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रेप केस में फंसे मंत्री गायत्री प्रसाद, पढ़ें, पूरा मामला

Sat, 18 Feb 2017 09:35 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Sat, 18 Feb 2017 09:35 PM IST
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FIR on gayatri prajapati in rape case
गायत्री प्रसाद प्रजापति - फोटो : amar ujala

यूपी चुनाव के तीसरे चरण से ठीक पहले सुप्रीम कोर्ट ने प्रदेश सरकार के परिवहन मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति के खिलाफ रेप केस दर्ज करने का आदेश दिया। 

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मामला, पिछले साल सितंबर का है। चित्रकूट की 35 वर्षीय महिला ने तत्कालीन खनन मंत्री गायत्री प्रजापति और उनके साथियों पर दुष्कर्म का आरोप लगाकर सनसनी फैला दी थी। महिला का कहना था कि गायत्री प्रजापति के राजधानी के गौतमपल्ली स्थित सरकारी आवास पर उसका आना-जाना था। 
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गायत्री ने अपने साथी अशोक तिवारी के जरिए उसे अपने आवास पर बुलाया और हमीरपुर में बालू के खनन का पट्टा देने की पेशकश की। इस दौरान गायत्री ने चाय मंगाई, जिसमें नशीला पदार्थ मिला था। 
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चाय पीने के बाद वह बेहोश हो गई जिसके बाद गायत्री और उनके आवास पर मौजूद अशोक तिवारी, पिंटू सिंह, विकास वर्मा, चंद्र पाल, रूपेश और आशीष शुक्ला ने उसके साथ दुष्कर्म किया। दुष्कर्म के दौरान इन लोगों ने उसका वीडियो बना लिया जिसे दिखाकर उसे ब्लैकमेल किया गया। 

महिला के मुताबिक पार्क रोड स्थित विधायक आवास पर उससे एक महीने तक दुष्कर्म किया जाता रहा। 

बेटी पर डाली बुरी निगाह तो टूटा सब्र का बांध

FIR on gayatri prajapati in rape case
गायत्री प्रसाद प्रजापति - फोटो : amar ujala
महिला का कहना है कि लोक-लाज के कारण उसने यह बात किसी को नहीं बताई, लेकिन जब गायत्री प्रजापति की हवस भरी निगाह उसकी बेटी पर पड़ने लगी और उसे अपने आवास पर छोड़ने का दबाव बनाने लगे तो उसके  सब्र का बांध जवाब दे गया। उसने पुलिस अधिकारियों के साथ-साथ मीडिया के सामने इसका खुलासा किया। 

महिला का आरोप है कि मंत्री गायत्री ने दो साल में कई बार उसका शारीरिक शोषण किया। महिला ने इसकी शिकायत डीजीपी के अलावा आईजी, डीआईजी और एसएसपी से भी की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद उसने गत 25 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट में गुहार लगाई।  

डीजीपी बोले, गौतमपल्ली थाने में दर्ज होगा मुकदमा
पुलिस महानिदेशक जावीद अहमद ने बताया कि महिला ने पूर्व में जो भी आरोप लगाए थे, उनकी जांच कराई गई थी और इससे सुप्रीम कोर्ट को अवगत भी करा दिया गया था। 

सुप्रीम कोर्ट का नया आदेश अभी मिला नहीं है। जो भी आदेश होगा, उसका अक्षरश: पालन किया जाएगा। लखनऊ के गौतमपल्ली थाने में मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
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