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एफएसडीए कोर्ट ने घटिया पनीर परोसने वाले मां दुर्गमां रेस्टोरेंट पर लगाया पांच लाख जुर्माना
Tue, 11 Jun 2019 01:02 AM IST
सौरभ दिक्षित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: सौरभ दिक्षित
Updated Tue, 11 Jun 2019 01:02 AM IST
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Decision of court
- फोटो : amar ujala
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खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) अदालत ने ग्राहक को घटिया पनीर परोसने के करीब छह साल पुराने मामले में सख्त रुख दिखाते हुए लालबाग के मां दुर्गमां रेस्टोरेंट के संचालक पर पांच लाख का जुर्माना ठोका है।
कोर्ट ने पिछले साल 30 जून को कृष्णानगर की इंद्रलोक कॉलोनी सब्जीमंडी में बगैर रजिस्ट्रेशन और फूड लाइसेंस के मीट शॉप चलाते पकड़े गए मो. हाशीब पर भी एक लाख की पेनाल्टी लगाई है।
न्याय निर्णायक अधिकारी खाद्य सुरक्षा व औषधि प्रशासन एवं एडीएम सिटी पूर्वी वैभव मिश्रा की कोर्ट ने खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की तरफ से दाखिल किए गए दोनों मुकदमों का निपटारा करते हुए आदेश दिए। मां दुर्गमां रेस्टोरेंट पर अक्तूबर 2013 में एफएसडीए टीम ने निरीक्षण किया था।
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इस दौरान जांच टीम ने यहां सब्जी में इस्तेमाल होने वाले पनीर का नमूना लिया था। वाराणसी स्थित लैब में पनीर की जांच कराई गई तो उसमें 36 फीसदी मिल्क फैट पाया गया। जबकि मानकों के अनुसार इसे 50 फीसदी होना चाहिए था।
कोर्ट ने माना गंभीर, अधिकतम जुर्माना लगाया
कोर्ट ने रेस्टोरेंट की लोकप्रियता को देखते हुए पनीर के घटिया पाए जाने को गंभीर मामला माना। लंबी चली सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने पांच लाख जुर्माना लगाने का आदेश दिया। यह जुर्माना एफएसडीए एक्ट की धारा-51 के तहत अधिकतम है।
एक माह में अदा करनी होगी जुर्माने की रकम
कोर्ट ने इंद्रलोक कॉलोनी सब्जी मंडी में बिना फूड लाइसेंस व रजिस्ट्रेशन के मीट शॉप चलाने के मामले को भी गंभीर माना और इसे सुरक्षा मानकों की गंभीर अनदेखी भी करार दिया। अदालत ने दोनों मामलों में कहा कि एक माह में जुर्माने की रकम न अदा की जाए तो इसकी वसूली बकाया राजस्व की तरह सक्षम राजस्व कोर्ट से आरसी जारी कर होगी।
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कोर्ट ने पिछले साल 30 जून को कृष्णानगर की इंद्रलोक कॉलोनी सब्जीमंडी में बगैर रजिस्ट्रेशन और फूड लाइसेंस के मीट शॉप चलाते पकड़े गए मो. हाशीब पर भी एक लाख की पेनाल्टी लगाई है।
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न्याय निर्णायक अधिकारी खाद्य सुरक्षा व औषधि प्रशासन एवं एडीएम सिटी पूर्वी वैभव मिश्रा की कोर्ट ने खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की तरफ से दाखिल किए गए दोनों मुकदमों का निपटारा करते हुए आदेश दिए। मां दुर्गमां रेस्टोरेंट पर अक्तूबर 2013 में एफएसडीए टीम ने निरीक्षण किया था।
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इस दौरान जांच टीम ने यहां सब्जी में इस्तेमाल होने वाले पनीर का नमूना लिया था। वाराणसी स्थित लैब में पनीर की जांच कराई गई तो उसमें 36 फीसदी मिल्क फैट पाया गया। जबकि मानकों के अनुसार इसे 50 फीसदी होना चाहिए था।
कोर्ट ने माना गंभीर, अधिकतम जुर्माना लगाया
कोर्ट ने रेस्टोरेंट की लोकप्रियता को देखते हुए पनीर के घटिया पाए जाने को गंभीर मामला माना। लंबी चली सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने पांच लाख जुर्माना लगाने का आदेश दिया। यह जुर्माना एफएसडीए एक्ट की धारा-51 के तहत अधिकतम है।
एक माह में अदा करनी होगी जुर्माने की रकम
कोर्ट ने इंद्रलोक कॉलोनी सब्जी मंडी में बिना फूड लाइसेंस व रजिस्ट्रेशन के मीट शॉप चलाने के मामले को भी गंभीर माना और इसे सुरक्षा मानकों की गंभीर अनदेखी भी करार दिया। अदालत ने दोनों मामलों में कहा कि एक माह में जुर्माने की रकम न अदा की जाए तो इसकी वसूली बकाया राजस्व की तरह सक्षम राजस्व कोर्ट से आरसी जारी कर होगी।