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Lucknow News: किसान की हत्या पर बिफरे परिजन, शव दफनाने से किया इंकार
Mon, 25 Sep 2023 12:23 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Mon, 25 Sep 2023 12:23 AM IST
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हत्याकांड में एक और आरोपी का नाम शामिल किए जाने की कर रहे थे मांग, चार आरोपी गिरफ्तार
चार घंटे तक चला हंगामा व प्रदर्शन, कोतवाल के समझाने पर शांत हुए परिजन
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज (रायबरेली)। किसान की हत्या से रविवार को परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। सभी ने घटना में एक और आरोपी का नाम शामिल किए जाने की मांग करते हुए शव का अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया। चार घंटे तक परिजन और ग्रामीण हंगामा और प्रदर्शन करते रहे। बाद में पुलिस के आरोपी का नाम एफआईआर में शामिल किए जाने पर लोगों का गुस्सा शांत हुआ। परिजनों ने गांव में ही किसान के शव का अंतिम संस्कार किया। उधर, पुलिस ने घटना में नामजद तीन सगे भाइयों समेत चार आरोपियों को दबोच लिया।
महराजगंज कोतवाली क्षेत्र के पूरे गुरुदत्त सिंह मजरे ज्योना गांव निवासी लाल बहादुर पाल (65) की शनिवार की सुबह लाठी-डंडे से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। वहीं उसके बेटे राजेश (35) को घायल कर दिया था। सहन की जमीन के विवाद में गांव के ही लोगों ने घटना को अंजाम दिया था। मृतक किसान के बेटे राजेश कुमार पाल की तहरीर पर गांव के रहने वाले तीन सगे भाई हेमराज, देशराज और संतोष कुमार पुत्रगण दयाराम पाल और राम प्रसाद उर्फ बल्ला पुत्र गजोधर के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया गया था।
सुबह घटना से परिजन आक्रोशित हो गए। उनका कहना था कि घटना में एक और आरोपी शामिल था, जिसका नाम एफआईआर में दर्ज नहीं किया गया है। पहले उसका नाम एफआईआर में शामिल किया जाए। इसके बाद शव का अंतिम संस्कार करेंगे। परिजन व ग्रामीण हंगामा करने लगे। इसकी जानकारी होते ही कोतवाल बालेंदु गौतम पुलिस बल के साथ गांव पहुंच गए।
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कोतवाल ने परिजनों से बात की और भरोसा दिलाया कि घटना में जो भी शामिल रहा है, उसे बख्शा नहीं जाएगा। उस आरोपी का नाम विवेचना में बढ़ा दिया जाएगा। इसके बाद परिजन शांत हुए और गांव के बाहर किसान के शव का अंतिम संस्कार किया। सीओ इंद्रपाल सिंह ने बताया कि चारों आरोपियों को पकड़ लिया गया है।
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चार घंटे तक चला हंगामा व प्रदर्शन, कोतवाल के समझाने पर शांत हुए परिजन
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज (रायबरेली)। किसान की हत्या से रविवार को परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। सभी ने घटना में एक और आरोपी का नाम शामिल किए जाने की मांग करते हुए शव का अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया। चार घंटे तक परिजन और ग्रामीण हंगामा और प्रदर्शन करते रहे। बाद में पुलिस के आरोपी का नाम एफआईआर में शामिल किए जाने पर लोगों का गुस्सा शांत हुआ। परिजनों ने गांव में ही किसान के शव का अंतिम संस्कार किया। उधर, पुलिस ने घटना में नामजद तीन सगे भाइयों समेत चार आरोपियों को दबोच लिया।
महराजगंज कोतवाली क्षेत्र के पूरे गुरुदत्त सिंह मजरे ज्योना गांव निवासी लाल बहादुर पाल (65) की शनिवार की सुबह लाठी-डंडे से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। वहीं उसके बेटे राजेश (35) को घायल कर दिया था। सहन की जमीन के विवाद में गांव के ही लोगों ने घटना को अंजाम दिया था। मृतक किसान के बेटे राजेश कुमार पाल की तहरीर पर गांव के रहने वाले तीन सगे भाई हेमराज, देशराज और संतोष कुमार पुत्रगण दयाराम पाल और राम प्रसाद उर्फ बल्ला पुत्र गजोधर के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया गया था।
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सुबह घटना से परिजन आक्रोशित हो गए। उनका कहना था कि घटना में एक और आरोपी शामिल था, जिसका नाम एफआईआर में दर्ज नहीं किया गया है। पहले उसका नाम एफआईआर में शामिल किया जाए। इसके बाद शव का अंतिम संस्कार करेंगे। परिजन व ग्रामीण हंगामा करने लगे। इसकी जानकारी होते ही कोतवाल बालेंदु गौतम पुलिस बल के साथ गांव पहुंच गए।
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कोतवाल ने परिजनों से बात की और भरोसा दिलाया कि घटना में जो भी शामिल रहा है, उसे बख्शा नहीं जाएगा। उस आरोपी का नाम विवेचना में बढ़ा दिया जाएगा। इसके बाद परिजन शांत हुए और गांव के बाहर किसान के शव का अंतिम संस्कार किया। सीओ इंद्रपाल सिंह ने बताया कि चारों आरोपियों को पकड़ लिया गया है।