टैंपों से बारात आने पर चली लाठियां, बाराती पहुंचे अस्पताल
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आमतौर पर बारात कार या दूसरी गाड़ियों से पहुंचती है। रोड पर चलने वाले टैंपों या विक्रम से बारात नहीं पहुंचती। यदि बारात इन वाहनों से पहुंच जाए तो क्या नजारा हो। इस बात का अंदाजा बारातियों को तब हुआ जब वह टैंपो करके बारात लेकर पहुंचे।
मामला इलाहाबाद का है। बाराती अप्पे (टेंपो) से पहुंचे तो घरातियों के सम्मान को ठेस लग गई। ठेस इस कदर लगी कि इस बात का अंदाजा अब यूं लगा सकते हैं कि दोनों पक्षों में जमकर मारपीट हुई। बाराती और घराती आक्रामक होकर एक-दूसरे से भिड़ गए।
इस दौरान चर्ले पत्थर व लाठी डंडे में दोनों पक्षों के 16 लोग घायल हो गए। द्वारचार के समय तिलक के दौरान बात बढ़ी तो घराती शादी न करने की बात पर अड़ गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मामला निपटवाने की कोशिश की।
पुलिस के आने के बाद किसी तरह बड़े बुजुर्गों की मदद से सुलह समझौता करा शादी कराई। घायलों में दूल्हे के पिता व चचेरा भाई भी शामिल है।
कुछ यूं हुई झगड़े की शुरुआत
फूलपुर कोतवाली क्षेत्र के ढोकरी गांव के रहने वाले ज्ञानचन्द्र के बेटे की बारात सरांय ममरेज थाना क्षेत्र के सेमरी गांव निवासी जीतलाल के यहां गई थी। दूल्हे की गाड़ी को छोड़कर करीब दर्जन भर अप्पे गाड़ी से बाराती पहुंचे थे।
द्वारचार के बाद तिलक का कार्यक्र म चल रहा था। इसी बीच घरातियों ने अप्पे से बारात लाने पर नाराजगी जाहिर की तो दोनों पक्षों में विवाद खड़ा हो गया। बात बढ़ी तो मारपीट शुरू हो गई इस दौरान चले लाठी डंडे और ईट पत्थर में दूल्हें के पिता ज्ञानचन्द्र व चचेरे भाई राम बहादुर के साथ ही करीब 16 घराती व बाराती गंभीर रूप से घायल हो गए।
बारात में हंगामा खड़ा हो गया। इस दौरान घंटो चली पंचायत के बाद कन्या पक्ष के लोग शादी करने पर राजी हुए। सूचना पर सरांय ममरेज थाने की पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और शांति व्यवस्था में सहयोग किया।
एसओ सरांय ममरेज का कहना है कि बारात में मारपीट और हंगामे की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची तो लोगों को शांत कराया। कुछ बाराती शराब के नशे में थे तो विवाद होना स्वाभाविक है।