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Lucknow News: दो पासपोर्ट बनवाने वाले दो लोगों पर एफआईआर दर्ज
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मलिहाबाद। रहीमाबाद इलाके में रहने वाले दो लोगों ने नाम, जन्मतिथि और माता-पिता के अलग-अलग नाम दिखाकर धोखाधड़ी से दो-दो पासपोर्ट हासिल कर लिए। दरोगा रामसेवक राणा और इंद्रजीत सिंह की तहरीर पर दोनों आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
इंस्पेक्टर रहीमाबाद अरुण कुमार ने बताया कि ससपन गांव निवासी मोहित कुमार ने आठ फरवरी 2016 को पासपोर्ट बनवाया था, जिसमें पिता का नाम रामदीन, मां का नाम गंगा देई और जन्मतिथि एक जनवरी 1995 दर्ज कराई थी। इसके बाद उसने चार मार्च 2021 को दूसरा पासपोर्ट बनवा लिया जिसमें पिता का नाम रामदीन, मां का नाम सरला और जन्मतिथि छह जुलाई 1999 दर्ज कराई गई।
इसी तरह कहला गांव निवासी मो. अशफाक ने 27 नवंबर 2014 को पासपोर्ट बनवाया था। इसके बाद उसने 10 दिसंबर 2022 को दूसरा पासपोर्ट भी जारी करा लिया। अशफाक के पहले और दूसरे पासपोर्ट में दर्ज कराई गई जानकारियां अलग-अलग मिलीं। एसीपी मलिहाबाद की जांच में इसकी पुष्टि हुई है।
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कैसे हुई धोखाधड़ी, अहम सवाल
2010 में पासपोर्ट बनवाने की ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू हुई थी। दोनों आरोपियों ने 2010 के बाद पासपोर्ट बनवाए हैं। ऐसे में ऑनलाइन सिस्टम होने के बावजूद आरोपी धोखाधड़ी करने में कैसे सफल रहे, यह बड़ा सवाल है। फिलहाल पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है।
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इंस्पेक्टर रहीमाबाद अरुण कुमार ने बताया कि ससपन गांव निवासी मोहित कुमार ने आठ फरवरी 2016 को पासपोर्ट बनवाया था, जिसमें पिता का नाम रामदीन, मां का नाम गंगा देई और जन्मतिथि एक जनवरी 1995 दर्ज कराई थी। इसके बाद उसने चार मार्च 2021 को दूसरा पासपोर्ट बनवा लिया जिसमें पिता का नाम रामदीन, मां का नाम सरला और जन्मतिथि छह जुलाई 1999 दर्ज कराई गई।
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इसी तरह कहला गांव निवासी मो. अशफाक ने 27 नवंबर 2014 को पासपोर्ट बनवाया था। इसके बाद उसने 10 दिसंबर 2022 को दूसरा पासपोर्ट भी जारी करा लिया। अशफाक के पहले और दूसरे पासपोर्ट में दर्ज कराई गई जानकारियां अलग-अलग मिलीं। एसीपी मलिहाबाद की जांच में इसकी पुष्टि हुई है।
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कैसे हुई धोखाधड़ी, अहम सवाल
2010 में पासपोर्ट बनवाने की ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू हुई थी। दोनों आरोपियों ने 2010 के बाद पासपोर्ट बनवाए हैं। ऐसे में ऑनलाइन सिस्टम होने के बावजूद आरोपी धोखाधड़ी करने में कैसे सफल रहे, यह बड़ा सवाल है। फिलहाल पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है।