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गोमती नगर विस्तार के होटल में लगी आग, एसी में धमाके से अफतराफतरी
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गोमतीनगर विस्तार थानाक्षेत्र के द लीफ होटल में रविवार दोपहर जलती सिगरेट फेंकने से गैलरी में रखे गद्दों में आग लग गई। लपटें फर्नीचर व एसी तक पहुंच गईं। इससे एसी में धमाका हो गया।
आग की तपिश और तेज धमाके से होटल के खिड़की व दरवाजों में लगे शीशे टूट गए। इससे अफरातफरी मच गई। होटल के कर्मचारियों ने पुलिस व फायर स्टेशन पर सूचना दी। दमकल लेकर पहुंचे अग्निशमन कर्मचारियों ने कुछ देर में ही आग पर काबू पा लिया।
गोमतीनगर विस्तार इंस्पेक्टर प्रशांत कुमार मिश्र ने बताया कि द लीफ होटल के संचालक नीतेश कुशवाहा ने दोपहर को होटल में आग लगने की सूचना दी।
फर्स्ट फ्लोर पर किचन व कमरे के बीच गैलरी में रखे गद्दों में आग लगी थी। इससे गैलरी में रखा फर्नीचर भी धू-धूकर जलने लगा। एसी भी लपटों की चपेट में आने पर उसमें तेज धमाका हो गया। इससे आसपास रहने वाले लोग घबराकर घरों से बाहर आ गए।
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सूचना पर दमकल लेकर पहुुंचे अग्निशमन कर्मचारियों ने कुछ देर में ही आग पर काबू पा लिया। हालांकि आग लगते ही एहतियात के तौर पर होटल को खाली करा लिया गया था।
शुरुआती जांच में इस बात की संभावना जताई जा रही है कि होटल के किसी कर्मचारी या गेस्ट द्वारा गैलरी में रखे गद्दों पर जलती सिगरेट फेंकने से आग लगी थी। इंस्पेक्टर ने बताया कि आग लगने के कारणों का पता लगाया जा रहा है।
यात्री ने वीडियो बना होटल पर उठाए सवाल
द लीफ होटल में ठहरे वाराणसी के एक व्यक्ति ने अग्निकांड के बाद वहां का एक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया में वायरल किया। इसमें वह कह रहा है कि ये आप देख सकते हैं कि सारी चीजें गिर गईं। ये देखिए एसी का क्या हाल हुआ है, बिस्तर जल गया है, ये सारे शीशे टूट गए हैं। ये हमारे रूम की हालत है। सारा कांच अंदर घुस गया। हम लोग किसी तरीके से जिंदा जान बचाकर भागे हैं, इस होटल से। इस होटल के पास न तो फायर की एनओसी है और न फायर एग्जिट। न किसी ने कोई इन्फार्मेशन दी। अगर हम मर जाते तो कौन जिम्मेदार होता। ये होटल का नाम है द लीफ होटल गोमतीनगर एक्सटेंशन। हम बनारस से आए हैं भइया, जान बचाकर भागे हैं।
सपा सरकार में बना होटल, अब नोटिस
होटल का निर्माण सपा सरकार में हुआ था। उस समय मिथलेश कुमार वर्मा सपा से 2009 से 2014 तक सांसद रहे हैं। ऐसे में एलडीए से उनके अवैध निर्माण की जानकारी के बाद भी कोई नोटिस तक नहीं हुई। पांच साल से अधिक समय के बाद अब पहली बार एलडीए से उनके आवासीय भूखंड पर व्यावसायिक उपयोग और शमन मानचित्र से अधिक निर्माण के मामले में नोटिस जारी हुआ है। मॉडल शमन योजना, 2020 में उनका शमन मानचित्र भी जारी किया गया। जबकि, मौके पर होटल इस भवन में चल रहा था। ओएसडी अमित राठौर का कहना है कि अवर अभियंता को छह दिसंबर को ही नोटिस दिया गया है कि अवैध निर्माण को सील क्यों नहीं कराया गया? वहीं, अवर अभियंता बिजेंद्र सिंह का कहना है कि निर्माण पुराना है। इस पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई थी। प्रकरण में शिकायत के बाद पहली बार 27 अगस्त को नोटिस जारी किया गया। अभी प्रकरण प्रवर्तन कोर्ट में सुनवाई में है। जैसा आदेश मिलेगा। कार्रवाई कराई जाएगी।
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आग की तपिश और तेज धमाके से होटल के खिड़की व दरवाजों में लगे शीशे टूट गए। इससे अफरातफरी मच गई। होटल के कर्मचारियों ने पुलिस व फायर स्टेशन पर सूचना दी। दमकल लेकर पहुंचे अग्निशमन कर्मचारियों ने कुछ देर में ही आग पर काबू पा लिया।
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गोमतीनगर विस्तार इंस्पेक्टर प्रशांत कुमार मिश्र ने बताया कि द लीफ होटल के संचालक नीतेश कुशवाहा ने दोपहर को होटल में आग लगने की सूचना दी।
फर्स्ट फ्लोर पर किचन व कमरे के बीच गैलरी में रखे गद्दों में आग लगी थी। इससे गैलरी में रखा फर्नीचर भी धू-धूकर जलने लगा। एसी भी लपटों की चपेट में आने पर उसमें तेज धमाका हो गया। इससे आसपास रहने वाले लोग घबराकर घरों से बाहर आ गए।
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सूचना पर दमकल लेकर पहुुंचे अग्निशमन कर्मचारियों ने कुछ देर में ही आग पर काबू पा लिया। हालांकि आग लगते ही एहतियात के तौर पर होटल को खाली करा लिया गया था।
शुरुआती जांच में इस बात की संभावना जताई जा रही है कि होटल के किसी कर्मचारी या गेस्ट द्वारा गैलरी में रखे गद्दों पर जलती सिगरेट फेंकने से आग लगी थी। इंस्पेक्टर ने बताया कि आग लगने के कारणों का पता लगाया जा रहा है।
यात्री ने वीडियो बना होटल पर उठाए सवाल
द लीफ होटल में ठहरे वाराणसी के एक व्यक्ति ने अग्निकांड के बाद वहां का एक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया में वायरल किया। इसमें वह कह रहा है कि ये आप देख सकते हैं कि सारी चीजें गिर गईं। ये देखिए एसी का क्या हाल हुआ है, बिस्तर जल गया है, ये सारे शीशे टूट गए हैं। ये हमारे रूम की हालत है। सारा कांच अंदर घुस गया। हम लोग किसी तरीके से जिंदा जान बचाकर भागे हैं, इस होटल से। इस होटल के पास न तो फायर की एनओसी है और न फायर एग्जिट। न किसी ने कोई इन्फार्मेशन दी। अगर हम मर जाते तो कौन जिम्मेदार होता। ये होटल का नाम है द लीफ होटल गोमतीनगर एक्सटेंशन। हम बनारस से आए हैं भइया, जान बचाकर भागे हैं।
सपा सरकार में बना होटल, अब नोटिस
होटल का निर्माण सपा सरकार में हुआ था। उस समय मिथलेश कुमार वर्मा सपा से 2009 से 2014 तक सांसद रहे हैं। ऐसे में एलडीए से उनके अवैध निर्माण की जानकारी के बाद भी कोई नोटिस तक नहीं हुई। पांच साल से अधिक समय के बाद अब पहली बार एलडीए से उनके आवासीय भूखंड पर व्यावसायिक उपयोग और शमन मानचित्र से अधिक निर्माण के मामले में नोटिस जारी हुआ है। मॉडल शमन योजना, 2020 में उनका शमन मानचित्र भी जारी किया गया। जबकि, मौके पर होटल इस भवन में चल रहा था। ओएसडी अमित राठौर का कहना है कि अवर अभियंता को छह दिसंबर को ही नोटिस दिया गया है कि अवैध निर्माण को सील क्यों नहीं कराया गया? वहीं, अवर अभियंता बिजेंद्र सिंह का कहना है कि निर्माण पुराना है। इस पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई थी। प्रकरण में शिकायत के बाद पहली बार 27 अगस्त को नोटिस जारी किया गया। अभी प्रकरण प्रवर्तन कोर्ट में सुनवाई में है। जैसा आदेश मिलेगा। कार्रवाई कराई जाएगी।