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एक्सईएन समेत छह बिजली कर्मचारियों पर केस
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लखनऊ। हाईटेंशन लाइन में आई खराबी दूर करने के लिए संविदा कर्मचारी को जबरन पोल पर चढ़ाने और करंट लगने से उसके झुलसकर गिरने के बाद उसे अस्पताल न ले जाकर पावर कॉर्पोरेशन के कर्मचारियों के भागने का आरोप लगा था। साथ ही मामले को दबाने के लिए संविदा कर्मचारी को पक्की नौकरी का झांसा देकर 1.85 लाख रुपये भी हड़पने का आरोप था। इस मामले में निगोहां थाने पर सुनवाई न होने पर पीड़ित की पत्नी ने राज्य मानवाधिकार आयोग में गुहार लगाई थी जिसके बाद आयोग के आदेश पर निगोहां पुलिस ने एक्सईएन समेत छह बिजली कर्मचारियों के खिलाफ केस दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
नगराम के धोबइया गांव निवासी सुखराम की पत्नी नीतू ने उत्तर प्रदेश राज्य मानवाधिकार आयोग को शिकायती पत्र देकर बताया था कि 19 जनवरी 2021 की सुबह नौ बजे समेसी पावर हाउस में तैनात कर्मचारी सत्यनारायण, प्रदीप व दीपक सिंह उसके घर आए थे। इन लोगों ने निगोहां के करनपुर गांव से गुजरी 11 हजार वोल्ट की लाइन में आई खराबी ठीक करने के लिए साथ चलने को कहा। सुखराम के मना करने पर उन कर्मचारियों ने कहा कि जेई सचिन श्रीवास्तव व एसडीओ विशाल त्रिपाठी ने तुम्हारी नौकरी के लिए एक्सईएन आरके वर्मा से सिफारिश की है। इस पर भी सुखराम नहीं गया तो उक्त लोगों ने धमकाया कि काम नहीं करोगे तो एक्सईएन साहब से शिकायत करके बिजलीघर से सामान चोरी के झूठे केस में फंसा दिया जाएगा। आरोप है कि सुखराम को वे कर्मचारी जबरन साथ ले गए।
सुखराम ने पोल पर चढ़ने से पहले लाइन बंद कराने के बारे में पूछा तो कर्मचारी बोले कि बंद करा दी है। सुखराम की पत्नी का आरोप है कि उक्त बिजली कर्मचारी नशे में थे। इस वजह से सुखराम ने पोल पर चढ़ने से मना कर दिया। इस पर बिजली कर्मचारी प्रदीप, दीपक, सत्यनारायण व धीरज ने गाली-गलौज करते हुए जातिसूचक अपशब्द कहे और सुखराम को जबरन पोल पर चढ़ा दिया। लाइन चालू होने के कारण सुखराम करंट की चपेट में आकर बुरी तरह से झुलसने के साथ ही पोल से गिर गया तो बिजली कर्मचारी भाग गए। ग्रामीणों ने सुखराम को अस्पताल में भर्ती कराया। उसके पीठ, छाती, दाहिना हाथ व पैर बुरी तरह से झुलस गया था। मगर पावर कॉर्पोरेशन ने इलाज तक नहीं कराया। फिर मामला दबाने के लिए कहा कि इस बारे में किसी को नहीं बताने पर नौकरी पक्की करा दी जाएगी।
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नीतू का आरोप है कि नौकरी के नाम पर उसके पति से दिसंबर माह में तत्कालीन एक्सईएन के सामने ही 1.85 लाख रुपये लिए गए। इस पर भी नौकरी नहीं मिली। निगोहां थाने में शिकायत करने पर सुनवाई भी नहीं हुई तो राज्य मानवाधिकार आयोग से गुहार लगानी पड़ी। राज्य मानवाधिकार आयोग के आदेश पर निगोहां पुलिस ने एक्सईएन आरके वर्मा और बिजली कर्मचारी प्रदीप, अनिल, सत्यनारायण, दीपक सिंह व धीरज सिंह के खिलाफ संबंधित धाराओं के साथ ही एससी, एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है। निगोहां थाना प्रभारी जितेंद्र प्रताप ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। विवेचना सीओ सैयद नईमुल हसन करेंगे।
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नगराम के धोबइया गांव निवासी सुखराम की पत्नी नीतू ने उत्तर प्रदेश राज्य मानवाधिकार आयोग को शिकायती पत्र देकर बताया था कि 19 जनवरी 2021 की सुबह नौ बजे समेसी पावर हाउस में तैनात कर्मचारी सत्यनारायण, प्रदीप व दीपक सिंह उसके घर आए थे। इन लोगों ने निगोहां के करनपुर गांव से गुजरी 11 हजार वोल्ट की लाइन में आई खराबी ठीक करने के लिए साथ चलने को कहा। सुखराम के मना करने पर उन कर्मचारियों ने कहा कि जेई सचिन श्रीवास्तव व एसडीओ विशाल त्रिपाठी ने तुम्हारी नौकरी के लिए एक्सईएन आरके वर्मा से सिफारिश की है। इस पर भी सुखराम नहीं गया तो उक्त लोगों ने धमकाया कि काम नहीं करोगे तो एक्सईएन साहब से शिकायत करके बिजलीघर से सामान चोरी के झूठे केस में फंसा दिया जाएगा। आरोप है कि सुखराम को वे कर्मचारी जबरन साथ ले गए।
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सुखराम ने पोल पर चढ़ने से पहले लाइन बंद कराने के बारे में पूछा तो कर्मचारी बोले कि बंद करा दी है। सुखराम की पत्नी का आरोप है कि उक्त बिजली कर्मचारी नशे में थे। इस वजह से सुखराम ने पोल पर चढ़ने से मना कर दिया। इस पर बिजली कर्मचारी प्रदीप, दीपक, सत्यनारायण व धीरज ने गाली-गलौज करते हुए जातिसूचक अपशब्द कहे और सुखराम को जबरन पोल पर चढ़ा दिया। लाइन चालू होने के कारण सुखराम करंट की चपेट में आकर बुरी तरह से झुलसने के साथ ही पोल से गिर गया तो बिजली कर्मचारी भाग गए। ग्रामीणों ने सुखराम को अस्पताल में भर्ती कराया। उसके पीठ, छाती, दाहिना हाथ व पैर बुरी तरह से झुलस गया था। मगर पावर कॉर्पोरेशन ने इलाज तक नहीं कराया। फिर मामला दबाने के लिए कहा कि इस बारे में किसी को नहीं बताने पर नौकरी पक्की करा दी जाएगी।
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नीतू का आरोप है कि नौकरी के नाम पर उसके पति से दिसंबर माह में तत्कालीन एक्सईएन के सामने ही 1.85 लाख रुपये लिए गए। इस पर भी नौकरी नहीं मिली। निगोहां थाने में शिकायत करने पर सुनवाई भी नहीं हुई तो राज्य मानवाधिकार आयोग से गुहार लगानी पड़ी। राज्य मानवाधिकार आयोग के आदेश पर निगोहां पुलिस ने एक्सईएन आरके वर्मा और बिजली कर्मचारी प्रदीप, अनिल, सत्यनारायण, दीपक सिंह व धीरज सिंह के खिलाफ संबंधित धाराओं के साथ ही एससी, एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है। निगोहां थाना प्रभारी जितेंद्र प्रताप ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। विवेचना सीओ सैयद नईमुल हसन करेंगे।