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Lucknow News: होलाष्टक 28 से, रंगभरी एकादशी तीन मार्च को, सात मार्च को खेला जाएगा रंग
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लखनऊ। होलाष्टक 28 फरवरी से लग रहा है, इसके बाद मांगलिक कार्य नहीं होंगे। राजधानी में रंग सात मार्च को खेला जाएगा। समितियां, पंडित और ज्योतिषाचार्य इस बात पर एकमत हैं। रंग भरी एकादशी तीन मार्च को मनाई जाएगी, इसी के साथ रंग पर्व का आगाज हो जाएगा। ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि होलिका दहन के लिए जरूरी है कि पूर्णिमा हो और भद्रा न हो।
ज्योतिषाचार्य पं. केए दुबे पदमेश ने बताया कि होलिका दहन के लिए सात मार्च को तड़के 5:26 से 6:15 बजे तक का समय उपयुक्त है। दूज नौ को है, इसलिए रंग आठ मार्च को ही खेला जाना चाहिए। हालांकि होलिका दहन के बाद शहरों में लोग रुकते कहां हैं, ऐसे में सात मार्च को ही रंग खेला जाएगा। श्री मारवाड़ी संस्कृति महाविद्यालय, काशी के प्राचार्य पं. रंगनाथ उपाध्याय कहते हैं कि सात मार्च की भोर में 4.48 मिनट पर भद्रामुक्त पूर्णिमा का समय सात मार्च की भोर में 5:26 से 6:15 बजे सूर्योदय के पहले तक है। सूर्योदय का समय 6:25 बजे है।
ज्योतिषाचार्य राधेश्याम शास्त्री और धीरेन्द्र पांडेय और एसएस नागपाल के मुताबिक, पूर्णिमा छह मार्च की शाम को 4:18 बजे लगेगी और सात मार्च की शाम 6:10 बजे तक रहेगी। भद्रा पूछ का वक्त रात 12.23 से 1.35 बजे तक है। इस काल में भी दहन किया जा सकता है। लेकिन सर्वश्रेष्ठ समय वही है जो भद्रा से मुक्त हो।
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सात को निकलेगी होली बरात
शुभ संस्कार समिति के पदाधिकारी लक्ष्मीकांत पांडे और रिद्धि गौड़ के मुताबिक, छह मार्च को रात एक बजे के बाद होलिका दहन होगा। होलिका उत्सव समिति चौक के सचिव अनुराग मिश्र अन्नू ने बताया कि होली बरात सात मार्च को सुबह 10 बजे से निकलेगी। रिद्धि गौड़ के मुताबिक, बरात सुबह 9.30 बजे निकलेगी। कोनेश्वर महादेव मंदिर पर लगने वाला मेला भी सात मार्च की शाम को लगेगा।
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ज्योतिषाचार्य पं. केए दुबे पदमेश ने बताया कि होलिका दहन के लिए सात मार्च को तड़के 5:26 से 6:15 बजे तक का समय उपयुक्त है। दूज नौ को है, इसलिए रंग आठ मार्च को ही खेला जाना चाहिए। हालांकि होलिका दहन के बाद शहरों में लोग रुकते कहां हैं, ऐसे में सात मार्च को ही रंग खेला जाएगा। श्री मारवाड़ी संस्कृति महाविद्यालय, काशी के प्राचार्य पं. रंगनाथ उपाध्याय कहते हैं कि सात मार्च की भोर में 4.48 मिनट पर भद्रामुक्त पूर्णिमा का समय सात मार्च की भोर में 5:26 से 6:15 बजे सूर्योदय के पहले तक है। सूर्योदय का समय 6:25 बजे है।
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ज्योतिषाचार्य राधेश्याम शास्त्री और धीरेन्द्र पांडेय और एसएस नागपाल के मुताबिक, पूर्णिमा छह मार्च की शाम को 4:18 बजे लगेगी और सात मार्च की शाम 6:10 बजे तक रहेगी। भद्रा पूछ का वक्त रात 12.23 से 1.35 बजे तक है। इस काल में भी दहन किया जा सकता है। लेकिन सर्वश्रेष्ठ समय वही है जो भद्रा से मुक्त हो।
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सात को निकलेगी होली बरात
शुभ संस्कार समिति के पदाधिकारी लक्ष्मीकांत पांडे और रिद्धि गौड़ के मुताबिक, छह मार्च को रात एक बजे के बाद होलिका दहन होगा। होलिका उत्सव समिति चौक के सचिव अनुराग मिश्र अन्नू ने बताया कि होली बरात सात मार्च को सुबह 10 बजे से निकलेगी। रिद्धि गौड़ के मुताबिक, बरात सुबह 9.30 बजे निकलेगी। कोनेश्वर महादेव मंदिर पर लगने वाला मेला भी सात मार्च की शाम को लगेगा।