुछ हो या न हो पर इतना संदेश तो साफ हो ही गया है कि यह सरकार संघ और संबंधित संगठनों के सुझाव सुने भले, लेकिन उनके सरोकारों पर काम होगा, यह जरूरी नहीं है।