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Lucknow News: भंडारे की लाइन में झगड़ा, चाकू से गोदकर युवक की हत्या, दो जख्मी

Thu, 17 Apr 2025 01:59 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ Updated Thu, 17 Apr 2025 01:59 AM IST
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Fight in the queue for the food distribution, a young man was stabbed to death, two injured
भंडारे की लाइन में झगड़ा, चाकू से गोदकर युवक की हत्या, दो जख्मी
लखनऊ। महानगर स्थित हनुमान सेतु मंदिर के बाहर मंगलवार शाम पार्किंग में भंडारे की लाइन में लगने के विवाद में रायबरेली के शिवगढ़ बैती गांव निवासी पिंटू उर्फ सुरेंद्र का तीन युवकों से विवाद हो गया। पिंटू ने चाकू से तीनों पर हमला कर दिया। लोगों ने दौड़ाकर आरोपी को पकड़ लिया और धुनाई कर पुलिस के हवाले कर दिया। हमले में घायल बाराबंकी के सतरिख सि्थत बिरहमापुर निवासी लवकुश (30) की ट्राॅमा सेंटर मौत हो गई। पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
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इंस्पेक्टर अखिलेश मिश्र ने बताया कि मंगलवार शाम सात बजे के करीब मंदिर की पार्किंग में खाना बांटा जा रहा था। खाना लेने वालों की लाइन में गुडंबा के पहाड़पुर निवासी मजदूर फरीद, आशियाना के रुचिखंड निवासी राजन डेविड और लवकुश भी लगे थे। फरीद के मुताबिक आरोपी पिंटू जबरन लाइन में आगे लगने लगा। इसका विरोध किया तो आरोपी गाली-गलौज करने लगा। विवाद के दौरान पिंटू ने पास में रखा चाकू उठाकर लवकुश और फिर फरीद व राजन पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। लवकुश के पेट और फरीद व राजन के हाथ में चोट लगी। लवकुश खून से लथपथ होकर गिर पड़ा।
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पुलिस ने तीनों घायलों को को ट्राॅमा में भर्ती कराया, वहां लवकुश की मौत हो गई। पुलिस ने लवकुश की पहचान कर खबर परिजनों को दी। फरीद की तहरीर पर पुलिस ने केस दर्ज करते हुए आरोपी पिंटू को गिरफ्तार कर लिया है। इंस्पेक्टर ने बताया आरोपी के पास से चाकू भी बरामद किया गया है।
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घरवालों से झगड़ा कर अलग रह रहा था लवकुश
लवकुश के पिता रामखेलावन ने बताया कि लवकुश बाराबंकी में प्लाईवुड फैक्टरी में काम करता था। चार साल पहले वह उनसे झगड़ा कर बुआ कलाना के घर रहने लगा था। चार माह पहले बुआ का घर छोड़ दिया था और अलग रह रहा था। घरवालों से अधिक बात नहीं होती थी। परिजनों को भी इसकी जानकारी नहीं है कि लवकुश लखनऊ में कब आया और यहां क्या कर रहा था। वह पांच भाई-बहनों में सबसे बड़ा था। परिवार में मां मीना कुमारी।


परिजनों के पास अंतिम संस्कार तक के रुपये नहीं

लवकुश का परिवार बहुत गरीब है। पिता रामखेलावन ने बताया कि गांव के होमगार्ड लालू से उनको घटना का पता चला तो वह एक हजार रुपये की व्यवस्था कर ट्राॅमा पहुंचे। पोस्टमार्टम हाउस पर मौजूद रामखेलावन ने बताया कि अब उनके पास वापस जाने तक के रुपये नहीं हैं। गांव पहुंचने पर किसी तरह उधार लेकर वाहन का किराया देंगे और फिर अंतिम संस्कार करेंगे।
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