फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Fire in Shakti Bhawan in Lucknow.

शक्ति भवन के पांचवे तल पर लगी आग, फंसे कर्मचारी

Mon, 19 Oct 2015 09:53 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Mon, 19 Oct 2015 09:53 AM IST
विज्ञापन
Fire in Shakti Bhawan in Lucknow.

शक्ति भवन विस्तार के द्वितीय तल पर रविवार सुबह करीब नौ बजे रहस्यमय हालात में आग लग गई। देखते ही देखते लपटों और धुएं ने 14 मंजिला इमारत को अपनी चपेट में ले लिया। पांचवें और छठे तल पर 14 कर्मचारी बिल्डिंग में ही फंस गए। करीब 20 मिनट तक कर्मचारी चीखते-चिल्लाते रहे। दमकल कर्मियों ने हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म की मदद से उनकी जान बचाई।

विज्ञापन


एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। आग से वहां पर अहम दस्तावेजों के जलने की बात कही जा रही है। हालांकि पीआरओ केके सिंह ‘अखिलेश’ ने जारी विज्ञप्ति में दावा किया कि फाइलें सुरक्षित हैं कोई बड़ी क्षति नहीं हुई है। फिलहाल इस मामले में जांच समिति गठित कर दी गई है।
विज्ञापन


शक्ति भवन के पीआरओ केके सिंह ‘अखिलेश’ ने बताया कि रविवार होने की वजह से ज्यादातर कर्मचारी छुट्टी पर थे। सिर्फ पांचवें तल पर अलग-अलग शिफ्टों में 24 घंटे काम चलता है। ट्रांसमिशन विभाग के द्वितीय तल पर कमरा नंबर 208 में आग लगी। फायर अलार्म के जरिये सिविल विभाग के फायर कर्मचारियों को इसका पता चला। इसके बाद मॉडर्न कंट्रोल रूम और अग्निशमन विभाग को इसकी सूचना दी गई।
विज्ञापन
विज्ञापन


फंस गए थे ये 14 कर्मी
फायर विभाग की टीम पहुंचती इससे पहले लपटों ने द्वितीय तल को पूरी तरह अपनी चपेट में ले लिया। बिल्डिंग से नीचे उतरने के सभी रास्तों, जीने और लिफ्ट तक में धुआं भर गया। पांचवें तल पर काम कर रहे 14 कर्मचारी जितेंद्र सिंह, अर्पण गुप्ता, अविशांत सिंह, शादाब, मो. आरिफ, कन्हैया भगत, घनश्याम, पवन, मो. नईम अहमद, रितु वर्मा, दीपक सिंह, जितेंद्र कुमार , सुनील कुमार , सचिन संदूर को नीचे उतरने का रास्ता नहीं दिखा तो वे सभी खिड़कियों और टेरेस पर लटक गए।

जान बचाने के लिए बिल्डिंग से कूदने वाले थे

Fire in Shakti Bhawan in Lucknow.

धुएं की वजह से उनका दम घुटने लगा तो सभी जान बचाने के लिए कूदने को थे। सीओ हजरतगंज अशोक वर्मा और चीफ फायर ऑफिसर अभय भान पांडेय ने उन्हें रोका। हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म की मदद से फायर विभाग की टीम ने पांच-पांच करके दस कर्मचारियों को दो बार में और तीसरी बार में बचे हुये चार कर्मचारियों को नीचे उतारा। इसके बाद सभी 14 कर्मचारियों को सिविल अस्पताल में प्राथमिक उपचार दिलाया गया। सभी को सुरक्षित निकालने के बाद अधिकारियों ने राहत की सांस ली।

एक घंटे तक चला सर्च अभियान

आग के बीच फंसे कर्मचारियों को सुरक्षित उतारने के बाद एक घंटे तक सर्च ऑपरेशन चलाया गया। आशंका थी कि कुछ कर्मचारी ऊपर ही फंसे हो सकते हैं। आग पर काबू पाने के बाद दमकल कर्मियों ने शक्ति भवन के कर्मचारियों के साथ मिलकर चप्पे-चप्पे की तलाशी ली।

आग पर उठ रहे सवाल
शक्ति भवन विस्तार के द्वितीय तल पर जहां आग लगी, वहीं अकाउंट सेक्शन भी है। इसमें कर्मचारियों के वेतन के अलावा अन्य महत्वपूर्ण मामलों के रिकॉर्ड रहते हैं। अकाउंट सेक्शन होने की वजह से शक्ति भवन के करोड़ों रुपये के लेन-देन से संबंधित फाइलें मौजूद थीं। यहां पर आग से बचाव के विशेष दिशा निर्देश थे। इसके बावजूद आग लगने और इसके पूरी तरह से फैलने के बाद फायर विभाग को सूचना दिए जाने को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

शक्ति भवन की आग को लेकर चर्चा है कि करोड़ों रुपये घोटाले की फाइलों और महत्वपूर्ण मामलों में हेरफेर से संबंधित दस्तावेज को जलाने के लिए जानबूझकर आग लगाई गई है। चीफ फायर ऑफिसर एबी पांडेय का कहना है कि आग लगने के साफ कारणों का अभी पता नहीं चल सका है। जांच पड़ताल की जा रही है।

जांच कमेटी गठित, एक सप्ताह में देगी रिपोर्ट

Fire in Shakti Bhawan in Lucknow.

पावर कॉर्पोरेशन के प्रबंध निदेशक एपी मिश्रा ने आग लगने की जांच के लिए अधिशासी निदेशक कॉर्पोरेट प्लानिंग आरके शर्मा की अध्यक्षता में समिति का गठन किया है। यह समिति एक सप्ताह के अंदर अपनी रिपोर्ट प्रबंध निदेशक को सौंपेगी।

जांच समिति घटना में दोषी कर्मचारियों को भी चिह्नित करेगी और भविष्य में ऐसी घटनाएं न हो इसके लिए भी सुझाव देगी। एपी मिश्रा ने सिविल विभाग के अधिकारियों को भी तलब किया।

उन्होंने शक्ति भवन के रख-रखाव के जिम्मेदार अफसरों को फटकार भी लगाई। उनसे पूछा कि शक्ति भवन में ऐसी घटनाएं क्यों होती हैं? इसके लिए फूलप्रूफ व्यवस्था अभी तक क्यों नहीं लागू हुई?

पूरे प्रदेश की बत्ती गुल हो सकती थी
शक्ति भवन विद्युत विभाग का प्रदेश मुख्यालय है, जहां से पूरे प्रदेश की पावर सप्लाई का संचालन होता है। 24 घंटे शक्ति भवन में कर्मचारी इसकी कमान संभाले रखते हैं। वहां आग न लगे इसके लिये पूरी व्यवस्था की जाती है। आग लगने के बाद शक्ति भवन में हड़कंप मच गया। सीओ हजरतगंज अशोक वर्मा के मुताबिक समय पर पुलिस और दमकल कर्मी वहां न पहुंचते तो पूरे प्रदेश की बत्ती गुल हो सकती थी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed