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पूजा के दीपक से लगी आग, दो मासूम फंसे, निकाला गया
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लखनऊ। जानकीपुरम सेक्टर-एफ में रहने वाले रमेश दीक्षित के मकान की पहली मंजिल पर रविवार सुबह अचानक आग लग गई। आग लगते ही घर में अफरा-तफरी मच गई। रमेश के दो बच्चे कमरे में ही फंसे रह गए। यह देख पड़ोस में रहने वाले शिक्षा विभाग के कर्मचारी ने उन्हें बाहर निकाला। आग लगने की सूचना पर पहुंची अग्निशमन की टीम ने एक घंटे में आग पर काबू पा लिया। हादसे में सभी लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया। लेकिन घर का कोई सामान नहीं बचा।
जानकीपुरम सेक्टर-एफ निवासी रमेश दीक्षित अपने परिवार केसाथ रहते हैं। रमेश दीक्षित के मुताबिक, उनकी पत्नी रविवार को व्रत रखती हैं। सुबह पूजा घर में आरती पूजन करने के बाद किचन में नाश्ता तैयार करने चली गई थीं। इस बीच दीपक से कमरे में आग लग गई। रमेश के दो बच्चे जिसमें एक छह महीने और दूसरा तीन साल का है, उस वक्त कमरे में ही थे। कमरे में धुआं और आग की लपटें निकलती देख रमेश की पत्नी चीख पुकार करती हुई बाहर की तरफ भागी।
रमेश की पत्नी की चीख सुनकर पड़ोस में रहने वाले शिक्षा विभाग में तैनात अनुराग सिंह राठौर व अन्य पड़ोसी जुट गए। वे खिड़की तोड़कर कमरे में दाखिल हुए। उन्होंने दोनों को बच्चों को कड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाला। बच्चों को उनकी मां को सौंपा। इसी बीच देखते-देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। इसके बाद अनुराग ने फायर कंट्रोल रूम को सूचना दी और पड़ोसी की छत पर पहुंचे। वहां पानी की टंकी में पाइप लगाकर घर में पानी फेंकना शुरू किया। इस बीच अग्निशमन कर्मी भी पहुंच गए। उन्होंने दो दमकल की गाड़ियों की मदद से एक घंटे में आग पर काबू पाया। आग की चपेट में आने से घर में रखा सोफा, बेड, कपड़े और अन्य सामान जलकर राख हो गया। एफएसओ इंदिरानगर उमाकांत के मुताबिक, आग में कोई हताहत नहीं हुआ है। सिर्फ घरेलू सामान ही जलकर राख हुआ है।
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जानकीपुरम सेक्टर-एफ निवासी रमेश दीक्षित अपने परिवार केसाथ रहते हैं। रमेश दीक्षित के मुताबिक, उनकी पत्नी रविवार को व्रत रखती हैं। सुबह पूजा घर में आरती पूजन करने के बाद किचन में नाश्ता तैयार करने चली गई थीं। इस बीच दीपक से कमरे में आग लग गई। रमेश के दो बच्चे जिसमें एक छह महीने और दूसरा तीन साल का है, उस वक्त कमरे में ही थे। कमरे में धुआं और आग की लपटें निकलती देख रमेश की पत्नी चीख पुकार करती हुई बाहर की तरफ भागी।
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रमेश की पत्नी की चीख सुनकर पड़ोस में रहने वाले शिक्षा विभाग में तैनात अनुराग सिंह राठौर व अन्य पड़ोसी जुट गए। वे खिड़की तोड़कर कमरे में दाखिल हुए। उन्होंने दोनों को बच्चों को कड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाला। बच्चों को उनकी मां को सौंपा। इसी बीच देखते-देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। इसके बाद अनुराग ने फायर कंट्रोल रूम को सूचना दी और पड़ोसी की छत पर पहुंचे। वहां पानी की टंकी में पाइप लगाकर घर में पानी फेंकना शुरू किया। इस बीच अग्निशमन कर्मी भी पहुंच गए। उन्होंने दो दमकल की गाड़ियों की मदद से एक घंटे में आग पर काबू पाया। आग की चपेट में आने से घर में रखा सोफा, बेड, कपड़े और अन्य सामान जलकर राख हो गया। एफएसओ इंदिरानगर उमाकांत के मुताबिक, आग में कोई हताहत नहीं हुआ है। सिर्फ घरेलू सामान ही जलकर राख हुआ है।
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