एसजीपीजीआई में आग: हर तरफ फैले धुंए में दिख रही थी सिर्फ मौत, तीमारदारों ने बयां किया आंखों देखा मंजर
एसजीपीजीआई का आंतरिक हिस्सा इस तरह से बना हुआ है की चारों तरफ से कांच की खिड़कियों से पैक है। इसकी वजह से धुआं तेजी से भवन में फैलने लगा। इससे परिसर में मौजूद लोग बेचैन होने लगे।
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संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (एसजीपीजीआई) में सोमवार दोपहर इंडोक्राइन सर्जरी के ऑपरेशन थियेटर (ओटी) में आग लग गई। इससे इंडोक्राइन सर्जरी के साथ ही बगल की ओटी में धुआं भर गया। इसे देखकर सर्जरी करा रही पीलीभीत की महिला व गाजीपुर के नवजात बच्चे को शिफ्ट किया जा रहा था कि दोनों ने दम तोड़ दिया। इस घटना बाद ओटी के भीतर कुछ शोर हुआ और इसके बाद भगदड़ मच गई। एक बार वहां से धुंआ बाहर निकलना शुरू हुआ तो पूरे ओटी कांप्लेक्स में भरता गया। जब तक कुछ समझ आता पूरे भवन में धुंआ ही धुंआ फैल गया था। चारों तरफ मौत के सिवाय कुछ नहीं दिखाई दे रहा था। ओटी कांप्लेक्स में मौजूद तीमारदारों ने कुछ इन्हीं शब्दों में घटना का मंजर बयां किया।
एसजीपीजीआई का आंतरिक हिस्सा इस तरह से बना हुआ है की चारों तरफ से कांच की खिड़कियों से पैक है। इसकी वजह से धुआं तेजी से भवन में फैलने लगा। इससे परिसर में मौजूद लोग बेचैन होने लगे। धुंए को देखकर लोगों में भगदड़ मच गई जो लोग बगैर कुछ सोचे समझे बेतहाशा भागने लगे, उन लोगों के साथ ज्यादा दिक्कत हुई जिनके साथ मरीज भी थे उन्हें खुद भी भागना था और अपने मरीज को भी बाहर ले जाना था। धुंए से बचने के लिए लोगों ने खिड़कियों के शीशे तोड़ने शुरू कर दिए और कई जगह पर शीशे को तोड़कर धुएं को बाहर निकाला गया। इससे ओटी से बाहर वाले लोगों की जान तो बच गई, भीतर मौजूद दो लोगों को नहीं बचाया जा सका।
3 माह बाद आया एमआरआई का नंबर, कब होगी भगवान जाने
लखनऊ,पीजीआई गोरखपुर के रहने वाले राजू सिंह की पत्नी का न्यूरो का ऑपरेशन हुआ था, 3 माह के बाद सोमवार को एमआरआई की डेट मिली थी, रविवार को राजू गोरखपुर से लखनऊ आए और आज सोमवार 9 बजे पीजीआई पहुंच गए थे, दोपहर के बाद इनका नंबर आना था अचानक पौने 1 बजे, भगदड़ मच गई तेजी से धुआं फैलने लगा, कोई कुछ समझ पाता राजू पत्नी को लेकर बाहर भागे, कोई एक दूसरे की बात सुनने को तैयार ही नहीं था। राजू परेशान थे कि 3 माह के इंतजार के बाद तो आज नंबर आया था अब कब नंबर आएगा भगवान ही मालिक है।
कागज पूरे करके जमा की फाइल हो गई गुम
उन्नाव के रहने वाले सुनील कुमार के रिश्तेदार का सोमवार को ऑपरेशन होना था, मरीज वेटिंग में था, फाइल व सारे कागज कंप्लीट थे, अचानक आग लगने से भगदड़ मच गई, सुनील का कहना था कि मरीज को लेकर किसी तरह से बाहर निकले, लेकिन इस दौरान वहां जमा उनकी फाइल गुम हो गई जो नहीं मिल रही थी। सुनील काफी परेशान दिखे उनका कहना था कि मरीज की हालत काफी सीरियस है क्या होगा वह कुछ समझ नहीं पा रहे हैं।