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बिजली विभाग पर गिरी उपभोक्ता फोरम की 'बिजली'
टीम डिजिटल/लखनऊ
Updated Thu, 05 Sep 2013 12:12 AM IST
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एक के बजाय चार किलोवाट लोड का बिजली बिल बनाना लेसा को भारी पड़ गया।
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जिला उपभोक्ता फोरम ने उपभोक्ता के पक्ष में फैसला सुनाते हुए लेसा पर 25 हजार रुपये जुर्माना ठोक दिया है। इसके साथ ही उपभोक्ता को वाद खर्च के रूप में तीन हजार रुपये अलग से देने का आदेश दिया है।
यह फैसला न्यायालय जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष फोरम के पीठासीन सदस्य अंजू अवस्थी एवं राजर्षि शुक्ला ने सात अगस्त को उपभोक्ता की व्यथा सुनने के बाद सुनाया।
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उपभोक्ता फोरम में छोटे साहब आलम रोड सआदतगंज निवासी रियाज फातिमा ने वाद दाखिल किया था। वादिनी का कहना था कि क्षेत्रीय इंजीनियरों ने उसके घर के एक किलोवाट विद्युत लोड को मनमाने तरीके से चार किलोवाट कर दिया।
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बिल भी चार किलोवाट के आधार पर बना दिया। वादिनी का एकमुश्त समाधान योजना के तहत बिल 83,322 बनाया गया, जिसमें से 36 हजार रुपये जमा किए गए। वादिनी के पति का निधन हो गया वह फैमिली पेंशन से गुजारा कर रही है।
सुनवाई के बाद उपभोक्ता फोरम ने लेसा के अधिशासी अभियंता को आदेश दिया कि वह वादिनी के घर के विद्युत लोड की गणना फिर से करते हुए बिल संशोधित कराने को कहा।
बढ़े हुए विद्युत लोड के आधार पर जो धनराशि जमा कराई गई, उसको वापस करें या फिर बिलों में समायोजित करें।
इस आदेश की जानकारी देते हुए पीठासीन सदस्य राजर्षि शुक्ला ने बुधवार को बताया कि इसके अतिरिक्त लेसा को वादिनी को मानसिक पीड़ा पहुंचाने के लिए जुर्माने के रूप में 25 हजार रुपए अदा करने का निर्देश दिया गया है।