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कानपुर से दी मेरठ स्टेशन उड़ाने की धमकी, सउदी अरब से भी कनेक्शन!

Tue, 19 Jan 2016 05:54 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Tue, 19 Jan 2016 05:54 PM IST
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fake threatening calls keep police on toes

पहले कानपुर के चकेरी थाना, सेंट्रल स्टेशन, दिल्ली स्टेशन और अब मेरठ रेलवे स्टेशन को बम से उड़ाने की धमकी देने वाले युवक के सामने पुलिस असहाय नजर आ रही है। शहर में बैठकर धमकी देने वाले इस शख्स को पुलिस अब तक नहीं पकड़ सकी।

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सेंट्रल स्टेशन जीआरपी ने तो हाथ ही खड़े कर दिए। कहती है कि उसके पास मोबाइल को लिसनिंग और सर्विलांस पर लेने की व्यवस्था ही नहीं है। इसके लिए इलाहाबाद में एसपी रेलवे से अनुमति लेना पड़ती है।
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हालांकि दिल्ली की स्पेशल क्राइम सेल ने धमकी देने वाले के मोबाइल की कॉल डिटेल और सिम के लिए भरे फार्म की फोटो कॉपी देकर लोकेशन बताई थी। वहां पुलिस गई लेकिन धमकी देने वाले का सुराग नहीं लगा।
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रविवार को मेरठ के रेलवे स्टेशन को बम से उड़ाने की धमकी दी गई। फोन करने वाले ने मेरठ जीआरपी प्रभारी से कहा कि प्लेटफार्म नंबर दो को बम से उड़ा दिया जाएगा। प्लेटफार्म और यात्रियों को बचा सकते हो तो बचा लो।

नंबर से सउदी अरब भी हुई बात

fake threatening calls keep police on toes

इस पर वहां की जीआरपी और पुलिस ने संयुक्त रूप से स्टेशन एवं सरकुलेटिंग एरिया की चेकिंग की। हालांकि कोई आपत्तिजनक वस्तु नहीं मिलने पर पुलिस ने राहत की सांस ली। मेरठ जीआरपी प्रभारी ने उक्त नंबर की लोकेशन कानपुर में मिलने पर स्थानीय जीआरपी प्रभारी को इसकी सूचना दी।

पता चला यह नंबर चकेरी के सुभाष रोड निवासी विजय कुमार के बेटे जतिन के नाम रजिस्टर्ड है। जतिन को पुलिस ने उठाया तो पता चला कि एक साल पहले उसका पर्स कहीं गिर गया था। पर्स में पहचान पत्र वोटरआईडी, ड्राइविंग लाइसेंस और पॉलीटेक्निक का परिचय पत्र था।

धमकी देने वाले ने उसकी वोटर आईडी पर मोबाइल सिम जारी करा लिया है। इसी से धमकी देकर पुलिस को परेशान कर रहा है। जीआरपी प्रभारी नंदजी यादव ने बताया कि धमकी देने के बाद शरारती युवक मोबाइल बंद कर लेता है। सर्विलांस और चकेरी थाना पुलिस की मदद से उसका पता लगाया जा रहा है।

जीआरपी ने उक्त नंबर की डिटेल निकाली तो पता चला कि इस नंबर से सऊदी अरब में भी किसी से बातचीत की गई है। डीआईजी कानपुर, जीआरपी प्रभारी समेत कई अफसरों के सीयूजी नंबर मिले हैं। दक्षिण के राज्यों के मोबाइल नंबरों पर भी बात की गई है।

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