फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Fine for feeding 250 children of primary school for delay in giving information in lucknow

लखनऊ : सूचना देने में देरी पर प्राथमिक विद्यालय के 250 बच्चों को भोजन कराने का जुर्माना

Thu, 28 Apr 2022 12:52 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Thu, 28 Apr 2022 12:52 AM IST
सार

आयोग ने पाया कि वर्तमान जनसूचना अधिकारी चंद्रिका प्रसाद ने जानकारी देने में जानबूझकर देरी नहीं की, बल्कि अपरिहार्य परिस्थितियों के कारण से देरी हुई थी। इसलिए उन पर सांकेतिक जुर्माना लगाया गया। उप्रेती ने आदेश दिया कि इस भोजन पर होने वाला खर्च किसी भी कीमत पर 25 हजार रुपये से अधिक नहीं होना चाहिए। इस मामले में आयोग ने पाया कि वास्तविक देरी ग्राम विकास अधिकारी गोपाल सिंह के कारण हुई थी, जो चंद्रिका प्रसाद से पहले वहां तैनात थे। इसलिए गोपाल सिंह पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया।

विज्ञापन
Fine for feeding 250 children of primary school for delay in giving information in lucknow
demo pic... - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राज्य सूचना आयुक्त अजय कुमार उप्रेती ने सूचना देने में देरी पर जन सूचना अधिकारी पर प्राथमिक विद्यालय के 250 बच्चों को भोजन कराने का जुर्माना लगाया है। यह जुर्माना गाजीपुर के एक मामले में लगाया गया है।

विज्ञापन


भूपेंद्र कुमार पांडेय की आरटीआई अर्जी पर सुनवाई करते हुए जन सूचना अधिकारी पर सांकेतिक जुर्माना लगाकर नया आदेश पारित किया। राज्य सूचना आयुक्त उप्रेती ने ग्राम विकास अधिकारी व जनसूचना अधिकारी चंद्रिका प्रसाद को नूनरा (गाजीपुर) के प्राथमिक विद्यालय के 250 छात्रों को भोजन कराने का निर्देश दिया। 
विज्ञापन


चंद्रिका प्रसाद को 29 अप्रैल 2022 को मध्याह्न भोजन के समय छात्रों को खाना खिलाने के लिए कहा गया। इसकी वीडियो रिकॉर्डिंग करने और इसे आयोग को वापस भेजने के लिए भी कहा गया है। आवेदक ने 2016 में आरटीआई एक्ट-2005 के तहत जानकारी मांगी थी। मामला 2016 में आयोग में सुनवाई के लिए आया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


आयोग ने पाया कि वर्तमान जनसूचना अधिकारी चंद्रिका प्रसाद ने जानकारी देने में जानबूझकर देरी नहीं की, बल्कि अपरिहार्य परिस्थितियों के कारण से देरी हुई थी। इसलिए उन पर सांकेतिक जुर्माना लगाया गया। उप्रेती ने आदेश दिया कि इस भोजन पर होने वाला खर्च किसी भी कीमत पर 25 हजार रुपये से अधिक नहीं होना चाहिए। इस मामले में आयोग ने पाया कि वास्तविक देरी ग्राम विकास अधिकारी गोपाल सिंह के कारण हुई थी, जो चंद्रिका प्रसाद से पहले वहां तैनात थे। इसलिए गोपाल सिंह पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed