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Munawwar Rana: 'दुख भी ला सकती है, लेकिन जनवरी अच्छी लगी...' ट्रांसपोर्ट के बिजनेस से शायर बनने तक की कहानी

Mon, 15 Jan 2024 09:09 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: शाहरुख खान Updated Mon, 15 Jan 2024 09:09 AM IST
सार

मशहूर शायर मुनव्वर राना का लखनऊ के एसजीपीजीआई में निधन हो गया है। राना के निधन के बाद शोक की लहर है। राना बीमारी के कारण वह 14 से 15 दिनों तक अस्पताल में भर्ती थे। 

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Famous poet Munawwar Rana passes away says can also bring sorrow but January felt good
Munawwar Rana - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मशहूर शायर मुनव्वर राना का रविवार को निधन हो गया है। देर रात दिल का दौरा पड़ने से राना की मौत हो गई। राना पिछले कई दिनों से लखनऊ के पीजीआई में भर्ती थे। मौत की खबर से रायबरेली में शोक की लहर है। शायर के परिवार में उनकी पत्नी, चार बेटियां और एक बेटा है। राना के बेटे तबरेज ने बताया कि बीमारी के कारण वह 14 से 15 दिनों तक अस्पताल में भर्ती थे। उन्हें पहले लखनऊ के मेदांता और फिर एसजीपीजीआई में भर्ती कराया गया, जहां उन्होंने रविवार रात अंतिम सांस ली।
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मां से इस तरह से लिपट जाऊं की बच्चा हो जाऊं।
मुनव्वर राना के निधन की जैसे ही यह खबर अस्पताल से बाहर आई, रात सोने के लिए बिस्तरों पर पहुंच चुके उनके चाहने वालों की नींदें उड़ गईं। इन्हीं में से एक हैं उनके हम प्याला-हम निवाला रहे वरिष्ठ पत्रकार और वरिष्ठ शायर हसन काजमी। फोन उठाते ही कहा कि ढेरों यादें हैं, सुनाकर कम से कम कुछ तो दिल का बोझ हलका होगा।
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ट्रांसपोर्ट के बिजनेस से शायर बनने तक
हसन काजमी कहते हैं कि उस वक्त तो वे एक ट्रांसपोर्ट का बिजनेस करने वाले थे। रायबरेली के थे, पर रहते कोलकाता में थे। वहीं पढ़े-लिखे और ट्रांसपोर्ट का बिजनेस शुरू किया। फिर रुख किया लखनऊ का, जहां उन्हें शागिर्दी मिली उस्ताद वाली आसी की। यहीं उनसे मिला मैं और कब दोस्त बन गए, पता ही नहीं चला। गुलमर्ग होटल अमीनाबाद में उन्होंने एक कमरा लिया था और शुरू हो गया महफिलों का दौर। इस बीच अखबार निकालने की एक नाकाम कोशिश भी शुरू हुई। कारोबारी नुकसान हुआ तो वे कुछ दिन के लिए फिर चले गए।
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इन बयानों की वजह से रहे चर्चा में

योगी दोबारा मुख्यमंत्री बने तो कर लूंगा पलायन
प्रदेश के विधानसभा चुनाव में पाकिस्तान-पलायन और जिन्ना को लेकर हो रही सियासत को बेमतलब करार देते हुए शायर मुनव्वर राणा ने कहा, वर्तमान सरकार पलायन-पलायन खेल रही है। उन्होंने योगी सरकार पर उन्हें और मुसलमानों को परेशान करने का आरोप लगाते हुए कहा कि अगर प्रदेश में भाजपा की सरकार आ जाती है और योगी फिर से मुख्यमंत्री बनते हैं तो हमें यहां रहने की जरूरत नहीं है, मैं यहां से पलायन कर लूंगा।
 

जिन्ना और पाकिस्तान से चुनाव का क्या लेना-देना
शायर मुनव्वर राना ने कहा की जनता असल मुद्दों पर गौर करके वोट डालेगी। जिन्ना और पाकिस्तान से चुनाव का क्या लेना देना? उन्होंने कहा कि बार बार पाकिस्तान, तालिबान, अब्बाजान जैसी की बात करने का मतलब है कि हिंदुस्तानी मुसलमानों पर आप शक करते हैं। उनके खिलाफ नफरत का माहौल बनाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि एक शायर के दिल मे कौम का दर्द होता है। यही वजह है कि भाजपा सरकार ने हमें परेशान किया।

जाने को हम पाकिस्तान चले जाते, पर ये दोस्त कहां मिलेंगे
उत्तर प्रदेश पावर काॅरपोरेशन में मैनेजिंग डायरेक्टर रहे एपी मिश्रा की नींद खबर सुनते ही उड़ चुकी थी। कहते हैं कि बड़ा बेईमान निकला। कहता था कि जाने को हम पाकिस्तान चले जाते, पर ये दोस्त कहां मिलेंगे। पर अब देखो। कहते हैं कि ये बड़े लोग हैं जीने का हुनर जानते हैं....ये पंक्तियां हम कुछ दोस्त थे, जिन पर लिख डाली थीं। मुलाकात 2000 कुंभ में हुई थी। तब से शायद कोई एक दिन नहीं रहा, जब बात न होती हो। अभी कुछ दिन पहले वादा किया था कि मेरे चैंबर में आकर मुझे कुछ सुनाएगा। सब झूठ निकला।

 

एक सरपरस्त चला गया...
जानी मानी शायरा सबीना अदीब औरंगबाद एक मुशायरे में थीं। लगातार मोबाइल घनघनाए तो फोन उठाया और निधन की सूचना पाते ही कह उठीं, सरपरस्त चला गया। अंतरराष्ट्रीय मुशायरों में जब हम जाते तो लगता की एक अभिभावक, एक सरपरस्त हमारे साथ है।

दुख भी ला सकती है लेकिन जनवरी अच्छी लगी,
जिस तरह बच्चों को जलती फुलझड़ी अच्छी लगी
रो रहे थे सब, तो मैं भी फूटकर रोने लगा
मुझको अपनी मां की, मैली ओढ़नी अच्छी लगी।

ये वो पंक्तियां हैं, जिनके वायरल होते ही मुनव्वर देश-दुनिया में छा गए और लोगों को मिला एक ऐसा शायर, जिसकी हर लाइन मां से शुरू होती और मां पर ही खत्म होती थी। यह भी अजब इत्तेफाक है कि ये जनवरी आई, दुनिया से एक अजीम शख्सियत के चले जाने का दुख दे दिया, पर मुनव्वर की उस ख्वाहिश को पूरा कर दिया, जो उन्होंने अपनी मां की मौत पर कहीं थीं कि
मेरी ख्वाहिश है कि मैं फिर से फरिश्ता हो जाऊं
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