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घटिया धनिया पाउडर बेचने पर एक लाख का जुर्माना
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एफएसडीए के न्याय निर्णायक अधिकारी की कोर्ट का फैसला, घटिया धनिया पाउडर बेचने पर एक लाख का जुर्माना
घटिया गुणवत्ता का धनिया पाउडर बेचने वाले पर एफएसडीए के न्याय निर्णायक अधिकारी की कोर्ट ने एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।
साथ ही चेताया कि एक माह में जुर्माना राशि सरकारी खजाने में जमा न कराने पर इसकी रिकवरी राजस्व कोर्ट से आरसी जारी कर कराई जाए।
अक्तूबर 2017 में लकड़मंडी सआदतगंज में पलक मसाला चक्की से बेचे जा रहे पिसे धनिया पाउडर का नमूना सीज कर लैब भेजा गया था। जांच में इसमें ऐश की मिलावट तय मानक सात फीसदी से अधिक पाई गई।
घटिया गुणवत्ता के कारण इसे अधोमानक मानते हुए फेल बताया गया। इसके आधार पर एफएसओ की ओर से चक्की संचालक रामजी गुप्ता के खिलाफ जुर्माना तय कराने को एफएसडीए के न्याय निर्णायक अधिकारी व एडीएम सिटी पूर्वी वैभव मिश्रा की कोर्ट में वाद दाखिल किया।
डेढ़ साल से अधिक समय तक चली सुनवाई के बाद वाद को अंतिम तौर पर निस्तारित करते हुए एक लाख का जुर्माना लगाया गया। इससे पहले चक्की संचालक ने खतरनाक मिलावट से इन्कार करते हुए आगे गुणवत्ता बेहतर बनाने का भरोसा दिलाया।
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उसने खुद को अध्यापक बताते हुए परिवार पालने को अतिरिक्त समय में आय के लिए चक्की चलाने की बात कहते हुए जुर्माना राशि न्यूनतम करने की गुहार लगाई थी।
हालांकि, घटिया खाद्य सामग्री से सेहत को पहुंचने वाले खतरे को देखते हुए कोर्ट ने एक लाख का जुर्माना लगाने का निर्देश अंतिम आदेश में दिया।
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घटिया गुणवत्ता का धनिया पाउडर बेचने वाले पर एफएसडीए के न्याय निर्णायक अधिकारी की कोर्ट ने एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।
साथ ही चेताया कि एक माह में जुर्माना राशि सरकारी खजाने में जमा न कराने पर इसकी रिकवरी राजस्व कोर्ट से आरसी जारी कर कराई जाए।
अक्तूबर 2017 में लकड़मंडी सआदतगंज में पलक मसाला चक्की से बेचे जा रहे पिसे धनिया पाउडर का नमूना सीज कर लैब भेजा गया था। जांच में इसमें ऐश की मिलावट तय मानक सात फीसदी से अधिक पाई गई।
घटिया गुणवत्ता के कारण इसे अधोमानक मानते हुए फेल बताया गया। इसके आधार पर एफएसओ की ओर से चक्की संचालक रामजी गुप्ता के खिलाफ जुर्माना तय कराने को एफएसडीए के न्याय निर्णायक अधिकारी व एडीएम सिटी पूर्वी वैभव मिश्रा की कोर्ट में वाद दाखिल किया।
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डेढ़ साल से अधिक समय तक चली सुनवाई के बाद वाद को अंतिम तौर पर निस्तारित करते हुए एक लाख का जुर्माना लगाया गया। इससे पहले चक्की संचालक ने खतरनाक मिलावट से इन्कार करते हुए आगे गुणवत्ता बेहतर बनाने का भरोसा दिलाया।
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उसने खुद को अध्यापक बताते हुए परिवार पालने को अतिरिक्त समय में आय के लिए चक्की चलाने की बात कहते हुए जुर्माना राशि न्यूनतम करने की गुहार लगाई थी।
हालांकि, घटिया खाद्य सामग्री से सेहत को पहुंचने वाले खतरे को देखते हुए कोर्ट ने एक लाख का जुर्माना लगाने का निर्देश अंतिम आदेश में दिया।