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Lucknow News: खनन कारोबार के नाम पर पिता व पुत्र से ठगे 1.50 करोड़ रुपये
Sun, 02 Nov 2025 02:19 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Sun, 02 Nov 2025 02:19 AM IST
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लखनऊ। विभूतिखंड सेक्टर-4 स्थित जय शक्ति रिलयकॉन प्रा. लि. कंपनी के निदेशक कनिष्क प्रताप सिंह ने पांच लोगों पर उनसे व पिता शिव प्रताप से 1.50 करोड़ रुपये ठगने का आरोप लगाया है। आरोपियों ने खनन कारोबार के नाम पर धोखाधड़ी की थी। विभूतिखंड पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
कनिष्क के मुताबिक उनकी कंपनी में खनन संबंधी काम होता है। 2019 में पिता शिव प्रताप सिंह का उनके दोस्त बांदा के कौर निवासी दलजीत सिंह ने भोपाल स्थित यूफोरिया माइंस एंड मिनरल्स के निदेशक चंद्रशेखर से परिचय कराया था। चंद्रशेखर की कंपनी में काशीराम चौरसिया, विशाखा व सहयोगी अजीत भी निदेशक थे। नवंबर 2019 के आखिरी सप्ताह में पांचों आरोपियों ने पिता और उनसे बताया कि उनकी कंपनी को खनन का पट्टा मिल रहा है। इसके लिए 1.50 करोड़ रुपये की जरूरत है। आरोपियों ने 1.50 करोड़ रुपये दो माह के लिए उधार मांगे। रकम लौटाने में देरी होने पर 18 प्रतिशत ब्याज भी देने को कहा। दलजीत से दोस्ती के चलते उनके पिता ने 1.50 करोड़ रुपये चंद्रशेखर के खाते में ट्रांसफर कर दिए।
कनिष्क का आरोप है कि समय बीतने पर भी आरोपियों ने रकम नहीं लौटाई। मांगने पर वे टालमटोल करते रहे। एक दिन जब कनिष्क पिता के साथ आरोपियों की कंपनी पहुंचे तो वे गाली-गलौज करने लगे। धमकाते हुए मारपीट पर आमादा हो गए। इंस्पेक्टर अमर सिंह के मुताबिक मामले की तफ्तीश की जा रही है।
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कनिष्क के मुताबिक उनकी कंपनी में खनन संबंधी काम होता है। 2019 में पिता शिव प्रताप सिंह का उनके दोस्त बांदा के कौर निवासी दलजीत सिंह ने भोपाल स्थित यूफोरिया माइंस एंड मिनरल्स के निदेशक चंद्रशेखर से परिचय कराया था। चंद्रशेखर की कंपनी में काशीराम चौरसिया, विशाखा व सहयोगी अजीत भी निदेशक थे। नवंबर 2019 के आखिरी सप्ताह में पांचों आरोपियों ने पिता और उनसे बताया कि उनकी कंपनी को खनन का पट्टा मिल रहा है। इसके लिए 1.50 करोड़ रुपये की जरूरत है। आरोपियों ने 1.50 करोड़ रुपये दो माह के लिए उधार मांगे। रकम लौटाने में देरी होने पर 18 प्रतिशत ब्याज भी देने को कहा। दलजीत से दोस्ती के चलते उनके पिता ने 1.50 करोड़ रुपये चंद्रशेखर के खाते में ट्रांसफर कर दिए।
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कनिष्क का आरोप है कि समय बीतने पर भी आरोपियों ने रकम नहीं लौटाई। मांगने पर वे टालमटोल करते रहे। एक दिन जब कनिष्क पिता के साथ आरोपियों की कंपनी पहुंचे तो वे गाली-गलौज करने लगे। धमकाते हुए मारपीट पर आमादा हो गए। इंस्पेक्टर अमर सिंह के मुताबिक मामले की तफ्तीश की जा रही है।
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