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Lucknow News: संजय गांधी पीजीआई में हर बृहस्पतिवार फैटी लिवर और मोटापा क्लीनिक

Fri, 12 Dec 2025 02:36 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 12 Dec 2025 02:36 AM IST
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Fatty Liver and Obesity Clinic every Thursday at Sanjay Gandhi PGI
क्लीनिक के बारे में जानकारी देते एसजी पीजीआई के निदेशक।  - फोटो : संवाद
लखनऊ। संजय गांधी पीजीआई में अब हर बृहस्पतिवार फैटी लिवर और मोटापा जैसी समस्याओं के लिए विशिष्ट क्लीनिक संचालित होगी। संस्थान के निदेशक प्रो. आरके धीमन, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक प्रो. देवेंद्र गुप्ता, हेपेटोलॉजी विभाग के प्रमुख प्रो. अमित गोयल और एंडोक्राइनोलॉजी विभाग के प्रो. सुभाष यादव ने बृहस्पतिवार को इसका शुभारंभ किया।
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निदेशक ने बताया कि यह विशेष ओपीडी संस्थान के एडवांस डायबिटीज सेंटर (एडीसी) के डी-ब्लॉक में हर बृहस्पतिवार संचालित होगी। लोगों में फैटी लिवर और मोटापे की बढ़ती समस्या को देखते हुए इसकी शुरुआत की गई है। डॉ. देवेंद्र गुप्ता ने कहा कि फैटी लिवर के प्रबंधन में समय पर पहचान और जल्द इलाज शुरू होना जरूरी है। यह क्लीनिक इसमें अहम साबित होगी।
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हर तीसरा व्यक्ति मोटापे और लिवर के रोग से पीड़ित
हेपेटोलॉजी विभाग के प्रमुख प्रो. अमित गोयल ने बताया कि हर तीसरा व्यक्ति मोटापे और लिवर के रोग से पीड़ित है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण रिपोर्ट के अनुसार, लगभग 25 फीसदी भारतीय मोटे या अधिक वजन वाले हैं। बच्चों और किशोरों में भी फैटी लिवर रोग और मोटापा बढ़ रहा है।
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वजन कम करना जरूरी

एंडोक्राइनोलॉजी विभाग के प्रो. सुभाष यादव ने बताया कि वसायुक्त यकृत रोग, मोटापा और मधुमेह एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। मोटापे या मधुमेह से पीड़ित आधे से अधिक लोगों को वसायुक्त यकृत रोग भी होता है। सभी मोटे व्यक्तियों या मधुमेह रोगियों की फैटी लिवर की जांच करानी चाहिए। ये दोनों स्वास्थ्य समस्याएं मुख्य रूप से अधिक कैलोरी युक्त और वसायुक्त भोजन के बढ़ते सेवन से हो रही हैं जिसमें फाइबर, विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट की कमी होती है। शारीरिक गतिविधियों में कमी और निष्क्रिय जीवनशैली भी इसके लिए जिम्मेदार कारक हैं। वजन कम करना मोटापे और फैटी लिवर रोग के प्रबंधन की कुंजी है। नियमित व्यायाम और आहार में बदलाव के साथ दवाओं के सहयोग से वजन कम किया जा सकता है। हाल ही में, वजन कम करने के लिए कई नई दवाओं को मंजूरी दी गई है, जो रोगियों के लिए नई उम्मीद जगा सकती हैं।
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