'मोदी', 'योगी' के साथ आम की अनारकली किस्म में भी आया बौर, अमराई की खुशबू से इलाका सराबोर
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राजधानी लखनऊ के चारों ओर फैली फल पट्टी अमराई की खुशबू से सराबोर हो चुकी है। बगिया के लहलहाते बौर को देखकर किसानों के साथ ही व्यापारी भी गदगद हैं। बेहतर पैदावार से जहां कीमतें सस्ती रहने के आसार हैं, वहीं आम निर्यातक व्यापारी भी तैयारी करने में जुट गए हैं। फल पट्टी में मलिहाबाद, सरोजनी नगर, बख्शी तालाब, मोहनलालगंज तहसीलों से जुडे़ गांवों के किसान आते हैं। इनमें मलिहाबाद खासतौर पर आम उत्पादन का केंद्र माना जाता है। यहां के आम की देश के सभी प्रदेशों सहित दुनिया के अधिकतर देशों में मांग है। आम से न सिर्फ किसानों बल्कि इससे जुड़े कई तरह के कामगार साल भर की आमदनी जुटाते हैं।
फल पट्टी में आम की तुड़ाई, छंटाई, पैकेजिंग, ढुलाई और बेचने में बड़े पैमाने पर लोगों को रोजगार मिलता है। आम की पैकेजिंग के लिए बांस की पेटी बनाने वाले मजदूरों की अच्छी कमाई होती है। आम की तुड़ाई, छटाई, ढुलाई और सफाई जैसे कामों में हजारों श्रमिकों को अच्छी कमाई होती है। 12 बीघे बाग के मालिक पुरवा निवासी रमेश रावत बताते हैं कि कई वर्षों बाद ऐसा बौर आया है।
मौसम अनुकूल बना रहा तो किसानों की कमाई दोगुनी तक हो सकती है। बिराहिमपुर के पुतान, तिलसुवा के ओमप्रकाश और रमगड़ा के संजय ने मंडी के बिचौलियों पर अंकुश लगाए जाने की गांग उठाई है। पाठक पुरवा निवासी सुमित पाठक बताते हैं कि उनके पास दो हेक्टेयर आम के बाग हैं। अमराई की खुशबू और बौर की मजबूती अच्छी पैदावार के संकेत हैं। मंडी की व्यवस्था ठीक हो सके तो किसानों की आमदनी बढ़नी तय है।
खुशबू से सराबोर मैंगोमैन की बगिया
मैंगोमैन के नाम से मशहूर पद्मश्री कलीमुल्ला खां की बगिया अमराई की खुशबू से सराबोर हो चुकी है। उनके बगिया की खासियत है कि यहां दर्जनों अनोखी प्रजातियां हैं। बौर की अच्छी आमद से बेहतर पैदावार की आस बनी है। गुलदस्ते सरीखे तैयार अनारकली पेड़ पर सुर्ख बौर हर किसी को बरबस खींच लेता है। वो बताते हैं कि कई वर्षों बाद बढ़िया बौर आया हैं। किसानों पर मौसम भी मेहरबान है।
नामचीन हस्तियों के नाम पर प्रजातियां
कलीमुल्ला के बाग में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरीखे नेताओं के नाम पर खड़े पेड़ों पर बौर आ चुका है। मुहब्बत की नजीर अनारकली की अमराई तो देखते ही बनती है। देश के दर्जनों नामचीन हस्तियों के नाम पर आम के पेड़ तैयार हैं। इसमें पूर्व राष्ट्रपति भारतरत्न डॉ. एपीजी अब्दुल कलाम प्रमुख हैं। इसके अलावा बॉलीवुड व खेल जगत की नामचीन हस्तियों के नाम भी शामिल हैं। उन्होंने बताया तीन वर्ष पहले प्रधानमंत्री के नाम पर नमो आम का नामकरण किया था। पिछले वर्ष मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम पर भी आम का नामकरण किया गया।
पांच नई वेराइटी का होगा नामकरण
पद्मश्री कलीमुल्ला बताते हैं कि इस वर्ष आम की पांच नई किस्में तैयार हुई हैं। इनमें बौर आ चुका है, फल तैयार होते ही इनका नामकरण होगा। अभी तक पूर्व राष्ट्रपति भारतरत्न एपीजे अब्दुल कलाम, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, सोनिया गांधी, अमिताभ बच्चन, ऐश्वर्या बच्चन, अनारकली, सचिन तेंदुलकर, योगी आदित्यनाथ जैसी चुनिंदा हस्तियों पर आम का नामकरण किया है। देश की खातिर बढ़िया काम करने वालों के नाम पर आम का नामकरण करते रहेंगे।
एक महीने देर से बाजार में आएगा आम
इस पर राजकीय औद्यानिक प्रयोग एवं प्रशिक्षण केंद्र के प्रभारी डॉ. बीपी राम का कहना है कि मौसम के मुफीद होने से पेड़ों पर ज्यादा कीट पतंगे भी नहीं आए हैं। मौसम की मेहरबानी हुई तो रिकॉर्ड आम की पैदावार होगी। इस बार आम की फसल करीब एम महीने देर से तैयार होगी। शुरूआती दिनों में अधिक ठंड पड़ने से पेड़ों पर बौर देर से आया है। गर्मी बढ़ते ही बौर आना शुरू हो चुका है। यह अभी दस दिनों तक जारी रहेगा। लेट बौर आने से आम की सेटिंग अच्छी होगी। पैदावार और आम की गुणवत्ता भी बढ़िया होगी। देरी के चलते बाजार में भी इसकी आमद महीने भर बाद हो सकेगी। इस समय आम के पेड़ों पर आने वाला बौर कीटों से पूरी तरह से मुक्त है।