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चौक में बनेगी शहर की पहली रोबोटिक पार्किंग, गाड़ी को पार्किंग के लिए छोड़ते ही मिलेगा मैग्नेटिक कार्ड
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प्रतीकात्मक चित्र।
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लखनऊ। चौक में अग्निशमन विभाग से खाली हुई जमीन पर एलडीए राजधानी की पहली स्मार्ट और रोबोटिक पार्किंग बनाने की तैयारी में है। परंपरागत मल्टीलेवल पार्किंग की जगह इसमें तकनीक का उपयोग होगा। मैग्नेटिक कार्ड से गाड़ी पार्किंग में छोड़ने से लेकर वापस पाने तक का काम पूरी तरह ऑटोमेटिक रहेगा। एलडीए ने निजी कंपनी से पूरा प्रस्ताव बनाकर देने को कहा है।
मुख्य अभियंता इंदुशेखर सिंह ने बताया कि रोबोटिक पार्किंग का सबसे बड़ा फायदा यह है कि कम खर्च में करीब 30 साल तक इसे चलाया जा सकता है। इसे बनाने के लिए भी बड़े बजट की जरूरत नहीं है। 32 गाड़ियों की पार्किंग की क्षमता पर करीब छह लाख रुपये का खर्च अनुमानित है। वहीं, पार्किंग की क्षमता बढ़ाने के साथ लागत कम होती जाएगी। पार्किंग डिजाइन से यह अभी तक की सबसे कम खर्च वाली तकनीक है। रोबोटिक पार्किंग मल्टीलेवल होगी, जिससे कम जगह में अधिक गाड़ियां खड़ी हो सकें।
ऐसे काम करेगा सिस्टम
रोबोटिक पार्किंग में गाड़ी को एक खास जगह पर छोड़ना होगा। इसके बाद रोबोटिक प्लेटफॉर्म गाड़ी को खाली जगह पर खड़ी करने ले जाएगा। यह पूरी तरह ऑटोमेटिक होगा। सेंसर्स बताएंगे कि गाड़ी के लिए कहां खाली जगह है। गाड़ी छोड़ते ही एक मैग्नेटिक कार्ड यूजर को मिल जाएगा। इससे वापस गाड़ी उसी तरह ली जा सकती है।
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कम खर्च में बिजली की जरूरत पूरी
डिजाइन बनाने वाली कंपनी का दावा है कि कम खर्च में पार्किंग की पूरे दिन की बिजली की जरूरत पूरी हो जाएगी। इसकी वजह यह है कि पूरा सिस्टम पावर री-जनरेशन पर काम करता है। इससे करीब 40 प्रतिशत बिजली का उत्पादन दोबारा हो जाता है।
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मुख्य अभियंता इंदुशेखर सिंह ने बताया कि रोबोटिक पार्किंग का सबसे बड़ा फायदा यह है कि कम खर्च में करीब 30 साल तक इसे चलाया जा सकता है। इसे बनाने के लिए भी बड़े बजट की जरूरत नहीं है। 32 गाड़ियों की पार्किंग की क्षमता पर करीब छह लाख रुपये का खर्च अनुमानित है। वहीं, पार्किंग की क्षमता बढ़ाने के साथ लागत कम होती जाएगी। पार्किंग डिजाइन से यह अभी तक की सबसे कम खर्च वाली तकनीक है। रोबोटिक पार्किंग मल्टीलेवल होगी, जिससे कम जगह में अधिक गाड़ियां खड़ी हो सकें।
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ऐसे काम करेगा सिस्टम
रोबोटिक पार्किंग में गाड़ी को एक खास जगह पर छोड़ना होगा। इसके बाद रोबोटिक प्लेटफॉर्म गाड़ी को खाली जगह पर खड़ी करने ले जाएगा। यह पूरी तरह ऑटोमेटिक होगा। सेंसर्स बताएंगे कि गाड़ी के लिए कहां खाली जगह है। गाड़ी छोड़ते ही एक मैग्नेटिक कार्ड यूजर को मिल जाएगा। इससे वापस गाड़ी उसी तरह ली जा सकती है।
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कम खर्च में बिजली की जरूरत पूरी
डिजाइन बनाने वाली कंपनी का दावा है कि कम खर्च में पार्किंग की पूरे दिन की बिजली की जरूरत पूरी हो जाएगी। इसकी वजह यह है कि पूरा सिस्टम पावर री-जनरेशन पर काम करता है। इससे करीब 40 प्रतिशत बिजली का उत्पादन दोबारा हो जाता है।