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Lucknow News: कावेरी में फ्लैट का झांसा दे एलडीए सचिव के नाम पर वसूली
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लखनऊ। लखनऊ विकास प्राधिकरण के पहले आओ पहले पाओ योजना में आवेदन करने वाली महिला से जालसाजों ने पांच लाख रुपये ठग लिए। जालसाज ने कावेरी अपार्टमेंट में फ्लैट दिलाने का झांसा देकर सचिव के नाम से पांच लाख का बैंक डिमांड ड्राफ्ट बनवाया।
रकम भी भुगतान करा ली, लेकिन आवंटन नहीं हुआ। पीड़िता ने शिकायत की तो रकम वापसी का चेक दिया जो बाउंस कर गया। पीड़िता ने डीसीपी पूर्वी हृदेश कुमार से शिकायत की। गोमतीनगर विस्तार थाने में केस दर्ज किया गया है।
ग्रीनवुड अपार्टमेंट में रहने वाली प्रियंका प्रजापति के मुताबिक, एलडीए ने पहले आओ पहले पाओ योजना लागू की। इसके तहत उन्होंने सरयू अपार्टमेंट में खाली फ्लैट के लिए आवेदन किया। लॉटरी निकली तो दूसरे को फ्लैट आवंटित हो गया।
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इसके बाद दोबारा उन्होंने राप्ती अपार्टमेंट के फ्लैट के लिए आवेदन किया। इस बार भी उनकी जगह दूसरे को फ्लैट मिल गया। प्रियंका के मुताबिक, उससे एक जालसाज विशाल राय ने संपर्क किया। उसने बताया कि दोनों फ्लैट उसने ही आवंटित कराए थे। इसके लिए उसने आवंटियों से रुपये लिए थे। विशाल ने प्रियंका के सामने फ्लैट दिलाने का ऑफर दिया।
एलडीए सचिव के नाम पर बनवाया डिमांड ड्राफ्ट
प्रियंका के मुताबिक, आरोपी विशाल राय ने कावेरी अपार्टमेंट में इसी योजना के तहत कुछ फ्लैट के आवंटन की जानकारी दी। इसके लिए उसने पांच लाख रुपये का बैंक डिमांड ड्राफ्ट एलडीए सचिव के नाम से बनाकर देने को कहा। प्राधिकरण के सचिव के नाम से डिमांड ड्राफ्ट देने के बाद भरोसा हुआ कि वह ठगी नहीं कर सकता। विशाल ने उनको व्हाट्सएप पर कावेरी के फ्लैट नंबर केवी/601 के आवेदन की रसीद भी भेजी। जल्द आवंटन का आश्वासन देता रहा। प्रियंका के मुताबिक, इसी बीच उनको जानकारी हुई कि योजना निरस्त कर दी गई है। उनके द्वारा दिया गया डिमांड ड्राफ्ट भी प्राधिकरण को नहीं मिला। पड़ताल की तो सामने आया कि उनका डिमांड ड्राफ्ट सरयू अपार्टमेंट के आवेदक निशिद मोहन कृष्ण के फ्लैट 1094 में लगाकर प्राधिकरण सचिव के खाते में भुगतान करा लिया गया है। इसकी शिकायत एलडीए के अधिकारियों से की तो कोई कार्रवाई नहीं की गई। पीड़िता ने जालसाज विशाल से रकम वापस मांगी तो उसने एक चेक दिया जो बाउंस कर गया। इसके बाद केस दर्ज कराया।
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रकम भी भुगतान करा ली, लेकिन आवंटन नहीं हुआ। पीड़िता ने शिकायत की तो रकम वापसी का चेक दिया जो बाउंस कर गया। पीड़िता ने डीसीपी पूर्वी हृदेश कुमार से शिकायत की। गोमतीनगर विस्तार थाने में केस दर्ज किया गया है।
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ग्रीनवुड अपार्टमेंट में रहने वाली प्रियंका प्रजापति के मुताबिक, एलडीए ने पहले आओ पहले पाओ योजना लागू की। इसके तहत उन्होंने सरयू अपार्टमेंट में खाली फ्लैट के लिए आवेदन किया। लॉटरी निकली तो दूसरे को फ्लैट आवंटित हो गया।
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इसके बाद दोबारा उन्होंने राप्ती अपार्टमेंट के फ्लैट के लिए आवेदन किया। इस बार भी उनकी जगह दूसरे को फ्लैट मिल गया। प्रियंका के मुताबिक, उससे एक जालसाज विशाल राय ने संपर्क किया। उसने बताया कि दोनों फ्लैट उसने ही आवंटित कराए थे। इसके लिए उसने आवंटियों से रुपये लिए थे। विशाल ने प्रियंका के सामने फ्लैट दिलाने का ऑफर दिया।
एलडीए सचिव के नाम पर बनवाया डिमांड ड्राफ्ट
प्रियंका के मुताबिक, आरोपी विशाल राय ने कावेरी अपार्टमेंट में इसी योजना के तहत कुछ फ्लैट के आवंटन की जानकारी दी। इसके लिए उसने पांच लाख रुपये का बैंक डिमांड ड्राफ्ट एलडीए सचिव के नाम से बनाकर देने को कहा। प्राधिकरण के सचिव के नाम से डिमांड ड्राफ्ट देने के बाद भरोसा हुआ कि वह ठगी नहीं कर सकता। विशाल ने उनको व्हाट्सएप पर कावेरी के फ्लैट नंबर केवी/601 के आवेदन की रसीद भी भेजी। जल्द आवंटन का आश्वासन देता रहा। प्रियंका के मुताबिक, इसी बीच उनको जानकारी हुई कि योजना निरस्त कर दी गई है। उनके द्वारा दिया गया डिमांड ड्राफ्ट भी प्राधिकरण को नहीं मिला। पड़ताल की तो सामने आया कि उनका डिमांड ड्राफ्ट सरयू अपार्टमेंट के आवेदक निशिद मोहन कृष्ण के फ्लैट 1094 में लगाकर प्राधिकरण सचिव के खाते में भुगतान करा लिया गया है। इसकी शिकायत एलडीए के अधिकारियों से की तो कोई कार्रवाई नहीं की गई। पीड़िता ने जालसाज विशाल से रकम वापस मांगी तो उसने एक चेक दिया जो बाउंस कर गया। इसके बाद केस दर्ज कराया।