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नए कालेजों में दोगुने तक बढ़ सकती है फीस

Sat, 02 Jan 2021 01:38 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 02 Jan 2021 01:38 AM IST
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Fees may increase two times in colleges
लखनऊ विश्वविद्यालय से चार जनपदों के कॉलेज जुड़ने का सबसे ज्यादा असर छात्रों की फीस पर पड़ेगा, सेमेस्टर प्रणाली के तहत साल में दो बार देनी पड़ेगी फीस
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लखनऊ विश्वविद्यालय से जुड़ने वाले चार जनपद के कॉलेजों के लिए नए सत्र से काफी कुछ बदलने वाला है। बदलाव का सबसे ज्यादा असर छात्रों की फीस पर पड़ेगा। अभी तक इन कॉलेजों में वार्षिक प्रणाली लागू थी, जबकि लविवि में सेमेस्टर प्रणाली है। विश्वविद्यालय से सहयुक्त होने के बाद यहां भी सेमेस्टर प्रणाली लागू हो जाएगी। ऐसे में विवि से जुड़ने वाले कॉलेज के विद्यार्थियों को भी साल में दो बार फीस देनी होगी। लविवि की परीक्षा फीस भी कानपुर विवि के मुकाबले ज्यादा है। ऐसे में इन कॉलेजो को विद्यार्थियों से पहले के मुकाबले करीब चार गुना परीक्षा फीस वसूलनी होगी। कुल फीस पर इस तरह कॉलेजों को करीब दो गुना फीस बढ़ानी पड़ सकती है।
लखनऊ विश्वविद्यालय से इस साल हरदोई, सीतापुर, रायबरेली और लखीमपुर जिले के कॉलेज सहयुक्त किए गए हैं। अभी तक ये कॉलेज कानपुर विवि से सहयुक्त थे। कानपुर विवि में परीक्षा फीस केवल एक हजार रुपये है। यह फीस सिर्फ साल में एक बार देनी होती है। वहीं, लखनऊ विश्विद्यालय की परीक्षा फीस न्यूनतम दो हजार रुपये प्रति सेमेस्टर है। साल में दो सेमेस्टर के हिसाब से विद्यार्थी को कम से कम चार हजार रुपये परीक्षा फीस के ही देने होंगे। इस तरह सिर्फ परीक्षा फीस की बात करें तो पहले के मुकाबले विद्यार्थियों को चार गुने ज्यादा भुगतान करना होगा। कुल फीस पर यह अंतर दो गुने से ज्यादा ही होगा। ऐसे में कॉलेजों के सामने फीस बढ़ाना मजबूरी होगी।
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कॉलेज के प्रस्ताव पर किया जा सकता है विचार
लविवि की परीक्षा फीस ज्यादा होने की बड़ी वजह आर्थिक तंगी है। लविवि का अनुदान फ्रीज होने की वजह से विवि को सरकार से सिर्फ 34 करोड़ रुपये का अनुदान मिलता है। बाकी की व्यवस्था लविवि को अपने स्रोतों से करनी होती है। शासन की बिना अनुमति के लविवि अपनी फीस भी नहीं बढ़ा सकता है। ऐसे में लविवि परीक्षा फीस बढ़ाकर अपने खर्चों की भरपाई कर लेता है। लविवि से इस समय 176 कॉलेज सहयुक्त हैं। चार जनपद के कॉलेज जुड़ने पर इससे करीब 360 कॉलेज और जुड़ जाएंगे। इन कॉलेजो से मिलने वाली परीक्षा फीस की राशि काफी हो जाती है। लविवि के सूत्रों के अनुसार कॉलेजों की ओर से परीक्षा फीस पर कोई प्रस्ताव मिलने पर विचार किया जा सकता है, क्योंकि ज्यादा कॉलेज होने पर परीक्षा फीस की राशि इतनी हो जाएगी, जिससे कि आसानी से परीक्षा आयोजित हो सकें।
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रोज कर रहे हैं लविवि से संपर्क
लखनऊ विवि से जुड़ने वाले कॉलेज के संचालकों की हालत इस समय खराब है। कॉलेज संचालक लविवि से संपर्क करके परीक्षा फीस का आंकलन कर रहे हैं। जुलाई में शुरू होने वाले अगले सत्र में ये इन कॉलेजों के दाखिले लविवि से सहयुक्त हो जाएंगे। इसलिए इन कॉलेजों को अपनी फीस अभी से निर्धारित करनी होगी।
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