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Lucknow News: आसमान से बरस रही आग, लोगों को राहत की फुहार की दरकार
Sun, 05 May 2024 11:45 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Sun, 05 May 2024 11:45 PM IST
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लगातार चढ़ते पारे से जनजीवन अस्त-व्यस्त
संवाद न्यूज एजेंसी श्रावस्ती। तराई में मौसम का मिजाज पूरी तरह से गर्म हो चुका है। सुबह से ही आसमान से बरस रही आफत लोगों को झुलसा रही है। वैशाख के पहले पखवाड़े में ही लोगों को जेठ की तपिश का अहसास होने लगा है। ऐसे में लोगों को राहत की फुहार की दरकार है।
जिले में मौसम का पारा रविवार को 43 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। सुबह आठ बजे से ही सूरज की तेज किरणों से धरती तपने लगी। वहीं, करीब 11 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही गर्म पछुआ हवाओं ने लोगों को घर में दुबकने पर मजबूर कर दिया और मुख्य मार्ग व बाजार सूने दिखाए दिए।
गर्मी से सूख चुके ताल तलैयों के कारण मवेशियों के सामने पानी का संकट उत्पन्न होने लगा है। वहीं, काफी समय से बरसात न होने से कम गहराई वाले हैंडपंप व ट्यूबवेल भी जवाब देने लगे हैं। खेतों में लगी फसल को सूखने से बचाने के लिए किसानों को हर तीसरे दिन खेत की सिंचाई करनी पड़ रही है। ऐसे में जहां फसल की लागत बढ़ रही है। वहीं मक्का सहित सब्जियों के भाव में भी इजाफा हुआ है। ऐसे में अब हर किसी को राहत की फुहार का इंतजार है।
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संवाद न्यूज एजेंसी श्रावस्ती। तराई में मौसम का मिजाज पूरी तरह से गर्म हो चुका है। सुबह से ही आसमान से बरस रही आफत लोगों को झुलसा रही है। वैशाख के पहले पखवाड़े में ही लोगों को जेठ की तपिश का अहसास होने लगा है। ऐसे में लोगों को राहत की फुहार की दरकार है।
जिले में मौसम का पारा रविवार को 43 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। सुबह आठ बजे से ही सूरज की तेज किरणों से धरती तपने लगी। वहीं, करीब 11 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही गर्म पछुआ हवाओं ने लोगों को घर में दुबकने पर मजबूर कर दिया और मुख्य मार्ग व बाजार सूने दिखाए दिए।
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गर्मी से सूख चुके ताल तलैयों के कारण मवेशियों के सामने पानी का संकट उत्पन्न होने लगा है। वहीं, काफी समय से बरसात न होने से कम गहराई वाले हैंडपंप व ट्यूबवेल भी जवाब देने लगे हैं। खेतों में लगी फसल को सूखने से बचाने के लिए किसानों को हर तीसरे दिन खेत की सिंचाई करनी पड़ रही है। ऐसे में जहां फसल की लागत बढ़ रही है। वहीं मक्का सहित सब्जियों के भाव में भी इजाफा हुआ है। ऐसे में अब हर किसी को राहत की फुहार का इंतजार है।
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